Bihar Politics : मांझी के एनडीए में शामिल होने के आसार से कहीं खुशी कहीं गम
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Bihar Politics : मांझी के एनडीए में शामिल होने के आसार से कहीं खुशी कहीं गम
कांग्रेसी नेता अवधेश सिंह (बाएं) को उम्मीद की मांझी साथ रहेंगे, जबकि भाजपा नेता प्रेम कुमार (दाएं) एनडीए में स्वागत करने को तैयार हैं.

कांग्रेस विधायक (Congress MLA) अवधेश कुमार सिंह को उम्मीद है कि मांझी महागठबंधन में ही रहेंगे, जबकि भाजपा नेता प्रेम कुमार ने कहा कि अगर मांझी एनडीए में आते हैं, तो भाजपा उनका स्वागत करेगी.

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  • Last Updated: August 16, 2020, 5:08 PM IST
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गया. बिहार (Bihar) के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी (Former CM Jitan Ram Manjhi) की पार्टी हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) के महागठबंधन से एनडीए (NDA) में जाने की खबरों से उनके गृह जिले गया (Gaya) समेत पूरे मगध की राजनीति गर्म हो गई है. दरअसल, जीतन राम मांझी के पाला बदलने का सबसे ज्यादा असर इन्हीं इलाकों पर पड़ने वाला है. यही वजह है कि मगध के महागठबंधन और एनडीए के नेता ज्यादा दिलचस्पी ले रहे हैं और दोनो गठबंधन के नेता अपने-अपने हिसाब से प्रतिक्रिया दे रहे हैं.

सेक्युलरवाद की दुहाई दे रही है कांग्रेस

इस संबंध में बिहार सरकार के पूर्व पशुपालन मंत्री सह वजीरगंज के कांग्रेस विधायक (Congress MLA) अवधेश कुमार सिंह (Awadhesh Kumar Singh) ने कहा कि जीतन राम मांझी मांझी पुराने कांग्रेसी हैं. वे 1980 में पहली बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े थे. उनकी सोच गरीबों और वंचितों के हक के लिए आवाज उठाने वाले सेक्यूलर नेता की रही है. ऐसे में अगर वे भाजपा और जदयू के साथ एनडीए में जाते हैं तो उनकी छवि को काफी आघात पहुंचेगा. इसलिए उन्हें उम्मीद है कि मांझी महागठबंधन में ही रहेंगे और राजद, कांग्रेस, रालोसपा समेत अन्य सेक्युलर ताकतों के साथ बिहार विधानसभा चुनाव के मैदान में उतरकर साम्प्रदायिक ताकतों को शिकस्त देंगे.



कृषि मंत्री ने किया मांझी का स्वागत
वहीं, मांझी के एनडीए में आने की चर्चा के बीच भाजपा और जदयू के कई नेता व्यंग्य के साथ उनका स्वागत कर रहे हैं. बिहार सरकार के कृषि मंत्री सह भाजपा नेता प्रेम कुमार ने कहा कि जब-जब चुनाव का समय आता है, तो कई नेता और कार्यकर्ता एक दल से दूसरे दल में आते-जाते रहते हैं. अगर पूर्व सीएम जीतन राम मांझी महागठबंधन छोड़कर एनडीए में आते हैं, तो भाजपा उनका स्वागत करेगी, क्योंकि जीतन राम मांझी काफी पुराने और अनुभवी नेता हैं. 2015 का विधानसभा चुनाव उन्होंने भाजपा के साथ ही लड़ा था और उनलोगों ने इमामगंज सुरक्षित सीट से चुनाव जीतवाकर उन्हें विधानसभा भेजा था. बाद में वे भाजपा से अलग होकर महागठबंधन में चले गए थे. पर महागठबंधन में न तो कोई नेता और न ही कोई नीति है. इसलिए, उन्हें वहां उन्हें उचित सम्मान नहीं मिला है और वे वापस एनडीए में आने की तैयारी कर रहे हैं.

कहीं खुशी, कहीं गम

वहीं जीतन राम मांझी के एनडीए में आने से स्थानीय भाजपा और जदयू के कई नेता निराश भी हैं. क्योकि गया जिले के 10 विधानसभा में से कम से कम 3-4 सीट जीतन राम मांझी की पार्टी को मिल सकता है और इन सीटों से चुनाव में प्रत्याशी बनने की उम्मीद लगाए नेता और कार्यकर्ताओं को निराशा मिल सकती है. अभी वे खुलेआम कुछ बोल नहीं रहे हैं, पर पूरे घटनाक्रम पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं. वहीं जीतन राम मांझी के एनडीए में जाने की खबरों से राजद-कांग्रेस और रालोसपा के कई स्थानीय नेता खुश नजर आ रहे हैं और उन्हें लगता है कि इस चुनाव में मांझी के हम पार्टी की सीट से उनलोगों को चुनाव लड़ने का मौका मिल सकता है.
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