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मिसाल बनीं रेखा देवी, घर के बेकार पड़े कमरों में शुरू की खेती, अब कमाती हैं 3 लाख रुपये  

मिसाल बनीं रेखा देवी, घर के बेकार पड़े कमरों में शुरू की खेती, अब कमाती हैं 3 लाख रुपये  

बिहार के गोपालगंज की रेखा देवी अपने घर के बेकार बड़े कमरों में कर रही हैं मशरूम की खेती.

बिहार के गोपालगंज की रेखा देवी अपने घर के बेकार बड़े कमरों में कर रही हैं मशरूम की खेती.

Mushroom Farming : गोपालगंज जिले के हथुआ की रहने वाली रेखा देवी ने अपने हुनर और क्रिएटिविटी का परिचय देते हुये घर के बेकार पड़े कमरों को खेती के लायक बना दिया है और अब यहां से वह लाखों रुपये भी कमा रही हैं.

    मुकेश कुमार 

    गोपालगंज. अपने घर के बेकार पड़े हुए जगह को कैसे इस्तेमाल किया सकता है, अगर आपको यह जानना है तो आप गोपालगंज (Gopalganj) चले आइए. यहां आपको आपके घर के अंदर खेती करने के एक से बढ़कर एक तरीकों के बारे में जानकारी मिल जाएगी. दरअसल गोपालगंज जिले के हथुआ की रहने वाली रेखा देवी(Rekha Devi) ने अपने हुनर और क्रिएटिविटी का परिचय देते हुये घर के बेकार पड़े कमरों को खेती के लायक बना दिया है. जी हां, रेखा ने अपने घर के अंदर ही बेकार पड़े या इस्तेमाल में नहीं आने वाली जगहों को मशरुम की खेती (Mushroom Farming) के लायक बनाया है. रेखा देवी के अनुसार जब उनके बच्चे पढ़ने के लिए घर से बाहर चले गए, तब वह घर में रहते-रहते बोर हो जाया करती थीं, उनके पास कोई काम नहीं था. ऐसे में उन्हें यह आइडिया आया, जिसके तहत उन्होंने घर के अंदर खेती करने का मन बनाया.
    रेखा कहती हैं कि उनका घर बड़ा है और घर के कई कमरे इस्तेमाल भी नहीं हो रहे थे. ऐसे में उन्होंने पत्रिकाओं और अखबारों के माध्यम से घर में खेती करने से जुड़ी जानकारी जुटाई. धीरे-धीरे जब उन्हें लगा कि अब वह इससे बारे में काफी कुछ जान चुकी हैं तो उन्होंने अपने घर में ही मशरूम की खेती शुरू कर दी.

    घर बैठे मिला रोजगार, आर्थिक स्थिति में हुआ सुधार 
    रेखा देवी ने बताया कि अब वह अपना खाली समय मशरूम की खेती करने में बिताती हैं. उन्हें अब इस काम में बहुत मन लग रहा है. अब घर में बेकार पड़े कमरे भी इस्तेमाल हो रहे हैं और उन्हें घर बैठे एक तरह का रोजगार भी मिल गया है. रेखा के अनुसार वह अपने इस खेती के कार्य से हर साल करीब 3 लाख रुपये तक की आमदनी भी कर लेती हैं. रेखा देवी का कहना है कि उनके इस फैसले से घर की आर्थिक स्थिति भी सुधरी है. अपने हुनर की बदौलत अब वह अपने इलाके की एक बेहतर मशरूम उत्पादक बन गईं हैं और अपने आसपास के लोगों को भी मशरूम की खेती से जुड़े टिप्स दे रही हैं.
    कई प्रकार के मशरूम की करती हैं खेती
    रेखा देवी का कहना है कि वह अपने घर में मशरूम के कई प्रकार जैसे ओएस्टर, पोर्टबेलो, हेडहॉग, शिटाके और बटन की खेती कर रही हैं. वह सालों भर घर में मशरूम का उत्पादन करती हैं, जिसकी बाजार में बहुत डिमांड भी है. हथुआ निवासी पप्पू श्रीवास्तव की पत्नी रेखा देवी मशरूम से बिस्किट, लड्डू और अचार भी बनाती हैं.

    Tags: Bihar News, Farming, Gopalganj news, Mushroom

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