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गोपालगंज की एक और चीनी मिल बंद, बकाया दिये बिना मालिक हो गया फरार
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Updated: January 28, 2020, 12:06 PM IST
गोपालगंज की एक और चीनी मिल बंद, बकाया दिये बिना मालिक हो गया फरार
किसान अपने बकाये को लेकर चक्कर काट रहे है.

गोपालगंज (Gopalganj) की तीन चीनी मिलों (Sugar Mill) में से एक चीनी मिल बंद होने के कगार पर है. इस मिल के प्रबंधक गन्ना किसानों (Sugar Farmers) के बकाये और मिल के बढ़ते घाटे की वजह से फरार हो गए है.

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गोपालगंज. गोपालगंज (Gopalganj) की तीन चीनी मिलों (Sugar Mill) में से एक चीनी मिल बंद होने के कगार पर है. इस मिल के प्रबंधक गन्ना किसानों (Sugar Farmers) के बकाये और मिल के बढ़ते घाटे की वजह से फरार हो गए है. जबकि इसी प्रबंधन समिति के एक और नए सदस्य ने मिल को दोबारा चालू करने की कोशिश भी की. इस कारण जिले की एक और सुगर मिल आज बंद होने के कगार पर है. बताया जा रहा है कि इस मिल का घाटा लगातार बढ़ रहा है. जानकारी मिल रही है कि गन्ना किसानों को लंबे समय से बकाये का भुगतान नहीं हुआ है. साथ ही इस मिल में काम कर रहे मजदूरो को पिछले तीन साल से कोई मजदूरी भी नहीं मिली है.

दो चीनी मिलो में हो रही गन्ने की पेराई
अब जब जिले की दो चीनी मिलो में गन्ने की पेराई अपने चरम पर है. तब जिले के कुचायकोट प्रखंड के सासामुसा में स्थित इस सासामुसा चीनी मिल में किसान अपने बकाये को लेकर चक्कर काट रहे है.
यहां सैकड़ों की संख्या में गन्ना किसान रोज इस मिल में आते है. वे अपने सैकड़ों क्विंटल गन्ना रोजाना लाते हैं. इस उम्मीद में की शायद अब इस मिल में गन्ने की पेराई शुरू हो जाये. उनके पिछले साल का बकाया भी उन्हें मिल जाए. लेकिन रोज ये किसान बैरंग वापस लौट जाते है.

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सासामुसा शुगर मिल की स्थापना 21 मार्च 1933 को की गयी थी.


87 साल पहले हुई थी इस शुगर मिल की स्थापना
दरअसल गोपालगंज के इस सबसे पुराने सासामुसा शुगर मिल की स्थापना 21 मार्च 1933 को की गयी थी. करीब 87 साल पुरानी इस मिल की चीनी की मिठास बिहार और यूपी के साथ देश के सभी कोने में सप्लाई की जाती थी. लेकिन यहां साल 2017 में बायलर टंकी के फटने से 9 मजदूरों की मौत हो गयी. मौत के बाद आक्रोशित लोगों ने मिल में जमकर तोड़फोड़ और लूटपाट की. जिसकी वजह से यह मिल दो साल तक बंद रहा.सरकार और प्रशासनिक पहल से दोबारा मिल हुआ शुरू
पिछले सरकार और जिला प्रशासन की पहल से इस मिल को दोबारा चालू भी कराया गया. लेकिन गन्ने किसानो का अबतक भुगतान नहीं किया गया. इस साल भी भुगतान नहीं होने से नाराज किसानो ने इस मिल को गन्ना देना बंद कर दिया. जबकि किसान और मजदुर अपने बकाये को लेकर चीनी मिल प्रबंधन पर लगातार दबाव बना रहे थे. जिसकी वजह से मिल मालिक और उसके दोनों बेटे मिल के मुख्य गेट में ताला बंद कर फरार हो गए.

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मिल के चीनी की मिठास बिहार और यूपी के साथ देश के सभी कोने में जाती थी.


नये मालिक नहीं कर पा रहे हैं ठोस पहल
जानकारी मिल रही है कि मिल मालिक के परिवार के एक सदस्य साजिद अली ने इस मिल को दोबारा चालू करने की कोशिश की है. लेकिन वे भी किसानो के बकाये के भुगतान और मजदूरों के बकाये को लेकर कोई ठोस पहल नहीं कर पा रहे है. जिसकी वजह से मिल में अब गन्ने की पेराई ठप्प हो गई है.

(रिपोर्ट: मुकेश कुमार, गोपालगंज)

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First published: January 28, 2020, 12:06 PM IST
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