Bihar चुनाव जमुई : शहरी और ग्रामीण वोटर वाली ये है VIP सीट

ज़िला मुख्यालय होने के बावजूद जमुई विकास में काफी पिछड़ा हुआ है.
ज़िला मुख्यालय होने के बावजूद जमुई विकास में काफी पिछड़ा हुआ है.

जमुई विधानसभा (Jamui seat) क्षेत्र में इस बार 293587 मतदाता (Voters) हैं. इनमें से 155785 पुरुष और 137194 महिला मतदाता हैं. इनके लिए इस बार 436 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. यहां 2020 के विधान सभा चुनाव में पहले चरण में 28 अक्टूबर को मतदान होना है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 5, 2020, 12:17 PM IST
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जमुई.जमुई बिहार (Bihar) का विधानसभा क्रमांक 241 जिला मुख्यालय होने के कारण जिले की एक महत्वपूर्ण और वीआईपी सीट (VIP Seat) है. यहां ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों के वोटर हैं.नरेंद्र सिंह और जयप्रकाश नारायण यादव का अभी तक इस सीट पर दबदबा रहा है. अब ये सीट RJD के कब्जे में है.

जमुई विधानसभा सीट पर अगर राजनीतिक समीकरण की बात करें तो बीते कुछ चुनाव में यहां पर राजद नेता जयप्रकाश नारायण यादव और पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह का दबदबा रहा है. 2015 के चुनाव में नरेंद्र सिंह के पुत्र भाजपा प्रत्याशी अजय प्रताप जयप्रकाश को नारायण यादव के छोटे भाई राजद प्रत्याशी विजय प्रकाश ने हरा दिया था. उस विधानसभा चुनाव में बतौर एनडीए प्रत्याशी अजय प्रताप भाजपा के उम्मीदवार थे जबकि महागठबंधन के प्रत्याशी के रूप में राजद के टिकट पर विजय प्रकाश चुनाव लड़े थे. इसमें विजय प्रकाश को 66577 वोट मिले थे जबकि अजय प्रताप को 58328 वोट प्राप्त हुए थे. उससे पहले 2010 के विधानसभा चुनाव में अजय प्रताप एनडीए से जदयू के उम्मीदवार थे उन्होंने राजद प्रत्याशी विजय प्रकाश को हराया था. 2005 अक्टूबर के विधान सभा चुनाव में जदयू के अभय सिंह विधायक बने थे. उन्होंने राजद प्रत्याशी विजय प्रकाश को हराया था.

कई हैं समस्याएं
जमुई विधानसभा क्षेत्र का उत्तरी भाग मुंगेर और लखीसराय से सटा है. इस विधानसभा क्षेत्र में बरहट, सदर और खैरा प्रखंड की 10 पंचायत के साथ जमुई नगर परिषद के 30 वार्ड शामिल हैं. यहां विधानसभा क्षेत्र में नगर परिषद में रहने वाले शहरी वोटर हैं तो वहीं ग्रामीण इलाके में किसान और मजदूरी करने वाले वोटर हैं. जमुई नगर परिषद क्षेत्र में गंदे पानी की निकासी और बायपास न होने की बड़ी समस्या है. जिला बनने के तीन दशक बाद भी बायपास न बनने के कारण शहर की मुख्य सड़क पर जाम की समस्या है. इस विधानसभा क्षेत्र में ग्रामीण इलाके से रोजगार की तलाश में लोगों का पलायन भी होता है. शिक्षा के क्षेत्र में भी बात करें तो जिला मुख्यालय में पीजी कॉलेज नहीं है.जिले की के लड़कियों को बेहतर शिक्षा मिल सके, उसका कोई इंतजा़म नहीं है, क्योंकि जिला मुख्यालय में एक भी सरकारी महिला कॉलेज नहीं है.



28 को मतदान
जमुई विधानसभा क्षेत्र में इस बार 293587 मतदाता हैं. इनमें से 155785 पुरुष और 137194 महिला मतदाता हैं. इनके लिए इस बार 436 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. यहां 2020 के विधान सभा चुनाव में पहले चरण में 28 अक्टूबर को मतदान होना है.
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