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गोपालगंज पहुंचा दिवंगत MLA सुभाष सिंह का पार्थिव शरीर,आज होगा अंतिम संस्कार

गोपालगंज पहुंचा दिवंगत MLA सुभाष सिंह का पार्थिव शरीर,आज होगा अंतिम संस्कार

दिवंगत विधायक सुभाष सिंह का पार्थिव शरीर पहुंचा गोपालगंज

दिवंगत विधायक सुभाष सिंह का पार्थिव शरीर पहुंचा गोपालगंज

Gopalganj MLA Shubhash Singh Death: गोपालगंज से बीजेपी के विधायक और नीतीश सरकार में मंत्री रहे सुभाष सिंह का लंबी बीमारी के बाद मंगलवार को निधन हो गया था. उनके अंतिम संस्कार में बीजेपी के कई नेता शामिल होंगे.

गोपालगंज. बिहार सरकार के पूर्व सहकारिता मंत्री और गोपालगंज सदर विधायक सुभाष सिंह का पार्थिव शरीर गोपालगंज पहुंच गया है. दिवंगत विधायक को भाजपा के जिला कार्यालय पर श्रद्धांजलि देने के बाद उनके पैतृक गांव ख़्वाजेपुर में नारायणी नदी में घाट पर बुधवार की सुबह 10 बजे दाह- संस्कार किया जाएगा. विधायक का पार्थिव शरीर गोपालगंज पहुंचते ही कार्यकर्ताओं ने सुभाष सिंह अमर रहे के नारे लगाए. दाह-संस्कार में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल, पूर्व मंत्री मंगल पांडेय, प्रदेश उपाध्यक्ष मिथिलेश तिवारी समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे.

बता दें कि विधायक सुभाष सिंह का दिल्ली एम्स में किडनी का इलाज चल रहा था. मंगलवार की सुबह इलाज के दौरान दिल्ली एम्स में उनका निधन हो गया था. सुभाष सिंह के राजनीतिक जीवन पर नजर डालें तो वो सीधे व नेक दिल स्वभाव के धनी थे. किसान परिवार में जन्म लेने के कारण पढ़ाई के साथ खेती में हाथ बंटाने में लगे रहते थे. किसानों की समस्या था गन्ना का चीनी मिल में नहीं गिरना. इसके लिए वे किसानों की आवाज बनकर चीनी मिल के खिलाफ आंदोलन 1990 की दशक में करने लगे. बाद में वे केन यूनियन के अध्यक्ष बने. केन यूनियन से कैरियर की शुरूआत करने वाले सुभाष सिंह चौथी बार जब विधानसभा पहुंचे तो उनको 9 फरवरी 2021 को सहकारिता विभाग में मंत्री की जिम्मेदारी मिली. उसके कुछ दिनों बाद से ही वे बीमार चलने लगे थे.

2005 में बने पहली बार विधायक

2005 के विधान सभा चुनाव के फरवरी में हुए विधानसभा चुनाव में सुभाष सिंह को बिहार पीपुल्स पार्टी ने टिकट देकर उम्मीदवार बनाया था. तब वो आनंद मोहन व लवली आनंद के करीबी थे. वो राजद के रेयाजुल हक राजू से चुनाव हार गये. दूसरे स्थान पर रहने के कारण नवंबर 2005 में हुए चुनाव में सुभाष सिंह को भाजपा से टिकट मिल गया, और वे रेयाजुल हक राजू  को हराकर विधानसभा पहुंचे. 2010 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के सुभाष सिंह ने इस सीट पर राजद प्रत्याशी रेयाजुल हक राजू  को 15893 वोटों के अंतर से हराया था. 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा के सुभाष सिंह ने इस सीट पर राजद प्रत्याशी रेयाजुल हक राजू को 5074 वोटों यानी इस सीट पर हुए कुल मतदान के 2.94 % वोटों के अंतर से हराया था. भाजपा को 7849 व राजद को 73417 वोट मिले थे. 2015 में इस सीट पर भाजपा का वोट शेयर 45.49 % था.

तेजस्वी के मामा को दी थी शिकस्त

बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में भाजपा विधायक सुभाष सिंह को 77791 वोट लेकर बसपा के अनिरूद्ध प्रसाद यादव उर्फ साधु यादव को 36752 वोटों से हरा कर चौथी बार विधानसभा पहुंचे थे. साधु यादव को 41,039 वोट मिले थे जबकि महागठबंधन से कांग्रेस के उम्मीदवार रहे बिहार के पूर्व सीएम अब्दुल गफूर के पोते आसिफ गफूर को 36,460 वोट मिला और तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा था. इस तरह राजनीतिक में बड़े-बड़े नेताओं को अपनी लोकप्रियता से शिकस्त दी थी.

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