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रोजाना 'दहशत' के साए में स्‍कूल जाते हैं छात्र, एक-दूसरे की जिम्‍मेदारी बता टालमटोल कर रहा है प्रशासन

Mukesh Kumar | News18 Bihar
Updated: November 27, 2019, 4:28 PM IST
रोजाना 'दहशत' के साए में स्‍कूल जाते हैं छात्र, एक-दूसरे की जिम्‍मेदारी बता टालमटोल कर रहा है प्रशासन
मामला कुचायकोट के मठियाखास गांव का है.

गोपालगंज (Gopalganj) के कुचायकोट के मठियाखास गांव (Mathiyakhas Village) के बच्‍चे रोजाना बांस के चचरे (Bamboo Bridge) के सहारे स्‍कूल जाते हैं, लेकिन इस दौरान हर वक्‍त उन्‍हें दशहत से गुजरना पड़ा है. जबकि ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है.

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गोपालगंज. बिहार के गोपालगंज (Gopalganj) में जर्जर पुलिया के टूटने के बाद बच्चे बांस के चचरे (Bamboo Bridge) पर चलकर स्कूल पढ़ने जाते हैं. हालांकि यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है. मामला कुचायकोट के मठियाखास गांव (Mathiyakhas Village) से जुड़ा हुआ है, जहां नहर पर कई साल पहले बना पुलिया आधा धवस्त हो चुका हैं, जिसमें कई बच्चे भी घायल हो गए थे. उस वक्‍त बच्‍चों को इलाज के लिए गोरखपुर रेफर किया गया था. खैर, उस घटना के बाद भी कुछ नहीं बदला है और आज भी बच्‍चे इस चचरे से होकर स्‍कूल जाते हैं.

हर किसी को हो रही है परेशान
कुचायकोट प्रखंड के बनतैल मठियाखास गांव के क्षतिग्रस्त पुल से ना सिर्फ स्‍कूल के बच्‍चे बल्कि सैकड़ों ग्रामीण गुजरते हैं. हालांकि पहले से ही जर्जर यह पुल अब पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है और पुलिया का आधा हिस्सा नहर में टूट कर गिर गया है, जिसकी वजह से गंडक नहर के दूसरी तरफ स्कूल जाने वालों बच्चों को उफनती नहर पार कर पढ़ने जाना पड़ता है. यही नहीं, जो बच्चे तैरना नहीं जानते उन्हें कई किलोमीटर की लम्बी दूरी तय कर स्कूल जाना पड़ता है.

गंडक नहर पर बनी है पुलिया

बच्चों और अभिभावकों के मुताबिक गंडक नहर के आरडी 54 केंद्र पर बनी इस पुलिया के 3 वर्ष पूर्व डैमेज होने से करीब 12 लोग घायल हो गए थे. बावजूद इसके पुल की मरम्‍मत की पहल नहीं हुई है. जबकि इसके लिए ग्रामीण स्थानीय विधायक से लेकर सांसद, जिला प्रभारी मंत्री और जिला प्रशासन के आला पदाधिकारियों के यहां गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा है. ग्रामीण शंकर साह के मुताबिक उनका नहर के दूसरी तरफ खेती है. इसके अलावा स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र भी है. पुल ना होने की वजह से सब कुछ बंद होने के कगार पर है. हालांकि ग्रामीणों ने श्रमदान से जर्जर और आधे टूटे पुल पर बांस का चचरा बनाया गया है, ताकि कोई परेशानी ना हो.

हादसे के बाद भी नहीं जागा प्रशासन
पुल के टूटने की वजह से कई लोग घायल हो गए थे. इस मामले पर सारण नहर प्रमंडल के सहायक अभियंता ने बताया कि उन्होंने खुद जेई के साथ इस डैमेज ब्रिज का निरिक्षण कर इसके बगल में दूसरे पुल निर्माण को लेकर विभाग को पत्र लिखा है. उन्होंने कई महीने पूर्व आला पदाधिकारियों को पत्र लिखकर अतिशीघ्र निर्माण की मांग की है. जैसे ही विभाग से स्वीकृति मिल जाएगी. पुल निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा. सहायक अभियंता के मुताबिक इस गंडक नहर पर बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के द्वारा पुल का निर्माण करना है.
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First published: November 27, 2019, 4:23 PM IST
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