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राई से पहाड़ बनीं अनीशा, करेंगी माउंट एवरेस्ट फतह, बेस कैंप के लिए 20 अगस्त को होंगी रवाना

राई से पहाड़ बनीं अनीशा, करेंगी माउंट एवरेस्ट फतह, बेस कैंप के लिए 20 अगस्त को होंगी रवाना

जमुई के डीएम अवनीश कुमार सिंह के साथ पर्वतारोही अनीशा दुबे.

जमुई के डीएम अवनीश कुमार सिंह के साथ पर्वतारोही अनीशा दुबे.

Mount Everest: अपने बचपन में ही पिता को खोने के बाद अनीशा अपनी मां के सहयोग और खुद के बल पर पर्वतारोही के रूप में माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करना चाहती थीं. उनका यह सपना अब पूरा होने वाला है. इसी 20 अगस्त को वे जमुई से प्रस्थान कर रही हैं माउंट एवरेस्ट के बेस कैंप के लिए.

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हाइलाइट्स

अनीशा दुबे 20 अगस्त को जमुई से माउंट एवरेस्ट के बेस कैंप के लिए प्रस्थान कर रही हैं.
माउंट एवरेस्ट की 20 हजार फीट ऊंची चोटी फतह के टारगेट के साथ जा रही हैं बेस कैंप.
इससे पहले वे हिमाचल प्रदेश के पतालसु के 14 हजार की चोटी पर तिरंगा लहरा चुकी हैं.

जमुई. इच्छाशक्ति मजबूत हो तो रास्ते के पहाड़ राई हो जाते हैं और आप राई से पहाड़. जमुई जिले की पर्वतारोही अनीशा दुबे ऐसी ही हैं जिन्होंने खुद को पहाड़ सा ऊंचा बना लिया है और उनके रास्ते में आनेवाली रुकावटों के पहाड़ राई बन गए हैं. बता दें कि अनीशा अब माउंट एवरेस्ट के बेस कैंप पर 20 हजार फीट की चढ़ाई करेंगी.

माउंट एवरेस्ट के बेस कैंप की चोटी पर जाने से पहले जिले के डीएम अवनीश कुमार सिंह ने अनीशा से मुलाकात की, उनका हौसला बढ़ाया और आर्थिक मदद की. बता दें कि इससे पहले अनीशा हिमाचल प्रदेश के पतालसु के 14 हजार की चोटी पर तिरंगा लहरा चुकी हैं. अपने बचपन में ही पिता को खोने के बाद अनीशा अपनी मां के सहयोग और खुद के बल पर पर्वतारोही के रूप में माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करना चाहती थीं. उनका यह सपना अब पूरा होने वाला है. इसी 20 अगस्त को वे जमुई से प्रस्थान कर रही हैं माउंट एवरेस्ट के बेस कैंप के लिए.

दरअसल अनीशा के पिता की मौत बीमारी के कारण तब हो गई थी, जब वह महज 3 साल की थीं. तब से मां ने ही बेटी के सपनों को पंख दिया है. मां की प्रेरणा से अनिशा ने पर्वतारोही के रूप में पहचान बनाई है. यही कारण है कि मुश्किलों का सामना करते हुए अनीशा ने 2021 में हिमाचल प्रदेश की पतलासु की 14 हजार फीट की ऊंचाई पर चढ़ाई कर तिरंगा लहराया पाईं.

अब इस 20 अगस्त को अनीशा एकबार फिर पर्वतारोहण के लिए जमुई से माउंट एवरेस्ट के बेस कैंप के लिए प्रस्थान कर रही हैं, जहां 20 हजार फीट ऊंची चढ़ाई वे करेंगी. इस बार पर्वतारोहण पर जाने के लिए अनीशा को 70 हजार रुपए की जरूरत थी. पर इस परिवार के पास इतने रुपए नहीं थे. लेकिन जमुई की इस बेटी की मदद में इलाके के लोग उतर आए. अनीशा को आर्थिक सहयोग मिला. जिले के डीएम अवनीश कुमार सिंह को जब यह पता चला तो उन्होंने अनीशा को अपने कार्यालय बुलाकर उसका हौसला बढ़ाया और आर्थिक सहायता की. मुलाकात और मनोबल बढ़ाने के बाद जहां डीएम ने अनीशा को शुभकामना देते हुए कहा कि इससे जिले के और भी युवाओं का मनोबल बढ़ेगा, वहीं 22 साल की पर्वतारोही ने बताया कि इससे उसका हौसला और बढ़ा है. इसी 20 तारीख को अनीशा माउंट एवरेस्ट फतह करने के लिए बेस कैंप रवाना होंगी.

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