• Home
  • »
  • News
  • »
  • bihar
  • »
  • पानी पीकर रोजा तोड़ रहे क्वॉरेंटाइन सेंटर के रोजेदार, अधिकारी बोले- रोज दे रहे खजूर

पानी पीकर रोजा तोड़ रहे क्वॉरेंटाइन सेंटर के रोजेदार, अधिकारी बोले- रोज दे रहे खजूर

गया के एक क्वारंटाइन सेंटर में मुस्लिम रोजेदार

गया के एक क्वारंटाइन सेंटर में मुस्लिम रोजेदार

गया के एक सेंटर में रह रहे रोजेदार मो. इस्लाम, अकबर और सरफराज ने बताया कि हम लोग मुंबई (Mumbai) से आए हैं पिछले 8 दिनों से क्वॉरेंटाइन सेंटर (Quarantine Center) में है यहां 29 रोजेदार है लेकिन सेहरी और इफ्तार के लिए कोई व्यवस्था नहीं है

  • Share this:
गया. देशभर में लगे लॉकडाउन (Lockdown) में बिहारी मजदूर कई जगहों पर फंसे हुए हैं. केंद्र सरकार के आदेश के बाद श्रमिकों को स्पेशल ट्रेन से अपने-अपने राज्यों में भेजा जा रहा है वहीं अल्पसंख्यक समुदाय के श्रमिकों (Migrant Labors) के लिए रमजान माह में अलग क्वॉरेंटाइन सेंटर बनाया गया है. ऐसा ही एक क्वारंटाइन सेंटर गया (Gaya) में भी बनाया गया है लेकिन इस क्वॉरेंटाइन सेंटर (Quarantine Center) में रोजेदारों के लिए रोजा खोलने के लिए दो खजूर भी नसीब नहीं हो रहे है.

गया में दो जगहों पर बनाया गया है स्पेशल क्वारंटीन सेंटर

गया में जो मजदूर अल्पसंख्यक हैं और रोजा रखे हुए हैं उनके लिए जिला प्रशासन ने अलग से जिले में 2 अल्पसंख्यक क्वारन्टीन सेंटर बनाया गया है. जिला प्रशासन दावा करता है कि रोजदारों के लिए सुबह में सेहरी और शाम में रोजा तोड़ने के लिए खजूर, दूध के अलावे फल भी दिया जाता है लेकिन गया जिले के चाकन्द हाई स्कूल में टिके अल्पसंख्यक रोजेदारों ने जिला प्रशासन की बातों को सिरे से नकार दिया है.
इस संबंध में रोजेदार मो. इस्लाम, अकबर और सरफराज ने बताया कि हम लोग मुंबई से आए हैं पिछले 8 दिनों से क्वॉरेंटाइन सेंटर में है यहां 29 रोजेदार है लेकिन सेहरी और इफ्तार के लिए कोई व्यवस्था नहीं है हम लोग के घर से मंगवा कर रोजा खोलते हैं या कभी-कभी पानी पीकर भी रोजा खोलना पड़ता है वही एक दिन का फल को बचा कर उसे अगले दिन में भी यूज कर लेते है.

नहीं हो सकती व्यवस्था तो हमें घर भेज दें

रोजेदारों का कहना है कि एक समय का खाना भी अच्छा नहीं मिलता है. हमलोगों के लिए जिला प्रशासन व्यवस्था नहीं कर पाता है तो हम लोगों को जांच कर घर भेज दिया जाए हम लोग घर में ही होम क्वारन्टीन रह लेंगे. क्वॉरेंटाइन सेंटर की देखरेख कर रहे है पुलिसकर्मी ने भी बताया कि रोजेदारों के लिए यहां कोई व्यवस्था नहीं है. किसी के द्वारा यहां फल की व्यवस्था नहीं की गई हैं. इस मामले में जब अल्पसंख्यक क्वॉरेंटाइन सेंटर के प्रभारी विनय कुमार और जिले के कोरेन्टीन सेंटर के प्रभारी बनाए गए जिला शिक्षा अधिकारी मुस्तफा हुसैन अंसारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि गया जिले में अल्पसंख्यक मजदूरों के लिए दो जगह पर क्वारंटाइन सेंटर बनाए गए हैं जिसमें चाकन्द हाई स्कूल और खिजरसराय का सेंटर शमिल है.

अधिकारियों का दावा

अधिकारियों की मानें तो जितने भी अल्पसंख्यक रोजा रखे हुए हैं उनके लिए सुबह में सेहरी खोलने के लिए दूध और ब्रेड की व्यवस्था की गई है जबकि शाम में रोजा तोड़ने के लिए खजूर समेत फल की व्यवस्था की गई है और रोजाना दोनों टाइम रोजेदारों को पहुंचाया जाता है. सेंटर को देखरेख के लिए नियुक्त किए गए अफसर भी इन्हीं बातों को दोहराते हैं.

ये भी पढ़ें- Bihar Live Update: AES से दो बच्चों की मौैत, कोरोना के संक्रमित 1000 के पास

ये भी पढ़ें- Lockdown: पड़ोसी राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों को छोटे वाहनों से भी लाएगी बिहार सरकार

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज