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यूनिवर्सिटी और सराकर की अनदेखी के बाद ABVP ने शुरू किया भिक्षाटन, ये है मकसद

KC Kundan | News18 Bihar
Updated: November 29, 2019, 4:43 PM IST
यूनिवर्सिटी और सराकर की अनदेखी के बाद ABVP ने शुरू किया भिक्षाटन, ये है मकसद
कमरों में पढ़ने में छात्रों को होती है परेशानी.

विश्वविद्यालय (University) और कॉलेज प्रशासन (College Administration) की अनदेखी के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad) ने अब कॉलेज के जीर्णोद्धार का बीड़ा उठा लिया है. इसके लिए वह भिक्षाटन करेंगे.

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जमुई. जब विश्वविद्यालय (University) ने बात नहीं सुनी और कॉलेज प्रशासन (College Administration) ने अनदेखी की तो छात्रों ने ही अब कॉलेज के जीर्णोद्धार का बीड़ा उठा लिया है. इस बाबत छात्र भिक्षाटन (Begging) कर लोगों से सहयोग मांग कर कॉलेज भवन की मरम्मत के साथ कमरों में पढ़ाई के लिए उचित माहौल बनाने का काम करेंगे. जमुई जिला मुख्यालय का एकमात्र सरकारी कॉलेज जो सिर्फ जमुई जिले (Jamui District) के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा का केंद्र नहीं है बल्कि यहां दूसरे जिले के छात्र भी आकर उच्च शिक्षा ग्रहण करते हैं. जबकि विश्वविद्यालय और सरकार की अनदेखी के कारण कॉलेज का भवन जर्जर हो चुका है. कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र और छात्र संघ कॉलेज भवन की मरम्मत के लिए कई बार मांग कर चुके हैं, लेकिन कुछ नहीं हुआ, लिहाजा अब छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad) ने खुद जिमा उठाते हुए सहयोग के लिए चंदा और भिक्षाटन करने का निर्णय लिया है.

जिद बनी भिक्षाटन की वजह
सूबे का पिछड़ा जिला माने जाने वाले जमुई मुख्यालय के कई छात्रों अपने हाथों में बैनर और डब्बा लिए हुए भिक्षाटन शुरू कर दिया है. जबकि उन्‍होंने कॉलेज भवन की मरम्मत अपनी जिद बना ली है. जमुई के केकेएम कॉलेज के छात्रों ने शुक्रवार से भिक्षाटन का काम छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बैनर तले अलग-अलग झुंड बनाकर शुरू कर दिया है. जबकि सहयोग मांगने का काम छात्रों ने सबसे पहले कॉलेज परिसर से ही किया. कॉलेज परिसर में छात्र हाथों में डब्बा लेकर छात्रों से, शिक्षकों से और कॉलेज के कर्मचारियों से सहायता राशि मांगी. जबकि छात्र शहर में अलग-अलग स्थानों पर घूम कर भी चंदा इकट्ठा कर रहे हैं. जीर्णोद्धार के लिए चंदा इकट्ठा करने की मजबूरी के बारे में छात्र संगठन कहना है कि कई बार उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ. वहीं कॉलेज के कई छात्रों ने बताया कि कॉलेज भवन की छत से बरसात में पानी टपकता है. यही नहीं, छत से पपड़ियां टूट- टूट कर जमीन पर गिरती है और खिड़कियां टूट चुकी हैं. जबकि कॉलेज भवन के कमरों में न तो लाइट है और न पंखे.

एबीवीपी ने कही ये बात

छात्र संगठन एबीवीपी के मुंगेर विश्वविद्यालय के सिनेट सदस्य शैलेश कुमार ने बताया कि विश्वविद्यालय के वीसी से इस बारे में कई बार शिकायत करते हुए मरम्‍मत की मांग की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने के बाद छात्रों ने खुद भिक्षाटन का बीड़ा खुद उठा लिया. अब हम भिक्षाटन से आने वाले से फंड से कॉलेज के कमरों का जीर्णोद्धार करवाएंगे.

केकेएम कॉलेज 1955 में स्थापित हुआ था, जो कि जमुई शहर का एकमात्र सरकारी कॉलेज है. शुरुआत में जो भवन बना वही आज भी कायम है और यह अब जर्जर हो चुका है.


कॉलेज प्रभारी ने ये कहा
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छात्रों के चंदा इकट्ठा करने के मामले में कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ. जगरूप प्रसाद का मानना है कि यह छात्रों और छात्र संगठन का प्रतीकात्मक विरोध है. छात्र संगठन ने कई बार कॉलेज के भवनों के मरम्मत की मांग है और कॉलेज प्रशासन भी विश्वविद्यालय से कई बार इस बारे में पत्र लिख चुका है. इस मामले को लेकर कार्रवाई भी की जा रही है और जल्द ही कॉलेज के जीर्णोद्धार व मरम्मत का काम शुरू होगा.

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First published: November 29, 2019, 4:25 PM IST
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