'अफवाह गैंग' के आगे पस्त पड़ जा रहे टीकाकर्मी, आदिवासी बहुल इलाकों में कोरोना वैक्सीन लेने से इनकार कर रहे लोग

जमुई के चकाई क्षेत्र में टीकाकरण अभियान पर ग्रहण.

Jamui News: चकाई रेफरल अस्पताल के प्रबंधक व टीकाकरण अभियान की मॉनिटरिंग कर रहे उपेंद्र चौधरी ने बताया कि चकाई के दुलमपुर और फ़रितया डीह पंचायत में भी लोगों ने कोरोना वैक्सीन लेने से इनकार कर दिया.

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जमुई. कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर बिहार सरकार लगातार प्रयास में है कि दूर-दराज के इलाकों में भी टीकाकरण दल को भेजा जाए. लेकिन कई ऐसे सुदूर इलाके हैं जहां लोगों में जागरूकता की भारी कमी देखी जा रही है. जमुई जिले का नक्सल प्रभावित क्षेत्र चकाई में लोग अफवाह और अंधविश्वास के चक्कर में पड़कर टीका लगाने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं.  स्थिति यह है  कि चकाई के नक्सल प्रभावित दुर्गम इलाकों में गांव- गांव जाने वाले स्वास्थ्यकर्मी पैदल चलकर टीकाकरण केंद्र पर तो पहुंच रहे हैं, लेकिन टीका लेने वाले लोग इन केंद्रों पर नहीं आ रहे हैं. ऐसे में इन केंद्रों से टीकाकर्मियों को बिना टीका लगाए ही लौटना पड़ रहा है.

चकाई बिहार के सबसे अंतिम छोर पर झारखंड के देवघर और गिरिडीह से सटा है. आदिवासी बहुल इस इलाके में कोरोना टीका केंद्रों पर लोग पहुंच ही नहीं रहे हैं. सुदूर गांव में किसी तरह मशक्कत कर टीका कर्मी और जिला प्रशासन के लोग कहीं बाइक से तो कहीं पैदल चलकर केंद्रों पर पहुंच रहे हैं, लोगों को समझा रहे हैं, लेकिन लोग टीका लेने से साफ मना कर रहे हैं. सोमवार को यही तस्वीर देखने को मिली दिन के 12 बजे चकाई के चंद्रमंडीह इलाके के सिमरा गांव में टीकाकर्मी मध्य विद्यालय में इंतजार करते रहे लेकिन कोई टीका लेने नहीं आया.

यहां टीकाकरण अभियान में तैनात जीविकाकर्मी राजीव शेखर ने बताया कि पैदल चलकर वे लोग पहुंचे हैं लेकिन गांव में कोई टीका लेने को तैयार नहीं. स्थानीय लोगों में अफवाह फैल गई है कि वैक्सीन लेने से बीमार पड़ जाएंगे. इन्हें बहुत समझाया जा रहा है लेकिन कोई तैयार नहीं हुआ. इसी तरह से आगे बढ़ने पर किसी इलाके के एक आदिवासी गांव तेतरिया की भी हालत यही थी. टीकाकर्मी गांव के घरों तक जाकर लोगों से गुहार लगाते रहे लेकिन कोई भी वैक्सीन लेने के लिए तैयार नहीं हुआ.

यहां की एक महिला बुधनी देवी ने बताया कि इस गांव में देवी-देवता हैं वही जान बचाएंगे।.वैक्सीन की ज़रूरत यहां नहीं. यहां वैक्सीनेशन टीम में शामिल एएनएम मंजुला सिन्हा ने बताया कि सुबह से लोगों को समझाते हुए शाम के 4 बज गए लेकिन गांव के एक भी व्यक्ति ने टीका नहीं लिया.  लोगों में अंधविश्वास है जिस कारण आसपास के कई गांव के लोग भी वैक्सीन लेने से भाग रहे हैं.

चकाई रेफरल अस्पताल के प्रबंधक टीकाकरण अभियान की मॉनिटरिंग कर रहे उपेंद्र चौधरी ने बताया कि चकाई के दुलमपुर और फ़रितया डीह पंचायत में भी लोगों ने वैक्सीन लेने से इनकार कर दिया. इलाके में भी कई टीम भेजी गयी थी लेकिन इस इलाके में भी वैक्सीन लेने से लोगों ने मना कर दिया और टीम खाली हाथ वापस लौट गई.

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