Coronavirus: घर गिरवी रखकर खोला था पॉल्ट्री फार्म, अब चिकेन-अंडे के नहीं मिल रहे खरीददार

जमुई के पॉल्ट्री फॉर्म में जमा अंडा का ट्रे
जमुई के पॉल्ट्री फॉर्म में जमा अंडा का ट्रे

जमुई (Jamui) जिले के पशुपालन पदाधिकारी डॉ विनोद कुमार सिंह ने बताया कि पॉल्ट्री फॉर्म (Poultry) के कारोबारी और अंडा उत्पादक किसानों ने इस बारे में ज्ञापन दिया है जिसको हम अपने विभाग के बड़े अधिकारी के पास भेज रहे हैं.

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जमुई. कोरोना वायरस (Corona Virus) के संक्रमण से विश्व के कई देश परेशान हैं. देश ही नहीं बिहार प्रदेश की सरकार के साथ लोग भी इस वायरस से बचने के लिेए कई तरह के उपाय कर रहें है. KOVID-19 वायरस का असर व्यवसाय पर भी पड़ते दिख रहा है. इसका सबसे ज्यादा असर पॉल्ट्री (Poultry) और अंडा उद्योग (Hatchery) पर पड़ रहा है. पॉल्ट्री और अंडा उत्पादन मे लगे जमुई जिले के कारोबारी और किसान इस संकट से बर्बाद होते दिख रहें हैं. बिक्री नहीं होने के कारण प्लांट में अब अंडों का कार्टन जमा होने लगा है. लाखों की लागत से इस धंधे को खड़ा करने वाले जिले के युवा उद्दमी अब परेशान हैं कि अब क्या होगा, क्योंकि इनके पास वो संसाधन नहीं है जहां वो इन अंडो को कई दिनों तक सुरक्षित रख सकते.

सस्ते दाम पर भी नहीं मिल रहे खरीददार

वहीं पशुपालन विभाग के अधिकारी मानते हैं कि पॉल्ट्री और अंडा के सेवन से कोरोना का कई मतलब नहीं हैैं. जमुई जिले के दर्जनो पॉल्ट्री और अंडा उत्पादन के कारोबारी परेशान हैं. इस स्थिति में कारोबारी जो किसी तरह मकान गिरवी रखकर बैंक से कर्ज लेकर पॉल्ट्री उद्योग की शुरुआत की थी वो नुकसान उठा रहें है. पॉल्ट्री उद्योग में लगे कारोबारी जहां अपनी मुर्गियों को सस्ते दाम पर बेचने को मजबूर हैं वहीं अंडा उत्पादन में लगे कारोबारी के गोदामों में अंडों के दर्जनों कार्टन जमा होने लगे हैं.



जिले में हैं 10 अंडा उत्पादन केंद्र
इस हालात में जमुई जिले में हर दिन लाखों रुपये का नुकसान इन कारोबारियों को लग रहा है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस जिले में दर्जनों पॉल्ट्री फार्म हैं वहीं 10 अंडा उत्पादन केंद्र है जहां हर दिन लगभग सवा लाख अंडे का उत्पादन होता है. उत्पादित अंडों की बिक्री नहीं होने से ये कारोबारी परेशान हैं. इस स्थिति से निपटने के लिए जमुई जिला अंडा उत्पादक किसान संघ ने अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई है.

किसी ने जमीन गिरवी रखा तो किसी ने मकान

अंडा उत्पादन में लगे जमुई जिले के झाझा इलाके के किसान मोहम्मद ताजुद्दीन की माने तो उन्होंने अपनी जमीन बेच कर और मकान गिरवी रख कर बैंक से कर्ज लेकर अंडा उत्पादन का कारोबार शुरू किया था. वैसे यह पहले से ही नुकसान में थे लेकिन कोरोना वायरस के चलते अब अंडा कोई खरीद नहीं रहा है.
जमुई जिले के बरहट इलाके से आने वाले किसान रत्नेश्वर सावरी की माने तो अंडा की बिक्री कोरोना वायरस के चलते नहीं हो पा रही है. बाजार जाने पर भी लोग अंडा लेने से मना कर रहे हैं.

पशुपालन पदाधिकारी बोले

इस स्थिति में जमुई जिले के पशुपालन पदाधिकारी डॉ विनोद कुमार सिंह ने बताया कि पॉल्ट्री फॉर्म के कारोबारी और अंडा उत्पादक किसानों ने इस बारे में ज्ञापन दिया है जिसको हम अपने विभाग के बड़े अधिकारी के पास भेज रहे हैं. वैसे सरकार के पशुपालन विभाग के द्वारा यह निर्देशित है कि अंडा और पॉल्ट्री मीट खाने से कोरोना का कोई लेना देना नहीं है. हसबेंडरी लिटरेचर में अभी तक ऐसा कुछ संकेत नहीं मिला है कि इनके खाने से लोग कोरोना से संक्रमित हो जाएंगे लेकिन भ्रम की स्थिति में पॉल्ट्री और अंडा उत्पादन उद्योग को नुकसान पहुंच रहा है.

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