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Aim Pathshala: बिहार के गांवों में बच्चों को मुफ्त शिक्षा दे रही अफसरों की टोली, दो IAS भी लेते हैं क्लास

Aim Pathshala: बिहार के गोपालगंज में आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को शिक्षा देते हैं आईएएस अफसर.

Aim Pathshala: बिहार के गोपालगंज में आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को शिक्षा देते हैं आईएएस अफसर.

Bihar Aim Pathshala: बिहार के तीन जिलों गोपालगंज, औरंगाबाद और समस्तीपुर में दो आईएएस और एक IRTS अधिकारी एम-पाठशाला चला ...अधिक पढ़ें

गोपालगंज. बिहार के कुछ युवा अधिकारियों की टोली इन दिनों सुर्खियों में हैं. दरअसल युवा अधिकारी, जिसमें दो आईएएस (IAS Officer) और एक कमांडेंट शामिल हैं. य़ह अफसरों की एक ऐसी टीम है, जो ग्रामीण इलाकों में बच्चों के बीच शिक्षा का अलख जगा रही है. ये आईएएस अपनी ड्यूटी से हटकर थोड़ा समय आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के बीच व्यतीत करते हैं. साथ ही उन्हें अलग तरीके से पढ़ाने की कोशिश करते हैं. वो मेधावी बच्चों में उनके सपनों को कैसे पूरा करें, इसके लिए प्रेरित करते हैं.

तीन युवा आईएएस की इस टीम में समस्तीपुर के आईएएस संतोष कुमार, गोपालगंज के आईआरटीएस विजय कुमार और सीआरपीएफ के कमांडेंट रंजन कुमार शामिल हैं. दोनों आईएएस पदाधिकारी 2014 बैच के हैं. युवा आईएएस सन्तोष कुमार, जहां सचिव के पद पर कार्यरत हैं, जबकि विजय कुमार एनई रेलवे में सीओएम के पद पर तैनात हैं. आईएएस संतोष कुमार के मुताबिक वो और उनके दोस्त विजय कुमार ने मिलकर एम पाठशाला (Aim Pathshala) खोली है.

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बिहार के गांव के बच्चों को शिक्षित करने वाले दोनों आईएएस

गरीब छात्रों को दी जाती है मुफ्त शिक्षा

इस एम पाठशाला में ग्रामीण इलाकों के आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्रों को मुफ्त शिक्षा दी जाती है ताकि उनकी प्रतिभा कुंठित ना हो. संतोष कुमार ने कहा कि बिहार के गोपालगंज, समस्तीपुर और औरंगाबाद में आईएएस ऑफिसर्स मिलकर एम पाठशाला चलाते हैं. इस पाठशाला में ग्रामीण परिवेश में आर्थिक रूप से कमजोर निर्धन बच्चों का एडमिशन लिया जाता है साथ ही उन्हें मुक्त शिक्षा दी जाती है और समय-समय पर वो खुद पहुंचकर इन बच्चों को पढ़ाई के बेहतर गुर सिखाते हैं.

“बिहार के छात्र प्रतिभावान हैं, बस उन्हें गाइडेंस की जरूरत”

संतोष कुमार ने कहा कि बिहार के छात्र प्रतिभावान हैं, बस उन्हें गाइडेंस की जरूरत है और बेहतर गाइडेंस मिलने से बच्चे ना सिर्फ अपने क्लास में बेहतर करेंगे बल्कि वो भविष्य को लेकर भी बचपन से ही तैयारी करेंगे. इन आईएएस अधिकारियों के क्लास और स्कूल से बच्चे भी लाभान्वित हो रहे हैं. बच्चे बचपन से ही अपने एम को लेकर टारगेट कर रहे हैं. मांझागढ़ प्रखंड के पिठौरी गांव की छात्रा ऋतु यादव के मुताबिक वह भी एम पाठशाला में पढ़ने आती हैं. आईएएस संतोष सर के गाइडेन्स के बाद उसने अभी से ही सिविल सर्विसेज की पढ़ाई को लेकर फोकस किया है. बहरहाल अधिकारियों की इस पहल से ग्रामीण इलाकों में भी शिक्षा का बेहतर माहौल बन रहा है.

Tags: Bihar News, Gopalganj news, IAS Officer

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