बिन ब्याही लड़की के गर्भवती होने पर दबंगों का कहर, पूरे परिवार को गांव से बाहर निकाला
Jamui News in Hindi

बिन ब्याही लड़की के गर्भवती होने पर दबंगों का कहर, पूरे परिवार को गांव से बाहर निकाला
पीड़ित परिवार ने थाने में आवेदन देकर मदद की गुहार लगाई है.

जमुई (Jamui) में मानसिक रूप से कमजोर एक लड़की के बिन ब्याही गर्भवती होने पर दबंगों (Bullies) ने पूरे परिवार को गांव से बाहर निकाल दिया. फिलहाल यह आदिवासी परिवार (Tribal Family) जंगल में शरण लिए हुआ है.

  • Share this:
जमुई. महिलाओं के अधिकार (Women's Rights) को लेकर सरकारी और गैर सरकारी, सभी मंचों पर बड़ी-बड़ी बातें होती हैं, लेकिन जमीन पर इन बातों का कोई वजूद नहीं दिखता. खासकर सुदूर इलाकों में आज भी महिलाओं की स्थिति बदतर है. इस बात को तस्दीक करता एक मामला बिहार के जमुई (Jamui) जिले से सामने आया है. जिले के चन्द्रमंडीह इलाके में एक बिन ब्याही लड़की के गर्भवती होने पर उसे और उसके परिवार को दबंगों (Bullies) ने गांव से बाहर निकाल दिया. अब यह आदिवासी परिवार (Tribal Family) दर-दर भटकने पर मजबूर है.

जंगल में शरण ले रखा है परिवार 

गांव से निकाले जाने के पीड़ित परिवार बटिया घाटी के जंगल में भटकते पाया गया. दरअसल परिवार की मानसिक रूप से विक्षिप्त बेटी के साथ किसी ने गलत किया और वह गर्भवती हो गई. जिसके बाद गांव के दबंगों ने इस पर लड़की और परिवार से जवाब मांगा. लेकिन दिमागी तौर पर कमजोर गर्भवती लड़की कुछ भी नहीं बता पाई. जिसके बाद दबंगों ने इस परिवार को गांव से बाहर निकाल दिया. परिवार के मुखिया का कहना है कि बेटी के गर्भवती होने के मामले में जब बेटी जवाब नहीं दे पाई, तो दबंगों ने परिवार को गांव खाली करने का अल्टीमेटम दिया, जिसके बाद वे लोग मारपीट के डर से गांव घर छोड़ जंगल आ गये.



परिवार की छोटी बेटी मानसिक रूप से कमजोर है. किसी ने उसके साथ गलत काम किया, जिससे वह गर्भवती हो गई. फिलहाल उसका 8वां महीना चल रहा है.
परिवार से 25 हजार जुर्माना भी वसूला 

पिता के मुताबिक दबंगों ने इस मामले में उनके परिवार पंचायत बैठकर 25 हजार का जुर्माना भी लिया. उन्होंने गांव के कपिलदेव टुडु, मुंशी मरांडी और चुनकु हांसदा पर दबंगई करने का आरोप लगाते हुए चंद्रमंडीह थाने में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है.

झाझा एसडीपीओ सतीश चंद्र मिश्रा ने बताया कि ये घटना उनके संज्ञान में नहीं है. चंद्रमंडीह थाने में अगर पीड़ित परिवार ने आवेदन दिया है तो उसके आधार पर केस दर्ज होगा और पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाया जाएगा. आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading