क्या जमुई से विधानसभा का चुनाव लड़कर जीत पाएंगे चिराग पासवान ?जानें, क्या है उनके संसदीय क्षेत्र का समीकरण

जमुई से विधानसभा का चुनाव लड़ सकते हैं चिराग पासवान. (फाइल फोटो)
जमुई से विधानसभा का चुनाव लड़ सकते हैं चिराग पासवान. (फाइल फोटो)

Bihar Assembly Election: लोजपा सुप्रीमो चिराग पासवान (Chirag Paswan) दो बार से बिहार के जमुई से सांसद हैं. लोकसभा चुनाव 2019 में चिराग पासवान ने महागठबंधन के रालोसपा प्रत्याशी भूदेव चौधरी को 2 लाख 41 हजार 49 वोटों से मात दी थी.

  • News18 Bihar
  • Last Updated: September 24, 2020, 1:55 PM IST
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जमुई. बिहार में सीटों के बंटवारे को लेकर एनडीए (NDA) में चल रहे उठापटक के बीच लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान का विधानसभा चुनाव लड़ने की संभावना तेज हो गई है. इसको लेकर जमुई में लोजपा कार्यकर्ताओं ने भी स्थानीय सांसद और पार्टी सुप्रीमो को जिले के ही चारों सीटों में से किसी एक सीट पर विधानसभा चुनाव लड़ने की मांग की है.

लोजपा के प्रदेश महासचिव और बक्सर जिला के संगठन प्रभारी जीवन सिंह ने बताया कि कार्यकर्ताओं की बैठक में चिराग पासवान से मांग की गई है कि पार्टी बिहार विधानसभा चुनाव में 143 सीटों पर भी चुनाव लड़े. लोजपा के अध्यक्ष और जमुई के सांसद चिराग पासवान अगर चुनाव लड़ेंगे भी तो कहां से, सवाल ये उठता है. जमुई जिले में कुल 4 विधानसभा क्षेत्र हैं जिसमें एक सीट सिकंदरा सुरक्षित सीट है, ऐसे में जब लोजपा अध्यक्ष के विधानसभा चुनाव लड़ने की संभावना और कयास लगाए जा रहे हैं तो लोगों का मानना है कि शायद सिकंदरा सीट से वह चुनाव लड़ सकते हैं, क्योंकि वह सुरक्षित सीट भी है. साथ ही पिछले चुनाव में वहां एनडीए में शामिल रहते लोजपा के ही उम्मीदवार मैदान में थे हालांकि महागठबंधन के कांग्रेस उम्मीदवार से हार की मुंह देखनी पड़ी थी.

लोजपा सुप्रीमो चिराग पासवान जमुई संसदीय क्षेत्र (सुरक्षित) से 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में एनडीए प्रत्याशी के रूप में जीतकर प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. लगातार दो बार सांसद के साथ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी होने पर लोजपा के कार्यकर्ता इस बात से भी उत्साहित है कि जमुई जिले और संसदीय क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर अगर वो चुनाव मैदान में आते हैं तो वह जिले के किसी भी सीट पर चुनाव लड़ सकते हैं जीत हासिल करेंगे लेकिन एनडीए से अलग होकर बतौर लोजपा प्रत्याशी चुनाव लड़कर जीत हासिल करने में चिराग की परेशानी बढ़ सकती है क्योंकि जिले में दशकों से राजनीति करते आए लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार के कैबिनेट में मंत्री रहे नरेंद्र सिंह लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान के लिए परेशानी बन सकते हैं.



राजद नेता जयप्रकाश नारायण यादव भी चिराग की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं क्योंकि नरेंद्र सिंह के दो पुत्र जमुई जिले की दो विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ते रहे हैं वहीं राजद नेता जयप्रकाश नारायण यादव के भाई विजय प्रकाश जमुई सीट से सीटिंग विधायक हैं. हालांकि एनडीए प्रत्याशी के रूप में लोजपा के चुनाव चिन्ह पर दो बार जमुई से सांसद होने का फायदा चिराग पासवान को मिल सकता है. अगर एनडीए से अलग होकर चिराग पासवान जमुई जिले के किसी विधानसभा सीट पर चुनाव लड़ते हैं तो अपने संसदीय और राजनीतिक अनुभव और स्थानीय राजनीतिक कार्यकर्ताओं के समर्थन का फायदा भी उन्हें मिल सकता है, साथ ही जिले में वर्षों से राजनीति कर रहे नरेंद्र सिंह या फिर जयप्रकाश नारायण यादव के विरोधियों का समर्थन भी चिराग को मिल सकता है.
लोकसभा चुनाव 2019 में लोजपा सुप्रीमो चिराग पासवान लोजपा के चुनाव चिन्ह पर बतौर एनडीए प्रत्याशी चुनाव लड़े थे जिसमें महागठबंधन के रालोसपा प्रत्याशी भूदेव चौधरी को उन्होंने 2 लाख 41 हजार 49 वोटों से मात दी थी. चुनाव परिणाम में चिराग पासवान को 529134 वोट मिले थे जबकि भूदेव चौधरी को 288085 वोट हासिल हुआ था लेकिन सारी चीजें इस बार के चुनाव में उनके एनडीए को छोड़ने पर निर्भर करती हैं.
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