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7 दिसंबर को OTA में होगी पासिंग आउट परेड, भूटान और भारतीय सेना को मिलेंगे इतने अधिकारी

Arun Chaurasia | News18 Bihar
Updated: December 4, 2019, 7:30 PM IST
7 दिसंबर को OTA में होगी पासिंग आउट परेड, भूटान और भारतीय सेना को मिलेंगे इतने अधिकारी
ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में 7 दिसंबर को होगी पासिंग आउट परेड.

भारतीय सेना (Indian Army) के गया स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (Officers Training Academy) में 7 दिसंबर को 16वीं पासिंग आउट परेड आयोजित की जाएगी. इससे भूटान (Bhutan) को चार और भारतीय आर्मी को 92 अधिकारी मिलेंगे.

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गया. भारतीय सेना (Indian Army) के गया स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (Officers Training Academy) में 16वीं पासिंग आउट परेड 7 दिसंबर को आयोजित की जा रही है. इस पासिंग आउट परेड में भूटान (Bhutan) के चार और भारत के विभिन्न राज्यों के 92 कैडेट्स (92 Cadets) अधिकारी बनकर अपने देश की सेवा के लिए कमीशन होकर निकलेंगे. जबकि इस पासिंग आउट परेड (Passing Out Parade) से पहले बुधवार को कमाडेंट अवार्ड सेरेमनी का आयोजन किया गया, जिसमें अलग-अलग विधाओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को कमांडेंट सुनील कुमार श्रीवास्तव (Commandate Sunil Kumar Srivastava) द्वारा मेडल और ट्रॉफी से सम्मानित किया. इसमें 22 कैडेट्स को व्यक्तिगत मेडल दिया गया. जबकि पांच ट्रॉफी अलग-अलग कंपनी के प्रतिनिधि को दी गयी हैं.

कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल ने मीडिया से की बात
कमांडेट अवार्ड सेरेमनी के अवसर पर मीडिया से बात करते हुए ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल सुनील श्रीवास्तव ने बताया कि 16वीं पासिंग आउट परेड में वियतनाम पीपुल्स आर्मी के डिप्टी चीफ ऑफ जनरल स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल नमो मिंह तिएन मुख्य अतिथि हैं. जबकि आर्मी ट्रेनिंग कमान के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल पीसी थिम्माया मुख्य होस्ट होगें. वहीं पासिंग आउट परेड की पूर्व संध्या पर मल्टी एक्टिविटी डिस्प्ले का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें प्रशिक्षु कैडेट्स भारतीय सेना के विभिन्न रैंकों की सहायता से शारीरिक प्रशिक्षण, माइक्रोलाइट फ्लाईंग, घुड़सवारी, स्काई डाइविंग और बैंड डिस्प्‍ले मुख्य है.

साथ ही उन्‍होंने बताया कि गया ओटीए का स्लोगन शौर्य, ज्ञान और संकल्प है और वे इसी स्लोगन के अनुरूप भारतीय सेना के लिए बेस्ट अधिकारियों को तैयार करने में लगे हैं. यहां युद्ध के कौशल एवं नीति के साथ ही शारीरिक और मानसिक स्तर पर कैडेट्स में देश की सेवा के लिए जज्बा और जोश भरा जाता है, ताकि वे सेना के अधिकारी के रूप में ईमानदारी, कर्मठता और त्याग के साथ देश के लिए काम कर सकें.

2011 में बनी थी अकादमी
गया स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी का उद्घाटन 18 जुलाई 2011 को तत्कालीन थल सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह ने किया था. यहां दो तरह के एंट्री से आये जवानों को सेना में अधिकारी बनने का प्रशिक्षण दिया जाता है. टेक्निकल एंट्री स्कीम के तहत गणित, भौतिकी एवं रसायन में 70 फीसदी से ज्यादा अंक लाकर हजारों प्रतियोगियों के बीच अपना स्थान बनाने वाले 90 कैडेट्स को पहले यहां एक साल की बेसिक ट्रेनिंग दी जाती है और फिर टेक्निकल पढ़ाई के लिए वे पुणे, सिकंदराबाद एवं मुहू जाते हैं. तीन साल की टेक्निकल पढ़ाई के बाद वे फिर से यहां आते हैं और एक साल की ट्रेनिंग के बाद वे अधिकारी बनकर देश की सेवा के लिए पास आउट होते हैं. जबकि स्पेशल कमीशन के तहत सेना में पहले से कार्य कर रहे जवान विशेष परीक्षा के जरिए यहां एंट्री पाते हैं और एक साल की ट्रेनिंग के बाद वे अधिकारी बनकर सेना की सेवा में चले जाते हैं.

इस साल इतने कैडेट्स हुए हैं शामिल
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इस साल पासिंग आउट परेड में शामिल 96 कैडेट्स में से 87 टेक्निकल एंट्री स्कीम और 9 स्पेशल कमीशन से आए कैडेट्स हैं. 96 में से 4 कैडेट्स भूटान के हैं, जो कि पासिंग आउट परेड के बाद भूटान रॉयल आर्मी में सेना के अधिकारी के रूप में कमीशन होंगे.

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First published: December 4, 2019, 7:29 PM IST
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