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Gaya: पहले घर की छत पर लगाया पौधा, अब 5 कट्ठे में खेती, जानें इस किसान ने क्यों छोड़ी विदेश में नौकरी

लगातार 25 सालों तक फल देने वाले इस पौधे की खेती में शुरुआती लागत तो है, लेकिन उसके बाद भारी मुनाफे का दावा है. गोपाल शर ...अधिक पढ़ें

    रिपोर्ट – कुंदन कुमार

    गया. विदेशों में उगाए जाने वाले फल ड्रैगन फ्रूट की खेती अब बिहार के गया में भी होने लगी है. औषधीय गुणों से भरपूर ड्रैगन फ्रूट की डिमांड बिहार के बाजारों में भी खूब हो रही है. यह एक ऐसा फल है जो एक बार लगाने के बाद 25 वर्षों तक लगातार फल दे सकता है और किसानों की आमदनी को बढ़ा सकता है. गया के जेठियन नया नगर गांव के रहने वाले गोपाल शरण सिंह पूरे जिले में पहले ऐसे किसान हैं, जिन्होंने ड्रैगन फ्रूट की खेती की सफल शुरुआत की है.

    सिंह ने बताया कि प्रयोग के लिए घर के छत पर एक पौधा लगाया. जब प्रयोग सफल हुआ उसमें फल आने लगा तो इसको अपने खेतों में उतार दिया. आज लगभग 5 कट्ठे में इसकी खेती शुरू की. ड्रैगन फ्रूट की खेती आम खेती की तुलना में अधिक लागत वाली खेती है. 1 एकड़ ड्रैगन फ्रूट की खेती में करने में 6-8 लाख रुपये खर्च होते हैं, जबकि मुनाफा सलाना 1-2 लाख रुपए तक होता है. इसकी खेती में एक बार पूंजी लगाने की जरूरत होती है. किसानों को सालों तक इसका लाभ मिलता रहता है.

    विदेश में करते थे काम, सब छोड़कर शुरू की खेती

    विदेशों में मार्केटिंग का काम छोड़ कर गया के गोपाल शरण सिंह ने खेती की शुरुआत की. न्यूज़ 18 लोकल से बात करते हुए उन्होंने बताया इसकी खेती मेक्सिको, ब्राजील और वियतनाम में देखी थी. इसके बाद लगा कि इसकी खेती यहां भी की जा सकती है. मेडिसिनल प्लांट्स होने के कारण इसकी खेती छत पर से शुरू की थी और अब कमर्शियल फार्मिंग के रूप में यह प्रयोग किया गया है.

    ड्रैगन फ्रूट की खेती करने के लिए सबसे पहले किसानों को खेतों में सीमेंट के पिलर गाड़ने होंगे ताकि लंबे समय तक टिका रहे क्योंकि ड्रैगन फ्रूट की खेती ऐसी खेती है जो लंबे समय तक फल देता है. इसको टिके रहने के लिए सहारा चाहिए होता है. पिलर का सहारा लेकर ड्रैगन फ्रूट का पौधा साल भर फल देती रहता है. इसकी खेती में कम तापमान और पानी की ज़रूरत होती है.

    गया का मौसम ड्रैगन फ्रूट के लिए मुफीद

    ड्रैगन फ्रूट की मार्केटिंग की तो इसकी मार्केट पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश तथा अन्य बड़े शहरों में बड़े पैमाने पर है. बिहार में भी मार्केटिंग के चलते अब धीरे-धीरे मांग बढ़ने लगी है. गया के अलावा दूसरे जिलों में भी किसान बढ़-चढ़कर इसकी खेती कर रहे हैं. बाजारों में 300-400 प्रति किलो ड्रैगन फ्रूट आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं. औषधीय गुणों से भरपूर इस फल को खाने से कई बीमारी ठीक होने के दावे किए जा रहे हैं.

    यही नहीं, इस फल का उपयोग खाने के अलावा कॉस्मेटिक सामान बनाने में भी होता है. गया का मौसम ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए उपयुक्त माना जा रहा है. सिंह ने बताया अगर दूसरे किसान इसकी खेती करना चाहते हैं, तो उनके पास पौधा उपलब्ध है वे खरीद सकते हैं और इसकी खेती से जुड़ी टिप्स भी ले सकते हैं. आप गोपाल शरण सिंह के मोबाइल नंबर 8810672087 पर संपर्क कर सकते हैं.

    Tags: Gaya news, Medicinal Farming

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