Bihar Election 2020: वोटर्स की बजाय गांव के पुतले कर रहे नेताओं से डिमांड, जानें क्या है पूरी कहानी

बिहार के गया जिला में खेतों में लगे पुतले
बिहार के गया जिला में खेतों में लगे पुतले

Bihar Assembly Election: बिहार के गया (Gaya) जिले के खेतों में लगे बिजूका (पुतले) चर्चा का विषय बने हुए हैं. विधानसभा चुनावकाल में ग्रामीण मतदाताओंं (Voters) ने अपने गांव में सौर ऊर्जा (Solar Energy) का प्लांट लगाने की मांग पर नेताओं का ध्यान खींचने के लिए पुतले खड़े कर दिए हैं.

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गया. आम तौर पर आपने खेतों में बिजूका (पुतला) लगे हुए देखा होगा, ये पुतला पशु-पक्षियों के भगाने के लिए लगाया जाता है, ताकि पशु पक्षी फसलों को नष्ट कही करें लेकिन बिहार के चुनावकाल (Bihar Election 2020) में इन पुतलों की कहानी कुछ अलग है. बिहार के गया जिले (Gaya) के कई गांव और खेतों में बिजूका लगा हुआ जो यहां आने वाले नेताओं का ध्यान खींचता है. इन पुतलों पर सरकार और स्थानीय नेता जो चुनाव में वोट मांगने आते हैं उनसे सौर ऊर्जा (Solar Energy) लगाने की मांग अनोखे तरीके से की जा रही है. चूंकि इस गांव में बिजली की आंख मिचौली से ग्रामीण परेशान हैं और खेतों में पटवन भी नहीं हो पाता है. ऐसे में इस बार के चुनाव में इस समस्या को उठाने के लिए ग्रामीणों ने यह तरीका अपनाया है.

गया के वजीरगंज विधानसभा क्षेत्र के करजरा गांव के खेतों में नेताओं के लिए बिजूका (पुतला) लगाया गया है, ताकि जो गांव में प्रत्याशी वोट मांगने आए तो उनका ध्यान इस पुतले पर जाए और पुतले के गले में लटके मांगों पर ध्यान आकृष्ट हो. ग्रामीणों का मानना है कि इसके जरिए हो सकता है कि उनकी मांगों पर नेताओं का ध्यान जाए. ग्रामीणों की कुछ और बड़ी मांग नहीं है, लेकिन सौर ऊर्जा को वे वाजिब मांग मानते हैं. इसलिए वे सौर ऊर्जा प्लांट लगाने की मांग कर रहे हैं, ताकि खेतों में पटवन किया जा सके.

ग्रामीण अश्विनी और दिवशंकर ने बताया कि अक्षय ऊर्जा की मांग लंबे समय से की जा रही है. गांव में बिजली ही सिंचाई का एकमात्र साधन है, बारिश कब हो कोई भरोसा नहीं होता. गांव में बिजली है लेकिन आंख मिचौली करते रहती है, जिससे पटवन भी ठीक से नहीं होता है. बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पाती है और महिलाएं घर में कामकाज नहीं कर पाती हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति कम होना भी बड़ी समस्या है.



गया जिला के वजीरगंज विधानसभा क्षेत्र के करजरा गांव के खेतों में लगा पुतला

ग्रामीणों ने बताया कि चुनाव आ चुका है ऐसे में प्रत्याशियों की गांव में दौड़ शुरू होने जा रही है. इन प्रत्याशियों तक अपनी बात आसानी से पहुंचाने के लिए पुतला को सहारा बनाया गया है. गांव के एक दो नहीं, बल्कि कई खेतों में पुतला लगाकर ग्रामीणों ने अपनी मांग की तख्ती इन पर लटका दी है, जिससे गांव में आने वाले प्रत्याशी इन्हें देख कर गांव वालों की समस्या समझ सके.
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