Home /News /bihar /

national lok adalat amicably resolved family matters held today nodmk8

बिहार की लड़की और UP का लड़का, लोक अदालत ने 2 साल से बिखरे परिवार को मिलाया

लोक अदालत में न कोई हारता है और न कोई जीतता है. दोनों पक्ष संतुष्ट होते हैं. फैसले को सिविल न्यायालय की डिग्री का रूप दिया जाता है

लोक अदालत में न कोई हारता है और न कोई जीतता है. दोनों पक्ष संतुष्ट होते हैं. फैसले को सिविल न्यायालय की डिग्री का रूप दिया जाता है

Bihar News: गोपालगंज के निवासी श्रीराम नाथ पंडित की बेटी शीला प्रजापति की शादी 20 अप्रैल, 2016 को यूपी के देवरिया जिले के रहने वाले जितेंद्र प्रजापति से हुई थी. मगर शादी के बाद दोनों के बीच अनबन हो गयी और मामला फैमिली कोर्ट में जा पहुंचा. पति-पत्नी के बीच चल रहे झगड़े को सिविल कोर्ट के वकील वेद प्रकाश तिवारी ने लोक अदालत के जरिये समझा-बुझाकर खत्म करा दिया

अधिक पढ़ें ...

गोपालगंज. नेशनल लोक अदालत (National Lok Adalat) ने त्वरित फैसला देकर बिखरे हुए एक परिवार को जोड़ दिया है. मामला बिहार के गोपालगंज (Gopalganj) जिले के भोरे थाना क्षेत्र के नारू चकरवां गांव का है. यहां के निवासी श्रीराम नाथ पंडित की बेटी शीला प्रजापति की शादी 20 अप्रैल, 2016 को उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के बनकटा थाना क्षेत्र के खुरवरिया गांव निवासी जितेंद्र प्रजापति से हुई थी. मगर शादी के बाद दोनों के बीच अनबन हो गयी और मामला फैमिली कोर्ट (Family Court) में जा पहुंचा. 15 अप्रैल, 2019 से पति-पत्नी के बीच चल रहे झगड़े को सिविल कोर्ट के वकील वेद प्रकाश तिवारी ने लोक अदालत के जरिये समझा-बुझाकर खत्म करा दिया.

इसके अलावा, मांझागढ़ थाना क्षेत्र के गौसिया गांव में जुलाई 2021 में हुए मारपीट के सूचक अंबिका यादव ने गांव के ही पप्पू तिवारी, दयालु तिवारी, आयुष तिवारी पर मारपीट और चोरी का मुकदमा किया गया था. वकील ने दोनों पक्ष के मामले को लोक अदालत के जरिये सुलझाकर खत्म करा दिया.

इसके पहले सिविल कोर्ट परिसर में नेशनल लोक अदालत का विधिवत उद्घाटन जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष विधिक सेवा प्राधिकार विष्णु देव उपाध्याय, सचिव सह एडीजे बालेंद्र शुक्ला, उपाध्यक्ष सह जिलाधिकारी (डीएम) नवल किशोर चौधरी, सदस्य सह पुलिस अधीक्षक (एसपी) आनंद कुमार ने संयुक्त रूप से किया. उद्घाटन के मौके पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि न्यायालयों में मुकदमों का बोझ अधिक है. ग्राम स्तर पर मुकदमों के निष्पादन के लिए सुविधाएं दी गयी है. मिलकर आप सभी मुकदमों का निष्पादन कराएं.

उन्होंने कहा कि लोक अदालत में लिये गये फैसलों की किसी भी अदालत में अपील नहीं है. लोक अदालत में न कोई हारता है और न कोई जीतता है. दोनों पक्ष संतुष्ट होते हैं. फैसले को सिविल न्यायालय की डिग्री का रूप दिया जाता है. उन्होंने कहा कि जिन लोगों के मामले लंबित हैं, वो लोक अदालत के माध्यम से निबटारा करा सकते हैं. मुकदमेबाजी में लगने वाले समय और धन की बर्बादी से बचने के लिए लोक अदालतों का सहारा लिया जा सकता है. लोक अदालत में पहुंचे मुकदमों के निष्पादन के लिए अलग-अलग विभागवार 18 पीठ बनाये गये थे.

Tags: Bihar News in hindi, Gopalganj news, Lok Adalat

विज्ञापन
विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर