भाई की लाश नहीं मिली तो लावारिसों को समझा 'अपना', अब तक 206 का कर चुके हैं अंतिम संस्कार

गोपालगंज निवासी नवीन को इसकी प्रेरणा इलाहाबाद में सविल सर्विसेज की तैयारी के दौरान मिली. नवीन ने बताया कि वहां स्नान के दौरान उनके भाई की मौत हो गई थी, लेकिन उनका शव नहीं मिल सका था.

News18 Bihar
Updated: July 3, 2019, 3:27 PM IST
भाई की लाश नहीं मिली तो लावारिसों को समझा 'अपना', अब तक 206 का कर चुके हैं अंतिम संस्कार
लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करने वाले गोपालगंज के नवीन
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Updated: July 3, 2019, 3:27 PM IST
लावारिस शव का नाम सुनते ही हमारे आपके मन में एक अलग सी भावना जागती है और हम इन शवों से दूर भागने की कोशिश करते हैं. लेकिन, बिहार गोपालगंज में एक शख्स ऐसा है जो इन शवों को अपना समझता है. उन्‍हें इन शवों से ऐसा अपनापन है जो अब तक एक-दो नहीं, बल्कि 206 लावारिस शवों का अंतिम संस्कार कर चुके हैं.

सिविल सर्विस की करते थे तैयारी

कभी सिविल सर्विसेज की तैयारी करने वाला यह युवक अब कोचिंग चलाकर घर का खर्च चलाता है और गोपालगंज में मिलने वाले किसी भी लावारिस शव का पूरे रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार करता है. इनका नाम है नवीन श्रीवास्‍तव. गोपालगंज के नवीन श्रीवास्तव को जैसे ही लावारिस शवों की सूचना मिलती है, वह तत्काल पुलिस से संपर्क कर पहले शवों की पहचान करने की कोशिश करते हैं. पहचान न हो पाने पर उसका अंतिम संस्कार करते हैं.

होती है अपने की भावना

नगर थाना के मिंज स्टेडियम के समीप रहने वाले नवीन श्रीवास्तव के मुताबिक उन्हें लावारिस पड़े शवों में अपना कोई दिखाई देता है इसलिए वो ऐसा करते हैं. नवीन पहले शवों को प्रणाम करते हैं और उसके बाद शवों की गहराई से जांच करते है कि वो किस धर्म से जुड़ा हुआ इन्सान है फिर उसकी पहचान कर उस शव का धर्म के हिसाब से उसका अंतिम संस्कार करते है.

भाई की मौत से मिली प्रेरणा

नवीन को इसकी प्रेरणा इलाहाबाद में सविल सर्विसेज की तैयारी के दौरान मिली. नवीन ने बताया कि वहां स्नान के दौरान उनके भाई की मौत हो गई थी. उन्‍होंने अपने भाई के शव को कई दिनों तक ढूंढा इस दौरान मुझे कई लावारिस शव मिले जो पानी में बह रहे थे. इसी दौरान मुझे इन शवों का अंतिम संस्कार करने की प्रेरणा मिली.
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लावारिस शवों की शिनाख्त करते नवीन


पुलिस के लिए समस्या होता है शवों का अंतिम संस्कार

मंगलवार को गोपालगंज में दो लावारिस शव मिले थे. पहला मामला सदर अस्पताल का था जहा 48 वर्षीय अज्ञात अधेड़ व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई थी. इसके अलावा नगर थाना के बस स्टैंड से एक अज्ञात महिला का शव बरामद किया था जिसे पोस्टमार्टम के लिए नगर थाना पुलिस सदर अस्पताल लेकर आई थी लेकिन पुलिस के सबसे बड़ी समस्या शवों के अंतिम संस्कार को लेकर थी. पुलिस अक्सर लावारिस शवों का अंतिम संस्कार आधा अधूरा छोड़कर ऐसे ही उसे दफ़न कर देती है.
First published: July 3, 2019, 2:58 PM IST
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