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Bihar: ऑटो ड्राइवर पिता की मौत पर भी नहीं छोड़ा क्रिकेट, अब टीम इंडिया में मिली जगह

बिहार के गोपालगंज जिला के रहने वाले मुकेश का चयन क्रिकेट की इंडिया ए टीम में हुआ है

बिहार के गोपालगंज जिला के रहने वाले मुकेश का चयन क्रिकेट की इंडिया ए टीम में हुआ है

Bihar Cricketer Mukesh Singh In Team India: बिहार के गोपालगंज जिला के रहने वाले मुकेश कुमार बेहद ही साधारण परिवार से आत ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

मुकेश के पिता कोलकाता में ऑटो चलाते थे
मुकेश बंगाल रणजी टीम से खेलते हैं
मुकेश कुमार का इंडिया-ए क्रिकेट टीम में सेलेक्शन हुआ है

गोपालगंज. ईशान किशन के बाद टीम इंडिया में बिहार के एक और युवा ने अपनी जगह बनााई है. बिहार के गोपालगंज जिला के एक छोटे से गांव काकड़कुंड के रहने वाले और ऑटो ड्राइवर (दिवंगत) के बेटे मुकेश कुमार का चयन इंडिया-ए क्रिकेट टीम में हुआ है. मुकेश कुमार क्रिकेट टीम में बतौर तेज गेंदबाज के रूप में खेलेंगे. छोटे से गांव से निकलकर मुकेश ने नेशनल स्तर पर क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई है और अब वो टीम इंडिया के लिए खेलेंगे.

मुकेश कुमार जल्द ही इंडिया-ए टीम के लिए न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट मैच खेलते हुए नजर आएंगे. मुकेश बिहार के गापेालगंज के छोटे से गांव काकड़कुंड के रहने वाले हैं, जहां उन्होंने गांव की गलियों में क्रिकेट सीखा है. यहां मिंज स्टेडियम में टैलेंट सर्च प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और बेहतर गेंदबाजी के तौर पर जिला क्रिकेट टीम में शामिल हुए. इसके बाद बंगाल टीम से रणजी और अंडर-19 में बेहतर प्रदर्शन किया. अब बिहार का यह सितारा क्रिकेट जगत में चमक रहा है, जहां वह अपने शानदार खेल की छाप छोड़ रहा है.

मुकेश कुमार का इंडिया-ए टीम में सेलेक्शन होने से परिवार के लोग खुश हैं. मुकेश के चाचा धर्मनाथ सिंह बताते हैं कि बचपन मुकेश का क्रिकेट से लगाव रहा. साइकिल से कई किलोमीटर तक जाकर गांव में क्रिकेट खेलने वाले मुकेश का सेलेक्शन जब बंगाल रणजी टीम में हो गया तो परिवार के साथ कोलकाता में ही रहने लगे. दुर्भाग्य रही कि बिहार में उस समय क्रिकेट टीम को मान्यता नहीं मिली थी, इसलिए मुकेश बंगाल से रणजी ट्रॉफी खेलते थे.

क्रिकेटर मुकेश कुमार बेहद साधारण परिवार से आते हैं. घर की माली हालत ठीक नहीं थी. तब उनके पिता कोलकाता में ऑटो चलाते थे. साथी क्रिकेटर और आस पड़ोस के लोग गेंद और कीट खरीदने के लिए पैसा देते थे. मुकेश की मां बताती हैं कि बेटे को बचपन से क्रिकेट खेलने का शौक था. टीवी पर जब भी बेटे को देखती हैं मां की आंखों से आंसू आ जाते हैं. डबडबाइ आंखों से मां मालती देवी कहती हैं कि आज मुकेश के पिता जिंदा होते तो और खुशी होती. मुकेश के पिता काशीनाथ सिंह का पिछले साल निधन हो गया..

बीमारी की वजह से पिता के निधन होने के बाद मुकेश टूट गए फिर भी क्रिकेट की प्रैक्टिस को नहीं छोड़ा और लगातार प्रैक्टिस जारी रखा. आज मुकेश की सफलता पर परिवार के अलावा क्रिकेट प्रेमी काफी खुश हैं. न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली क्रिकेट सीरीज के लिए घोषित की गई इंडिया-ए क्रिकेट टीम में अब मुकेश भी हैं.

इसके पहले आइपीएल ऑक्शन में गोपालगंज के अनुज राज और मोहम्मद अरशद खान के लिए बोली लगी थी. मुंबई इंडियंस ने दोनों खिलाड़ियों को 20-20 लाख में खरीदा था. एक बार फिर मुकेश के इंडिया-ए टीम में चयन होने से क्रिकेट प्रेमियों में खुशी की लहर है.

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