गोपालगंज: शिक्षा विभाग के क्लर्क की गोली मारकर हत्या, शिक्षक नियोजन में फर्जीवाड़े का किया था खुलासा
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गोपालगंज: शिक्षा विभाग के क्लर्क की गोली मारकर हत्या, शिक्षक नियोजन में फर्जीवाड़े का किया था खुलासा
मृतक क्लर्क की फाइल फोटो

मृतक अजय ने शिक्षा विभाग के तत्कालीन डीपीओ के साथ मिलकर फर्जी नियोजन से जुड़े बड़े रैकेट को लेकर निगरानी को दस्तावेज सौंपे थे तभी से वो फर्जी नियोजन से जुड़े शिक्षा माफियाओं की नजर में थे.

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गोपालगंज. बिहार के गोपालगंज (Gopalganj) में शिक्षक नियुक्ति में हुए फर्जीवाड़े का खुलासा करने वाले एक क्लर्क (Clerk Murder In Gopalganj) की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई.घटना थावे के लछ्वार की है जहां शिक्षा विभाग के क्लर्क अजय कुमार को निशाना बनाते हुए गोली मारी. अजय की मौत इलाज के दौरान सदर अस्पताल में हो गयी.

जिला में फर्जी शिक्षकों के नियोजन का किया था खुलासा

अजय कुमार शिक्षा विभाग में क्लर्क के पद पर तैनात थे और भोरे के मिश्र बतरहा के रहने वाले थे. बताया जाता है कि उन्होंने शिक्षा विभाग के तत्कालीन डीपीओ के साथ मिलकर फर्जी नियोजन से जुड़े बड़े रैकेट को लेकर निगरानी को दस्तावेज सौंपे थे तभी से वो फर्जी नियोजन से जुड़े शिक्षा माफियाओं की नजर में थे. शिक्षा माफियाओं ने डीपीओ का भी तबादला करा दिया था और शिक्षा विभाग के रिकॉर्ड रूम में  भी रहस्यमयी तरीके से आग लगा दी थी जिसमे 127 फर्जी नियोजन के जांच से सम्बंधित रिकॉर्ड जल गये थे.



डीपीओ का पहले ही हो चुका है तबादला
दस्तावेज को लेकर माफियाओ ने अजय कुमार पर दबाव भी बनाया था. इसलिए शक है कि उनकी हत्या शिक्षा माफिया से जुड़े लोगों ने कराई हो. अजय के साथ काम कर रहे सहकर्मी शिक्षक चन्दन कुमार के मुताबिक जब अजय कुमार को जब सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया तब सिर्फ एक कम्पाउण्डर मौजूद था. यहां ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए कई बार सीएस को फोन किया गया जिसकी वजह से अजय कुमार तड़पते रहे और उनकी इलाज में लापरवाही की वजह से मौत हो गयी.

बाइक सवार अपराधियों ने मारी गोली

सदर एसडीपीओ नरेश पासवान ने बताया कि सुबह 9 बजे के करीब थावे के लछवार गांव के करीब एनएच 85 पर अजय कुमार नाम के व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गयी है. वो शिक्षा विभाग में क्लर्क के पद पर तैनात थे. उन्हें बाइक सवार अज्ञात अपराधियों ने गोली मार ही. फिलहाल पूरे मामले की छानबीन की जा रही है. मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कारवाई की जाएगी.

5 साल पहले हुआ था घोटाला

बता दे की गोपालगंज में वर्ष 2007 से लेकर 2014-2015 में बड़े पैमाने पर शिक्षक नियोजन हुआ था. तब इस मामले में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े की बात सामने आई थी. इसको लेकर तत्कालीन डीपीओ संजय कुमार और डीपीओ क्लर्क अजय कुमार ने इसको लेकर जांच शुरू की थी. जिसके बाद मामला निगरानी विभाग में गया था. अजय कुमार हत्याकांड को लेकर शिक्षा माफियाओं पर भी शक की सुई घूम रही है बहरहाल पुलिस जांच के बाद ही हत्याकांड की गुत्थी सुलझ पायेगी की मामला क्या है.
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