MP से पैदल चले मजदूरों के सूज गए पांव, UP पुलिस की मदद से पहुंचे गोपालगंज
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MP से पैदल चले मजदूरों के सूज गए पांव, UP पुलिस की मदद से पहुंचे गोपालगंज
भिंड से ट्रक में गोपालगंज लौटे बिहार के मजदूर

मध्य प्रदेश के भिंड से पैदल चले मजदूर (Migrant Workers) बिहार के लिए चले क्योंकि उनके पास खाने तक का पैसा नहीं बचा था. पैदल चलते चलते मजदूरों के पांव बुरी तरह से सूज गए थे. यूपी पुलिस ने उन्हें ट्रक में बिठाकर गोपालगंज भेजा.

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गोपालगंज. बिहार के गोपालगंज में लगातार दूसरे राज्यों से कामगार मजदूरों (Migrant Workers) के लौटने का सिलसिला जारी है.  14 मई को करीब एक हजार से ज्यादा मजदूर यूपी की सीमा से गोपालगंज के जलालपुर चेकपोस्ट पर पहुंचे हैं. एक हजार मजदूरों में से 37 मजदूरों का एक जत्था मध्य प्रदेश के भिंड (Bhind) से पैदल ही चला था. रास्ते में कुछ ट्रक वालों ने उन्हें लिफ्ट (Lift in Truck) भी दी. लिफ्ट देने वाले ट्रक चालकों ने मानवीय आधार पर उनकी मदद की और उनसे कोई किराया नहीं लिया. मजदूरों में शामिल सुबोध रजक, निर्मल रजक जैसे करीब तीन दर्जन मजदूर हैं. ये लोग दो माह पहले वहां सरसों की कटाई करने मध्य प्रदेश गए थे. एक माह पूर्व कटाई का काम समाप्त हो गया था , जिसके बाद वे एक माह से वहां बिना काम के बेरोजगार बैठे हुए थे.

'घर वालों को भेज दिया था पैसा, पास में कुछ भी नहीं बचा था'

निर्मल रजक नामक मजदूर ने बताया कि वह मधेपुरा का रहने वाला है. उसके पास कुछ पैसे बचे थे जिन्हें उसने अपने घर वालो को भेज दिया था और उसके पास कुछ भी नहीं बचा था. लिहाजा, वह पैदल ही मध्य प्रदेश से बिहार के लिए चल पड़े. रास्ते में ट्रक वालों ने उसे और अन्य मजदूरों को लिफ्ट दी. उन्होंने कहा कि कहीं कहीं पुलिस वालों ने भी उनकी मदद की और उन्हें मालवाहक ट्रकों पर बैठा दिया. ट्रक चालकों ने इन मजदूरों से मानवता दिखाते हुए कोई पैसे नहीं लिए.



उत्तर प्रदेश पुलिस ने मजदूरों की मदद की
इसी जत्थे में शामिल सहरसा के मनोज शर्मा ने बताया कि वह यूपी में रहकर मजदूरी करता था. वह भी इस जत्थे में शामिल होकर पैदल ही बिहार के लिए चल पड़ा था. उन्हें बहुत जगह यूपी पुलिस के जवान ड्यूटी करते मिले और उन्होंने जब इन पुलिस वालों से मदद की गुहार लगाई तो यूपी पुलिस के जवानों ने राह से गुजर रहे ट्रकों को रुकवाया. इस तरह उन्होंने इन लोगों की बिहार आने में मदद की. ट्रक में मनोज शर्मा अन्य 37 लोगों के साथ बैठकर यात्रा किया. मनोज ने बताया कि हम जिस ट्रक में बैठकर आए, उसें गुवाहाटी जाना था. उस ट्रक पर बहुत सा सामान लदा हुआ था. हम लोग सामान के बीच किसी तरह कई घंटे बैठ कर सफर करते हुए यहाँ बिहार की सीमा में आ पाए है.

चलते चलते सभी के पैर सूजे

इन मजदूरों को ट्रक में सफर करने के अलावा पैदल भी सैंकड़ों किलोमीटर चलना पड़ा. इसके चलते सभी मजदूरों के पैर सूज गए. दर्द से उनका बुरा हाल हो रहा है. वे दर्द निवारक गोलियां खाकर अपना सफर पूरा कर रहे हैं. उन्हें रास्ते में सिर्फ एक जगह खाने का सामान मिला था. इससे पहले ये मजदूर पांच दिन भूखे पेट ही पैदल चल रहे हैं. अभी इस जत्थे में से कई लोगों को मधेपुरा जाना है और कई लोगो को सहरसा. कइयों को नागालैंड की सीमा तक भी पहुंचना है.

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