बिहार: बाढ़ के पानी में बहकर आए विषैले सांप 6 दिनों में 36 लोगों को काटा, दहशत में लोग

कोबारा (प्रतीकात्मक फोटो-wildlife SOS)
कोबारा (प्रतीकात्मक फोटो-wildlife SOS)

बाढ़ के पानी में कई विषैले सांप (Venomous snake) बहकर गोपालगंज में आये हैं. इन सांपों की वजह से जिले में सर्पदंश (Snake bite) की घटनायें भी लगातार बढ़ रही हैं.

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गोपालगंज. गोपालगंज में ढाई महीने से बाढ़ (Flood) का कहर जारी है. इस कारण हाल के दिनों में जिले में सर्पदंश की घटनाये बढ़ गयी हैं. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक महज 06 दिनों में यहां 36 सर्पदंश (Snake bite) की घटनायें हुई हैं. इनमे दो मासूम समेत अब तक 04 लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि गैरसरकारी आंकड़ों के मुताबिक जिले में एक सप्ताह में सर्पदंश की करीब 60 मामले सामने आये हैं. आंकड़े सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड से लिए गए हैं.

दरअसल बाढ़ के पानी में कई विषैले सांप बहकर गोपालगंज में आये हैं. इन सांपों की वजह से जिले में सर्पदंश की घटनायें भी लगातार बढ़ रही हैं. बावजूद इसके गोपालगंज स्वास्थ्य विभाग सबक लेने के तैयार नहीं है. यहां सर्पदंश की दवा एंटीविनम इंजेक्शन (Anti Venom Injection) का अभाव है. सबसे हैरानी की बात है कि जिले के पीएचसी की कौन कहे यहां सदर अस्पताल में सर्पदंश के इंजेक्शन का अभाव है. जिसकी वजह से  महंगे दाम में बाजार से इंजेक्शन खरीदना पड़ता है या फिर  इलाज के अभाव में या तो मरीजों की मौत हो जाती है.

बता दें कि जिला स्वास्थ्य विभाग के द्वारा दावा किया गया था कि बाढ़ से पूर्व ही जिले में सर्पदंश की पर्याप्त दवा का यहां स्टॉक कर लिया जायेगा. सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के आंकड़ों के मुताबिक 06 दिनों में 36 मरीजों को सांप काटने को लेकर भर्ती कराया गया है. यानी प्रतिदिन 06 मरीज सर्पदंश के शिकार हुए हैं. गैरसरकारी आंकड़ों के मुताबिक एक सप्ताह में 60 लोग सर्पदंश के शिकार हुए हैं. जिसमे अलग अलग थानाक्षेत्रो में 04 लोगों की मौत सर्पदंश से हुई है. जिसमे 02 मासूम बच्चे शामिल हैं.



फुलवरिया के सवन्हा में 08 वर्षीय मासूम विक्की कुमार की मौत हो गयी. जबकि नगर थाना के हजियापुर के चन्दन कुमार, मोहम्मदपुर की ममता कुमारी और नगर थाना के बंजारी टोला की मीना देवी को सर्पदंश के बाद सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. सदर अस्पताल में भर्ती मीना देवी के परिजनों के मुताबिक यहाँ इमरजेंसी वार्ड में उन्हें एंटीविनम इंजेक्शन नहीं दिया गया है. उन्हें बाजार से इंजेक्शन लेकर आने की सलाह दी गयी तब उनका इलाज शुरू किया गया है. वहीं इस मामले में जब सीएस डॉ टीएन सिंह से बात की गयी तो उन्होंने कैमरे के सामने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया.
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