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    बिहार: सैकड़ों राउंड फायरिंग और 10 लाख के इनामी जोनल कमांडर सहित तीन नक्सली ढेर! जानें एनकाउंटर की पूरी कहानी

    सांकेतिक तस्वीर
    सांकेतिक तस्वीर

    पुलिस-नक्सली मुठभेड़ (Police-naxalite encounter) के दौरान एक पुलिसकर्मी और दो अन्य ग्रामीण भी घायल घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए एएनएमसीएच (ANMCH) में भर्ती कराया गया है.

    • News18 Bihar
    • Last Updated: November 22, 2020, 11:02 AM IST
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    गया. बिहार के गया में पुलिस ने एनकाउंटर (Police  Encounter) में 10 लाख के इनामी एक कुख्यात नक्सली सहित तीन नक्सलियों को मार गिराया है. बताया जा रहा है कि इससे पहले नक्सलियों ने एक बार फिर बड़ी घटना को अंजाम देते हुए दो लोगों की हत्या (Murder) कर दी, जिसके बाद पुलिस ने ये एनकाउंटर किया.

    प्राप्त जानकारी के मुताबिक, नक्सली संगठन के इंदल ग्रुप ने बीती रात बाराचट्टी की के महुआरी में नगरपुरडीह के मुखिया के देवर वीरेंद्र यादव और उनके एक सहयोगी की गोली मारकर हत्या कर दी. इस घटना की सूचना पर सर्च में निकली बाराचट्टी थाना की पुलिस और कोबरा 205 कंपनी की टीम मौके पर तुरंत पहुंचकर नक्सलियों की घेराबंदी कर दी. उसके बाद दोनों तरफ से सैकड़ों राउंड फायरिंग हुई, जिसमें झारखंड सरकार से 10 लाख के इनामी जोनल कमांडर आलोक यादव को मौके पर ही ढेर कर दिया गया. वहीं दो अन्य नक्सली भी घायल होने के बाद मौके से भाग गए थे. हालांकि बाद में पुलिस को उन दोनों की ही लाश मिली.

    मिली जानकारी के अनुसार मुठभेड़ के दौरान एक पुलिसकर्मी और दो अन्य ग्रामीण भी घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए एनएमसीएच में भर्ती कराया गया है. दरअसल मुठभेड़ की यह घटना महुआरी के उस स्थान पर हुई जहां छठ महापर्व के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा था.



    एसएसपी राजीव मिश्रा ने बताया की एक नक्सली आलोक का शव बरामद हो गया है, जबकि दो अन्य नक्सली घायल होने के बाद भाग गए थे. पुलिस ने उनकी तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसके बाद उन दोनों की ही लाश बरामद हुई. पुलिस ने मौके से एक एके-47 और एक इंसास राइफल के साथ ही कई कारतूस और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद की है. सुरक्षाबलों की तरफ से अभी भी सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है.
    गौरतलब है कि नक्सलियों की टीम ने जिस वीरेंन्द्र यादव की हत्या की है, वह और उसका परिवार नक्सलियों के निशाने पर शुरू से ही रहा है. कई साल पहले वीरेंद्र यादव के भाई की हत्या नक्सलियों ने सासाराम इलाके में कर दी थी और वह खुद नक्सलियों के भय से अपने गांव को छोड़कर बाराचट्टी शहर में रहता था, लेकिन छठ महापर्व के अवसर पर वह अपने गांव आया हुआ था. नक्सलियों ने एक सहयोगी के साथ उसकी हत्या कर दी.
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