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जमुई की गर्भवती महिला को मस्कट में बनाया बंधक, दलालों के खिलाफ दिल्ली में केस दर्ज

मस्कट में फंसी जमुई की गर्भवती लक्ष्मी (इनसेट में) के इंतजार में उसके घर के लोग.

मस्कट में फंसी जमुई की गर्भवती लक्ष्मी (इनसेट में) के इंतजार में उसके घर के लोग.

Human Trafficking: जमुई की गर्भवती लक्ष्मी को मस्कट में बंधक बनाए जाने के खिलाफ उनके परिवारवालों ने दिल्ली के पहाड़गंज थाने में केस दर्ज करवाया है. उनके पति विजय कुमार दास ने दिल्ली हाई कोर्ट की भी शरण ली है और गुहार लगाई है कि गर्भवती लक्ष्मी को मस्कट से सही सलामत उनके घर जमुई लाने की व्यवस्था की जाए.

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जमुई. बिहार के जमुई की एक गर्भवती महिला ओमान के मस्कट में फंसी हैं. उनके परिजनों का आरोप है कि दलालों ने नौकरी का झांसा देकर उन्हें 25 मई को मस्कट भेज दिया. वहां उन्हें बंधक बना लिया गया है. उनका मोबाइल और पासपोर्ट भी छीन लिया गया है. परिवार के लोग परेशान हैं कि गर्भवती महिला की तबीयत खराब है और उन्हें दवा भी नहीं दी जा रही. इस मामले में परिवारवालों ने दिल्ली के पहाड़गंज थाने में केस भी दर्ज करवाया है.

यह मामला जमुई के झाझा थाना इलाके के सुंदरीटांड़ गांव का है. गर्भवती महिला का नाम लक्ष्मी (30) है. लक्ष्मी समस्तीपुर में बंधन बैंक में काम करती थीं. लक्ष्मी के पति तमिलनाडु में काम करते थे. लेकिन आंख की बीमारी के कारण बीते 2 साल से वे बेरोजगार हैं. दो बेटी और एक बेटे के साथ पूरे परिवार के पालन-पोषण की जिम्मेवारी लक्ष्मी ही उठाती थीं.

बीते मई महीने में उन्हें अच्छी सैलरी पर नौकरी देने के लिए दिल्ली के पहाड़गंज इलाके में बुलाया गया था. पहाड़गंज में वसीम अख्तर और एक महिला सन्नो सैयद ने उन्हें फोन कर इंटरव्यू के लिए दिल्ली बुलाया था. बेहतर नौकरी की उम्मीद में लक्ष्मी 25 मई को दिल्ली गई थी. ये दोनों दलाल उन्हें झांसा देकर पहले आह्मदाबाद ले गए और फिर फ्लाइट से ओमान भेज दिया. अब परिवार वाले परेशान हैं कि लक्ष्मी घर कैसे लौटेगी. परिवार के मुताबिक, उनका पासपोर्ट भी वहां जब्त कर लिया गया है और उसके मोबाइल से भी बात नहीं हो पा रही. परिवार वालों का कहना है कि वह 3 महीने की गर्भवती है. फोन छीने जाने से पहले व्हाट्सएप पर उन्होंने बताया था कि वह बीमार हैं, लेकिन उन्हें न तो ठीक से खाना मिल रहा और न दवा. परिवार वाले सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि उसकी वापसी कराई जाए.

लक्ष्मी के पति विजय कुमार दास के मुताबिक, समस्तीपुर में काम करने के दौरान उन्हें अच्छी जॉब दिलाने के लिए लगातार कॉल आ रही थी. उसी झांसे में आकर वे दिल्ली चली गईं. फिर पता चला कि पहले उन्हें अहमदाबाद ले जाया गया. वहां से हवाई जहाज से ओमान भेज दिया गया. अभी वह मस्कट शहर में हैं, जहां उन्हें कैद कर रखा गया है. हमलोगों से उनकी नहीं कराई जाती. पांच दिन पहले वे किसी तरह व्हाट्सएप से कॉल की थीं, जो कुछ ही मिनट में कट गया. उनकी तबियत खराब है. उन्होंने बताया है कि उनके साथ और भी कई लड़कियों को रखा गया है. उनका पासपोर्ट भी रख लिया गया है, वह गर्भवती हैं डर है कि उसे कुछ हो न जाए.

इस मामले में परिवारवालों ने दिल्ली के पहाड़गंज थाने में केस भी दर्ज करवाया है. लक्ष्मी देवी के बुजुर्ग माता-पिता और परिवारवालों का यही कहना है कि लक्ष्मी की स्थिति लगातार वहां बिगड़ रही है, उसे सही सलामत घर लाया जाए. जिसके लिए उसके पति विजय कुमार दास ने दिल्ली हाई कोर्ट की भी शरण ली है.

Tags: Bihar News, Human Trafficking Case, Jamui news

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