Chakai Election Result Live: निर्दलीय उम्मीदवार सुमित सिंह ने हासिल की करिश्माई जीत, राजद की सावित्री देवी को 581 वोट से हराया

Chakai Chunav Result: चकाई विधानसभा क्षेत्र जमुई जिले के दो प्रखंड सोनो और चकाई को मिलाकर बना है
Chakai Chunav Result: चकाई विधानसभा क्षेत्र जमुई जिले के दो प्रखंड सोनो और चकाई को मिलाकर बना है

Chakai Bihar Vidhan Sabha Chunav Result 2020 Live: चकई विधानसभा सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार सुमित सिंह ने हासिल की करिश्माई जीत हासिल की है. उन्होंने राजद की सावित्री देवी को 581 वोट से हरा दिया है. सुमित कुमार सिंह को 45,375 वोट मिले वहीं सावित्री देवी ने 44,721 वोट हासिल किए.

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जमुई. जमुई जिले में चौथी विधानसभा सीट (Assembly seat) है चकाई (Chakai). चकई विधानसभा सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार सुमित सिंह ने हासिल की करिश्माई जीत हासिल की है. उन्होंने राजद की सावित्री देवी को 581 वोट से हरा दिया है. सुमित कुमार सिंह को 45548 वोट मिले वहीं सावित्री देवी ने 44967 वोट हासिल किए.  इस विधानसभा क्षेत्र की संख्या 243 है. यह बिहार (bihar) प्रदेश के अंतिम छोर पर झारखंड राज्य से सटा हुआ इलाका है. जिस तरह बिहार प्रदेश के नक्शे में जमुई जिला पूर्व दक्षिण कोने पर है उसी तरह से चकाई विधानसभा सीट भी बिहार और जमुई जिले के पूर्व दक्षिण कोने पर स्थित है. झारखंड राज्य के गिरिडीह और देवघर से सटे जमुई का चकाई विधानसभा क्षेत्र वन संपदा से भरा पूरा है. हालांकि बीते कई वर्षों से पूरा क्षेत्र नक्सल समस्या से जूझ रहा है इसका असर इलाके के विकास पर पड़ा है.

राजनीतिक समीकरण पर गौर करें तो जिले की इस चकाई विधानसभा सीट पर बीते कई चुनावों में दो ही परिवार का दबदबा रहा है. नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव के कैबिनेट में मंत्री रहे नरेंद्र सिंह इस क्षेत्र से कई बार विधायक रह चुके हैं. नरेंद्र सिंह के पिता समाजवादी नेता श्रीकृष्ण सिंह भी चकाई विधानसभा क्षेत्र का कई बार प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. 2005 फ़रवरी में हुए चुनाव में नरेंद्र सिंह के पुत्र अभय सिंह यहां से निर्वाचित हुए थे. नरेंद्र सिंह के पुत्र सुमित कुमार सिंह भी 2010 के चुनाव में क्षेत्र से विधायक चुने गए थे. दूसरी तरफ फाल्गुनी प्रसाद यादव भी इस क्षेत्र के कई बार विधायक रह चुके हैं. 2015 में पिछले बिहार विधानसभा चुनाव में फाल्गुनी प्रसाद यादव की पत्नी सावित्री देवी राजद के टिकट से चुनाव जीती थीं.

नक्सल समस्या ने रोका विकास
चकाई विधानसभा क्षेत्र के लोगों की सबसे बड़ी परेशानी है नक्सल समस्या. खासकर इलाके का वह सीमा क्षेत्र जो गिरिडीह से सटा है. उस इलाके के जंगलों और पहाड़ों में नक्सली संगठन लोगों को परेशान ज्यादा करते हैं. चकाई विधानसभा क्षेत्र जमुई जिले के दो प्रखंड सोनो और चकाई को मिलाकर बना है. 1962 के विधानसभा चुनाव में अस्तित्व में आए इस क्षेत्र का ज्यादातर इलाका जिले से गुजरने वाली बरनार नदी के आसपास बसा है.यहां पर किसानों की सबसे बड़ी मांग बरनार जलाशय परियोजना है. इस पर राजनीति तो खूब होती रही लेकिन आज तक उसका निर्माण शुरू नहीं हो सका.
पिछले दो नतीजे


2015 के विधानसभा चुनाव में सावित्री देवी इस सीट से निर्वाचित हुई थी. उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी सुमित कुमार सिंह को हराया था. जबकि एनडीए प्रत्याशी लोजपा के टिकट पर चुनाव लड़े विजय कुमार सिंह को तीसरा स्थान मिला था. उससे पहले 2010 के विधानसभा चुनाव में झामुमो के टिकट पर सुमित कुमार सिंह निर्वाचित हुए थे. उन्होंने उस समय लोजपा प्रत्याशी विजय कुमार सिंह को हराया था. फाल्गुनी प्रसाद यादव जो भाजपा के प्रत्याशी थे उन्हें तीसरा स्थान मिला था. सुमित कुमार सिंह बाद में जनता दल यूनाइटेड में शामिल हो गए.

437 मतदान केंद्र-284685 वोटर
2020 में चुनाव से ठीक पहले इसी विधानसभा क्षेत्र के माधोपुर में एक बायोडायवर्सिटी पार्क का निर्माण सरकार ने करवाया है. यहां पर वेद से जुड़े कई वन लगाए गए हैं. सरकार का प्रयास है कि यह इलाका पर्यटन के क्षेत्र मैं आगे बढ़े. इस बार इस विधानसभा क्षेत्र में 437 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. इसमें 116 मतदान केंद्र सहायक हैं जो कोरोना के कारण बनाए गए हैं. इस विधानसभा क्षेत्र में  284685 वोटर है इसमें पुरुष मतदाता की संख्या 151019 और महिला मतदाता 133652 हैं.
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