Jhajha Election Result Live: जदयू के दामोदर रावत ने राजद के राजेंद्र प्रसाद को 1,679 वोट से हराया

Jhajha Chunav Result: झाझा विधानसभा सीट पर कांटे की टक्कर देखने को मिली
Jhajha Chunav Result: झाझा विधानसभा सीट पर कांटे की टक्कर देखने को मिली

Jhajha Bihar Vidhan Sabha Chunav Result 2020 Live: झाझा विधानसभा सीट (Jhajha Vidhan Sabha constituency) पर कांटे की टक्कर देखने को मिली. यहां से जदयू के दामोदर रावत (Damodar Rawat) ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी राजद के राजेंद्र प्रसाद (Rajendra Prasad) को 1,679 वोट से हरा दिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 11, 2020, 4:12 AM IST
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जमुई. जमुई (Jamui) जिले की झाझा विधानसभा सीट (Jhajha Vidhan Sabha constituency) पर कांटे की टक्कर देखने को मिली. यहां से जदयू के दामोदर रावत (Damodar Rawat) ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी राजद के राजेंद्र प्रसाद (Rajendra Prasad) को 1,679 वोट से हरा दिया है. दामोदर रावत को 76972 वोट मिले वहीं राजेंद्र प्रसाद को 75293 वोट मिले. झाझा को वीआईपी सीट मानी जाती है. इस विधानसभा क्षेत्र में भी शहरी और ग्रामीण इलाके के वोटर अपना विधायक चुनते हैं. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly election) में झाझा विधानसभा क्षेत्र की संख्या 242 है, जो तीन प्रखंड क्षेत्र को मिलाकर बना है. पिछले चुनावों से देखा जा रहा है कि बिहार के सीएम नीतीश कुमार के खास माने जाने वाले दामोदर रावत चार बार यहां का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. हालांकि 2015 के विधानसभा चुनाव में उन्हें भाजपा के डॉ रविंद्र यादव से हार का सामना करना पड़ा था.

झाझा जो रेल नगरी के नाम से जाना जाता है. उसी नाम से बनाया विधानसभा क्षेत्र बीड़ी व्यवसाय के लिए भी अपना पहचान रखता है. दरअसल इस विधानसभा क्षेत्र में घर में रहने वाली ज्यादातर महिलाएं बीड़ी बना कर अपने परिवार को आर्थिक बल देती हैं.

3 प्रखंड और 30 वॉर्ड
जमुई जिले का झाझा विधानसभा क्षेत्र तीन प्रखंड झाझा, गिद्धौर, लक्ष्मीपुर और एक नगर पंचायत के 30 वार्डो को मिलाकर बना है.बिहार की मिनी शिमला कहे जाने वाला सिमुलतला भी इसी विधानसभा क्षेत्र में है. यहां शिक्षा के क्षेत्र में हाल के वर्षों में नाम कमाने वाला सिमुलतला आवासीय विद्यालय मौजूद है. इसके अलावा इसी सिमुलतला में बंगाली लोगों की कई पुरानी कोठियां हैं.जहां पर्यटन के लिए लोग आते हैं. सिमुलतला की आबोहवा को देखते हुए यहां स्वामी विवेकानंद भी स्वास्थ्य लाभ के लिए आए थे. इसके अलावा झाझा विधानसभा क्षेत्र में कई पहाड़ और जंगल भी मौजूद है.
बीड़ी है यहां का कुटीर उद्योग


इस विधान सभा क्षेत्र के पूर्व की तरफ बांका जिला है. इस विधानसभा क्षेत्र में पलायन एक बड़ी समस्या है. झाझा को अनुमंडल बनाने की मांग अभी तक पूरी नहीं हुई है. ग्रामीण इलाकों में सिंचाई सुविधा के लिए बड़ी परियोजना की मांग भी अब तक लटकी हुई है. झाझा विधानसभा क्षेत्र में ही गिद्धौर प्रखंड है जहां परसंडा की दुर्गा पूजा प्रसिद्ध है. वहां की दुर्गा पूजा के बारे में कहा जाता है काली है कोलकाता की दुर्गा है परसंडे की. हालांकि इस इलाके के लोगों का मुख्य रोजगार कृषि है. लेकिन कई बड़ी कंपनियां यहां बीड़ी बनवाती हैं. इसमें इलाके की ज्यादातर महिलाएं काम करती हैं. ग्रामीण इलाकों में बीड़ी बनाने का काम कुटीर उद्योग के रूप में है.

राजनीतिक महत्व की सीट
जहां तक राजनीतिक समीकरण की बात करें तो बिहार विधानसभा चुनाव में झाझा की भूमिका महत्वपूर्ण है. इस सीट से समता पार्टी से चुनाव लड़ने वाले नीतीश कुमार के करीबी जदयू के नेता दामोदर रावत चार बार विधायक रह चुके हैं. लेकिन 2015 के विधानसभा चुनाव में महागठबंधन में जदयू के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए दामोदर रावत एनडीए के भाजपा प्रत्याशी डॉ रविंद्र यादव से हार गए थे. 2015 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को 65537 वोट मिले थे, वही जदयू प्रत्याशी को 43451 वोट मिले. दोनों के बीच वोटों का अंतर 22086 था. 2010 के विधानसभा चुनाव में दामोदर रावत ने जदयू के टिकट पर राजद प्रत्याशी विनोद यादव को हराया था.

465 मतदान केंद्र
इस बार 2020 के विधानसभा चुनाव में झाझा विधानसभा क्षेत्र में कुल 465 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. इनमें कोरोना के कारण बनाए गए 129 अतिरिक्त मतदान केंद्र हैं. यहां कुल मतदाताओं की संख्या 314574 है. इनमें पुरुष मतदाता 166026 और महिला मतदाता 148546 हैं.
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