होम /न्यूज /बिहार /

Bihar: इलाज करने के बजाय अस्पताल में मोबाइल चला रहे थे डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी, मरीज की हुई मौत

Bihar: इलाज करने के बजाय अस्पताल में मोबाइल चला रहे थे डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी, मरीज की हुई मौत

गोपालगंज सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में इलाज के अभाव में एक मरीज की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया.

गोपालगंज सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में इलाज के अभाव में एक मरीज की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया.

Jharkhand News: जब स्वास्थ्य कर्मियों से मरीज की स्थिति बिगड़ने की बात कही गई तो वे सभी झल्लाने लगे. मामले की शिकायत अस्पताल के अधिकारियों से की गई, लेकिन कोई मदद नहीं मिली. उपेंद्र कुमार ने कहा कि उनकी दादी तेतरी देवी की देखते ही देखते आंखों के सामने अस्पताल में इलाज के अभाव में मौत हो गई.

अधिक पढ़ें ...

रिपोर्ट-गोविंद कुमार 
गोपालगंज. गोपालगंज सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में इलाज के अभाव में एक मरीज की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया. मृतक मरीज का नाम तेतरी देवी है, जो माझागढ़ थाना क्षेत्र के लंगटुहाता गांव निवासी स्वर्गीय विश्वनाथ यादव की पत्नी थी. परिजनों का आरोप है कि इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टर नहीं थे, जो स्वास्थ्य कर्मी थे वे गपशप करने में मशगूल थे. मरीज को बेहतर इलाज नहीं मिल सका, जिसके कारण उसकी मौत हो गई.
वहीं, हंगामा की सूचना पाकर पहुंची नगर थाने की पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को समझा-बुझाकर किसी तरह से शांत करा दिया. मृतक के परिजन उपेंद्र कुमार का कहना है कि मरीज को जब अस्पताल में लेकर पहुंचे तो इमरजेंसी वार्ड में भर्ती ले लिया गया. उसके बाद डॉक्टर इलाज करने के बजाए मोबाइल चलाते में मशगुल हो गए और बाहर निकल गए.

इसके बाद जब स्वास्थ्य कर्मियों से मरीज की स्थिति बिगड़ने की बात कही गई तो वे सभी झल्लाने लगे. मामले की शिकायत अस्पताल के अधिकारियों से की गई, लेकिन कोई मदद नहीं मिली. उपेंद्र कुमार ने कहा कि उनकी दादी तेतरी देवी की देखते ही देखते आंखों के सामने अस्पताल में इलाज के अभाव में मौत हो गई. इसके बाद नाराज परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया और अस्पताल मैं ड्यूटी पर तैनात डाक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों पर कार्रवाई करने की मांग पर अड़ गए.

वहीं इस मामले में नगर इंस्पेक्टर ललन कुमार ने कहा कि तेतरी देवी नाम के मरीज की मौत के बाद परिजन हंगामा कर रहे थे. कार्रवाई के लिए परिजनों से लिखित शिकायत मांगा गया है. वहीं सिविल सर्जन डॉ वीरेंद्र प्रसाद ने मामले की जांच कर कार्रवाई करने की बात कही है.

बता दें कि सदर अस्पताल में मरीज की मौत का यह कोई पहला मामला नहीं है इससे पहले भी लेबर वार्ड में जच्चा-बच्चा के इलाज के अभाव में मौत हो चुकी है. मरीजों की मौत होने पर अस्पताल प्रशासन हर बार जांच कर कार्रवाई करने की बात कहता है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी रहती है. जिसका खामियाजा सदर अस्पताल में इलाज कराने आए गरीब मरीजों को भुगतना पड़ रहा है.

Tags: Bihar health department, Bihar News, Gopalganj news

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर