जमुई: कोरोनाबंदी में फंसे थे उत्तर प्रदेश के कई लोग, ग्रामीणों ने दिया सहारा, रहने और खाने का किया इंतजाम

कोरोनाबंदी में फंसे उत्तर प्रदेश के लोगों की मदद के लिये आगे आए जमुई के लोग (फाइल फोटो)
कोरोनाबंदी में फंसे उत्तर प्रदेश के लोगों की मदद के लिये आगे आए जमुई के लोग (फाइल फोटो)

जमुई जिले के बरहट प्रखंड इलाके के कोइवा स्कूल परिसर में कोरोनाबंदी के बाद लगभग 2 दर्जन लोगों को ठहराया गया है. दरअसल ये लोग उत्तर प्रदेश (Chandouli) के चंदौली जिले के रहने वाले हैं जो कि बरहट के जंगल से जंगली पत्ता ले जाकर वाराणसी में बेचा करते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 21, 2020, 4:35 PM IST
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जमुई. कोरोनाबंदी से पहले जमुई के कई लोग जो रोजगार (Employment) की तलाश में दूसरे प्रदेशों में गए थे. उनमें से काफी लोग ऐसे हैं जो वहीं फंस गये हैं. उसी तरह उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) स्थित चंदौली के लगभग दो दर्जन लोग भी कोरोनाबंदी के कारण जमुई के बरहट इलाके में फंसे हुए हैं. दरअसल, ये सभी लोग जमुई के जंगल से निकलने वाले पत्ते का कारोबार करते हैं. भले ही ये लोग इस समय मुसीबत की घड़ी में यहां फंसे हैं, लेकिन यहां के स्थानीय लोग इन्हें किसी तरह की दिक्कत नहीं होने दे रहे हैं. स्थानीय लोगों ने इनके लिये भोजन से लेकर ठहरने तक का इंतजाम कर दिया है. कोरोना संकट से लड़ने के लिए गांव के लोग इन लोगों का बखूबी खयाल रख रहें हैं.

करीब 2 दर्जन लोगों के रहने की व्यवस्था की गई है
जमुई जिले के बरहट प्रखंड इलाके के कोइवा स्कूल परिसर में कोरोनाबंदी के बाद लगभग 2 दर्जन लोगों को ठहराया गया है. दरअसल ये लोग उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के रहने वाले हैं जो कि बरहट के जंगल से जंगली पत्ता ले जाकर वाराणसी में बेचा करते हैं. लेकिन कोरोनाबंदी के बाद ये लोग घर न लौट सके. इन लोगो में बुजुर्ग और महिलाओं के साथ बच्चे भी शामिल हैं. वापस घर लौटने में परेशानी को देखते हुए स्थानीय लोग मानवता का परिचय देते हुए बगैर प्रशासनिक मदद के इनकी परेशानियों को दूर कर दिया है. रोजगार करने आए इन परदेशियों को बरहट प्रखंड के कोईवा स्कूल भवन में गांव वालों ने ठहराया है जहां इनके रहने के सारे सामान उपलब्ध कराया गया और भोजन बनाने के लिए सामान दिया गया है. हालांकि इन लोगों ने किसी परेशानी से इनकार किया लेकिन घर लौटने की बात कर रहें हैं. स्थानीय लोग कोरोना की लड़ाई में इन परदेसियों को मदद कर रहें है.

रहने के साथ-साथ खाने का भी इंतजाम
जिले के बरहट पंचायत के मुखिया जितनी देवी ने बताया कि गांव वालों को पता चला कि कुकुरझप डैम के पास कुछ लोग जो यूपी के है, वो कोरोनाबंदी में पेड़ के नीचे रह रहें है. फिर ग्रामीणों ने उनके लिये स्कूल में रहने की व्यवस्था करवाई. साथ ही खाने-पीने का सामान भी समय-समय पर उपलब्ध करवा रहे हैं. मुखिया ने बताया कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सबकी भागीदारी जरूरी है, जिसमें हमारे गांव के लोगों ने अपनी जिम्मेदारी निभाई है.



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