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जमुई: लघु सिंचाई विभाग में भ्रष्टाचार मामले में 8 ठेकेदार और 7 इंजीनियर के खिलाफ केस दर्ज

थाने में दर्ज किए गए केस में दस अलग-अलग विभिन्न योजनाओं में सरकारी राशि का दुरुपयोग और गबन का दोषी पाए जाने का जिक्र है

थाने में दर्ज किए गए केस में दस अलग-अलग विभिन्न योजनाओं में सरकारी राशि का दुरुपयोग और गबन का दोषी पाए जाने का जिक्र है

Bihar News: लघु सिंचाई प्रमंडल जमुई के कार्यपालक अभियंता अनीश कुमार भारती ने थाना में आवेदन देकर केस दर्ज करवाया है. बताया जा रहा है कि पटना से आए पत्र के बाद यह प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई है जिसमें दस अलग-अलग विभिन्न योजनाओं में सरकारी राशि का दुरुपयोग और गबन का दोषी पाए जाने का जिक्र है

  • News18Hindi
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जमुई. बिहार के जमुई (Jamui) में अलग-अलग सिंचाई योजनाओं में सरकारी राशि का दुरुपयोग, गबन और लूट के सिलसिले में आठ संवेदक और सात इंजीनियरों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. लघु सिंचाई प्रमंडल जमुई के कार्यपालक अभियंता अनीश कुमार भारती ने थाना में आवेदन देकर केस दर्ज करवाया है. बताया जा रहा है कि पटना से आए पत्र के बाद यह प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई है जिसमें दस अलग-अलग विभिन्न योजनाओं में सरकारी राशि (Government Fund) का दुरुपयोग और गबन (Corruption) का दोषी पाए जाने का जिक्र है.

कार्यपालक अभियंता अनीश कुमार भारती ने नगर थाना में जो लूट और गबन का केस दर्ज कराया है उसमें शामिल संवेदकों में अशोक कुमार एंड कंपनी निवास के कर्ता-धर्ता अशोक कुमार को सिंचाई योजना दौलतपुर नवा आहार में दोषी पाया गया है. कुमार राम रंजन सिंह को धमनियां आहर के निर्माण में, महेंद्र कुमार सिंह को कुशमाहा रिजर्वायर योजना में, नितेश कुमार सिंह को दिरंगी आहर में, राजेंद्र कुमार को चार सिंचाई योजना में, राजेश कुमार सिंह को दो योजना, मेसर्स रूपम कंस्ट्रक्शन के रामसकल यादव को दो योजना, मेसर्स सतिया कंस्ट्रक्शन के महेंद्र यादव का नाम गबन करने वालों में शामिल है.

वहीं, लघु सिंचाई विभाग के सात तकनीकी तत्कालीन पदाधिकारी को भी अभियुक्त बनाया गया है. इसमें प्रह्लाद सिंह तत्कालीन सहायक अभियंता, अर्जुन सिंह, ओम प्रकाश यादव, पद्माकर ठाकुर, रामयतन यादव, सियाशरण राय और रामस्वरूप मेहता का नाम शामिल है. जिन तकनीकी पदाधिकारी के खिलाफ केस दर्ज है वो सभी सिंचाई विभाग में कनीय अभियंता के पद पर तैनात हैं.

मिलीभगत कर सरकारी राशि का किया गया गबन और लूट

जिस आवेदन पर नगर थाना में केस दर्ज हुआ है उसके अनुसार दस अलग-अलग योजनाओं में संवेदकों द्वारा अनुरूप कार्य नहीं करने एवं तकनीकी पदाधिकारियों से मिली भगत कर के लूट खसोट कर सरकारी राशि के दुरुपयोग या गबन करने दोषी पाया गया है. आवेदन में यह भी जिक्र है कि संबंधित तकनीकी पदाधिकारी योजनाओं के प्राक्कलन अनावश्यक रूप से बढ़ा-चढ़ा कर बनाने नियमाकुल और डीपीआर के अंतर्गत कार्य नहीं करने तथा बिना कार्य के ही भुगतान कर के सरकारी राशि का दुरुपयोग और गबन करने कर सरकारी राशि का लूट खसोट का आरोप लगा है.

जानकारी के मुताबिक लघु सिंचाई विभाग में योजनाओं के नाम पर लूट खसोट और सरकारी राशि का दुरुपयोग का यह मामला वर्ष 2007-2008 का बताया जा रहा है.

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