होम /न्यूज /बिहार /टीबी उन्मूलन के लिए गोपालगंज को मिलेगा ब्रॉन्ज मेडल, बिहार के 12 जिलों में प्रस्तावित हुआ नाम

टीबी उन्मूलन के लिए गोपालगंज को मिलेगा ब्रॉन्ज मेडल, बिहार के 12 जिलों में प्रस्तावित हुआ नाम

केंद्र सरकार के द्वारा प्रति वर्ष टीबी उन्मूलन में बेहतर कार्य करने के लिए जिलों के यक्ष्मा विभाग व राज्य स्वास्थ्य विभाग को पुरस्कृत किया जाता है. स्वास्थ्य विभाग ने सारण प्रमंडल के तीनों जिलों सहित 12 जिले का नाम प्रस्तावित कर केंद्र सरकार को भेजा दिया है

केंद्र सरकार के द्वारा प्रति वर्ष टीबी उन्मूलन में बेहतर कार्य करने के लिए जिलों के यक्ष्मा विभाग व राज्य स्वास्थ्य विभाग को पुरस्कृत किया जाता है. स्वास्थ्य विभाग ने सारण प्रमंडल के तीनों जिलों सहित 12 जिले का नाम प्रस्तावित कर केंद्र सरकार को भेजा दिया है

केंद्र सरकार के द्वारा प्रति वर्ष टीबी उन्मूलन में बेहतर कार्य करने के लिए जिलों के यक्ष्मा विभाग व राज्य स्वास्थ्य विभ ...अधिक पढ़ें

  • News18Hindi
  • Last Updated :

    धनंजय कुमार

    गोपालगंज. बिहार के स्वास्थ्य विभाग ने टीबी उन्मूलन में बेहतर कार्य करने के लिए 2023 सब नेशनल सर्टिफिकेशन के तहत मिलने वाले कांस्य पदक (ब्रॉन्ज मेडल) के लिए गोपालगंज जिले का नाम इस साल भी प्रस्तावित किया है. पिछले साल सारण प्रमंडल के तीनों जिलों का चयन स्वास्थ्य्य विभाग के द्वारा किया गया था. दरअसल केंद्र सरकार के द्वारा प्रति वर्ष टीबी उन्मूलन में बेहतर कार्य करने के लिए जिलों के यक्ष्मा विभाग व राज्य स्वास्थ्य विभाग को पुरस्कृत किया जाता है. स्वास्थ्य विभाग ने सारण प्रमंडल के तीनों जिलों सहित 12 जिले का नाम प्रस्तावित कर केंद्र सरकार को भेजा दिया है.

    गोपालगंज में टीबी मरीजों का सर्वे करेगी टीम

    आईसीएमआर, केंद्र सरकार व राज्य सरकार की टीम के नेतृत्व में गोपालगंज के सभी प्रखंडों में टीबी मरीजों के संबंध में सर्वे किया जायेगा. इसके लिए केंद्र सरकार के निर्देश पर स्वास्थ्यकर्मियों की टीम बनायी जायेगी. केंद्रीय टीम के निर्देश पर सभी टीमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर 15 दिन तक लोगों के स्पुटम का सैंपल लेगी.

    क्या कहते हैं सिविल सर्जन

    गोपालगंज के सिविल सर्जन डॉ. वीरेंद्र प्रसाद ने कहा कि भारत सरकार ने वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा है. यह आम जन के सहयोग के बिना संभव नहीं है, इसलिए उन्होंने सभी से टीबी रोगी खोजी अभियान में सहयोग करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि सीने में दर्द होना, चक्कर आना, दो सप्ताह से ज्यादा खांसी या बुखार आना, खांसी के साथ मुंह से खून आना, भूख में कमी और वजन कम होना आदि लक्षण यदि किसी में है तो कैंप में जाकर टीबी की जांच करानी चाहिए. अधिक से अधिक लोग टीबी के लक्षणों के बारे में जानें और अपने आसपास रहने वाले लोगों में यदि इनमें में से कोई भी लक्षण दिखे तो जांच के लिए प्रेरित करें. इससे हमें अपने लक्ष्य को पूरा करने में मदद मिलेगी.

    निक्षय मित्र बन टीबी रोगियों से निभाएं सच्ची मित्रता

    वहीं, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. एसके झा ने कहा कि टीबी रोग के उन्मूलन में सामान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, गैर सरकारी संस्थान, कॉर्पोरेट संस्थान अपनी मजबूत भागीदारी निभा सकते हैं. इसके लिए सरकार ‘निक्षय मित्र’ बनने का मौका दे रही है. अभियान के तहत ‘निक्षय मित्र’ बनने वाले व्यक्ति या संस्थान मरीजों को पोषण, डायग्नोस्टिक और रोजगार के स्तर पर मदद कर उनसे सच्ची मित्रता निभा सकते हैं.

    उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और जिला यक्ष्मा केंद्र ने अपील की है कि ‘निक्षय मित्र’ बनकर टीबी रोगियों की सहायता करने का संकल्प लें. इसके तहत कोई भी सामान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, राजनीतिक दल, गैर सरकारी संस्थान, कॉर्पोरेट संस्थान ‘निक्षय मित्र’ बनकर टीबी रोगियों की मदद कर सकते हैं. पोषण, जांच और रोजगार से जुड़ी मदद कर टीबी मुक्त जिला बनाने में अपना योगदान कर सकते हैं.

    Tags: Bihar health department, Bihar News in hindi, Gopalganj news

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें