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CAA विरोधियों की 'सदबुद्धि' के लिए 9 दिनों तक महायज्ञ का आयोजन, 23 को होगा भंडारा
Gaya News in Hindi

Arun Chaurasia | News18 Bihar
Updated: February 18, 2020, 11:11 AM IST
CAA विरोधियों की 'सदबुद्धि' के लिए 9 दिनों तक महायज्ञ का आयोजन, 23 को होगा भंडारा
गया में CAA के समर्थन में महायज्ञ का आयोजन

9 दिवसीय महायज्ञ के आयोजन समिति के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि विश्व में इस समय कई देशों में अशांति का माहौल है. इसलिए इस महायज्ञ में विश्व में शांति के लिए हवन किया जा रहा है.

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  • Last Updated: February 18, 2020, 11:11 AM IST
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गया. नागरिकता संशोधन कानून यानि CAA को लेकर देश की राजनीति गर्म है. संसद से पास इस कानून को लेकर भाजपा एवं उनके सहयोगी आक्रामक है वहीं कांग्रेस एवं राजद समेत कई अन्य राजनीतिक पार्टियां इसका विरोध कर रही हैं. इस कानून के विरोध में गया एवं दिल्ली समेत समूचे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहा है. इस कानून के राजनीतिक समर्थन और विरोध के बीच अब संत महात्मा भी सीएए को लेकर हो रही राजनीति में मैदान में कूद पड़े हैं. इसके लिए गया के मानपुर प्रखंड के स्थित भोरे गांव में 9 दिवसीय महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है जिसमें सीएए का विरोध करने वाले को सद्बुद्धि देने की कामना की जा रही है.

'अज्ञानियों की सद्बुद्धि के लिए यज्ञ'
इस महायज्ञ के मुख्य पुजारी संत अवधेश सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अपने देश में अभी सीईएए और एनपीआर को लेकर कई स्तरों पर विरोध हो रहा है जबकि मोदी सरकार ने देश की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ये दोनों कानून लाया है. कुछ अज्ञानी लोग इस कानून को लेकर देश के एक बड़े वर्ग को भटकाने की कोशिश कर रहे हैं इसलिेए वे लोग इन अज्ञानियों के सद्बुद्धि हेतु महायज्ञ में कामना कर रहें हैं. उन्हें उम्मीद है कि इसका साकारात्मक असर इन विरधियों पर जरूर पड़ेगा.

23 फरवरी को होगा भंडारा



वहीं 15 से 23 फरवरी तक आयोजित 9 दिवसीय महायज्ञ के आयोजन समिति के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि विश्व में इस समय कई देशों में अशांति का माहौल है. इसलिए इस महायज्ञ में विश्व में शांति के लिए हवन किया जा रहा है. सबसे पहले 15 फरवरी को कलश यात्रा से महायज्ञ की शुरूआत की गयी है. यहां अयोध्या समेत देश के कई अन्य हिस्से सं सांधु संत आये हुए हैं. अभी आस-पास के गांव के हजारों लोग महायज्ञ में शामिल होने आ रहे हैं.

उन्होंने बताया कि 23 फरवरी को अंतिम दिन प्रसाद के रूप में भंडारा का आयोजन किया जायेगा जिसमें जिले भर के हजारों लोगों को आमंत्रण भेजा गया है. महायज्ञ हमारे सनातन परम्परा का अभिन्न हिस्सा है और प्रचीनकाल से ही लोग इसमें बढ़-चढ़कर शामिल होते रहे हैं. इस महायज्ञ में भी सभी धर्म और समाज के लोग मिलजुलकर काम कर रहे हैं और उम्मीद है कि इस महायज्ञ का साकारात्मक असर उनके गांव एवं समाज पर जरूर पड़ेगा.

सीएए के विरोध में होते रहे हैं प्रदर्शन
गौरतलब है कि सीएए कानून का बिहार में सबसे पहला विरोध गया से ही शुरू हुआ था और यहां के कटारी हिल रोड स्थित शांतिबाग में 50 दिन से ज्यादा समय से अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है, जिसमें नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, पूर्व सीएम जीतनराम मांझी, पूर्व विस अध्यक्ष उदयनारायम चौधरी, सीपीआई नेता कन्हैया, पूर्व सांसद पप्प यादव, माकपा नेता वृंदा कारात, माले नेता दीपाकंर भट्टाचार्य, रालोसपा नेता उपेन्द्र कुशवाहा समेत कई राजनीतिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक मंच से जुड़े लोग शामिल हो चुके हैं. सीएए कानून के खिलाफ में सोमवार को जमायेत-उलमा-हिन्द ने शहर में विरोध मार्च निकालते हुए जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा है.

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First published: February 18, 2020, 11:10 AM IST
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