मर्डर केस में फरार आरोपी को यूपी बुलाकर गोलियों से भूना, बचाने गये बुजुर्ग की भी हत्या

हत्या के बाद मौके पर पहुंची पुलिस
हत्या के बाद मौके पर पहुंची पुलिस

उत्तर प्रदेश में हुई इस घटना के बाद गोपालगंज पुलिस के अधिकारियों से भी यूपी पुलिस ने संपर्क कर जांच व कार्रवाई में सहयोग मांगा है. इस घटना के बाद इलाके में चौकसी बढ़ा दी गई है.

  • Share this:
गोपालगंज. यूपी-बिहार की सीमा पर समउर बाजार में बेखौफ अपराधियों ने शनिवार की शाम गोपालगंज के मर्डर केस (Murder) में फरार आरोपित समेत दो लोगों की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी. मृतक विजयीपुर थाने के मझवलिया गांव निवासी काली यादव का पुत्र धर्मेंद्र यादव और यूपी के कुशीनगर (Kushi Nagar) जिले के पटहेरवां थाने के बंगला टोला निवासी बुजुर्ग राम दयाल चौहान बताया गया. वारदात के बाद बाइक सवार अपराधी फायरिंग करते हुए गोपालगंज के कटेया की तरफ भाग निकले.

हत्या के बाद आक्रोशित लोगों ने समउर बाजार को बंद करा दिया और दोनों शवों को सड़क पर रखकर यूपी पुलिस के खिलाफ जमकर हंगामा किया. इस दौरान समउर चौकी, पटहेरवां व तमुकही पुलिस के साथ नोकझोंक भी हुई. वारदात की सूचना पाकर कुशीनगर के पुलिस कप्तान विनोद कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और पुलिस के खिलाफ लोगों का गुस्सा देख समउर चौकी के सभी पुलिसकर्मियों को निलंबित करने का आश्वासन दिया. पुलिस ने करीब तीन घंटे बाद दोनों के शवों को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. हत्या की वजह पुरानी दुश्मनी बतायी जा रही. पुलिस के मुताबिक बाइक सवार अपराधी धर्मेंद्र यादव को मारने के लिए आये थे, जिसमें बीच-बचाव करने के दौरान बुजुर्ग राम दयाल चौहान को गोली मारकर हत्या कर दी.

यूपी-बिहार की सीमा पर हाई अलर्ट 
वारदात के बाद दोनों राज्यों की पुलिस ने सीमा पर चौकसी बढ़ा दी. यूपी के कुशीनगर, देवरिया और गोपालगंज के कटेया, भोरे, कुचायकोट व विजयीपुर थाने की पुलिस ने आने-जाने वाली वाहनों की जांच शुरू कर दी. गोपालगंज के पुलिस अधिकारियों से भी यूपी पुलिस ने संपर्क कर जांच व कार्रवाई में सहयोग मांगा है.
कटेया में मामा के घर रहता था धर्मेंद्र 


समउर बाजार में जिस युवक की गोली मारकर हत्या हुई, उसके परिवार के अन्य सदस्यों को विजयीपुर पुलिस हत्या के मामले में गिरफ्तार जेल भेज चुकी है. जमीन विवाद में मारपीट के दौरान घायल की मौत होने पर मृतक पर हत्या का केस था. जिसके कारण पुलिस की गिरफ्त से फरार होकर कटेया थाने के मचवां में अपने मामा के घर रहता था.

फोन पर बुलाकर हुई धर्मेंद्र की हत्या
हत्या के बाद मृतक के साथ मौजुद रहे कटेया के दतपट्टी निवासी चश्मदीद गवाह व मौसेरे भाई शारदा नंद यादव ने पुलिस को बताया कि विजयीपुर से किसी का कॉल आया. जिसमें समउर बाजार में बैठकर हत्या के मामले को सुलह कराने के लिए बातचीत करने को कहा गया. इसलिए धर्मेंद्र ने अपने मौसेरे भाई शारदानंद को अपने साथ लेकर बाइक से समउर बाजार गया था. बाजार में पहुंचते ही पहले से घात लगाकर मौजुद अपराधियों ने गोलियां चलानी शुरू कर दी. जिसमें शारदानंद जान बचाकर भाग निकला.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज