COVID-19: बिहार का इकलौता जनपद जमुई, इस वजह से अब तक है कोरोना सेफ...
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COVID-19: बिहार का इकलौता जनपद जमुई, इस वजह से अब तक है कोरोना सेफ...
बिहार का जमुई जिला लॉकडाउन का कर रहा है सख्ती से पालन

बिहार प्रदेश के अंतिम छोर पर बसा हुआ जमुई जिला चाहे संसदीय क्षेत्र की अंतिम संख्या हो या फिर विधानसभा क्षेत्र की अंतिम संख्या हमेशा अंतिम पायदान पर रहने वाला जमुई जिला कोरोना (coronavirus) से लड़ने के मामले में अभी तक अव्वल है

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जमुई. बिहार प्रदेश का इकलौता जनपद जो अभी तक महामारी कोरोना वायरस (Pandemic Coronavirus) के संक्रमण से अछूता है, वो है बिहार के अंतिम छोर पर बसा जमुई जिला जो कि झारखंड के देवघर और गिरिडीह जिले की सीमा से सटा है. यहां कोरोना का अब तक एक भी पॉजिटिव केस नहीं मिला. दरअसल कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए पीएम नरेंद्र मोदी (PM Modi) के आह्वान पर जनता कर्फ्यू और उसके बाद लॉकडाउन (Lockdown). जिला प्रशासन की चुस्ती और जिले के लोगों में जागरूकता का परिणाम है कि अभी तक इस जिले में एक भी कोरोना पॉजिटिव नहीं मिला है.

कोरोना से लड़ाई में अभी तक प्रथम है जमुई
जबकि खगड़िया के बाद मुज्जफरपुर में भी शनिवार को तीन कोरोना के पॉजिटिव (corona positive) मिल चुके है. अब प्रवासी लोगों से संक्रमण न फैले इसके लिए प्रशासन कमर कस ली है. बिहार प्रदेश के अंतिम छोर पर बसा हुआ जमुई जिला चाहे संसदीय क्षेत्र की अंतिम संख्या हो या फिर विधानसभा क्षेत्र की अंतिम संख्या हमेशा अंतिम पायदान पर रहने वाला जमुई जिला कोरोना से लड़ने के मामले में अभी तक प्रथम है. क्योंकि इस जिले में अभी तक कोरोना का कोई संक्रमित शख्स नहीं मिला है. हालांकि की बिहार के 38 जिलो में से 37 में कोरोना के मरीज मिल चुके हैं. जबकि सरकारी आंकड़ों के मुताबिक कोरोना और लॉकडाउन के कारण के लगभग कई हजार प्रवासी लोग दूसरे प्रदेशों से इस जिले में लौटे वहीं विदेशों से भी यहां पर लगभग डेढ़ सौ लोग लौट कर आए. लेकिन कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जनता से आह्वान का जो समर्थन मिला या फिर उसके बाद सीएम नीतीश कुमार की अपील का समर्थन यहां के लोगों ने खूब दिया. लॉकडाउन के दौरान जहां लोग घरों से बाहर निकलने से बचे. वहीं जिला प्रशासन और पुलिस की सख्ती भी खूब रही. सड़क पर निकलने वाले लोगों को डीएम और एसपी खुद कई बार समझाते दिखे. दूसरे प्रदेशों या विदेश से लौटे लोगें की स्वास्थ्य जांच करवाई गई.

गांवो में भी खूब दिखी जागरूकता
यही नहीं अगर कोई गांव के बाहर से लौटा तो गांव के लोगों ने खुद उसे जांच के लिए अस्पताल भेजा, बगैर जांच के लोगों को गांव में इंट्री नही दी गई. गांवों में भी लोगों ने लॉकडाउन लगाकर लोगों का आना-जाना बंद कर दिया. स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े के अनुसार 10 मई तक लगभग 435 संदिग्ध लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए. लगभग 3 लाख घरों तक पहुंच कर स्वास्थ्य विभाग ने लोगों की स्क्रीनिंग की. दूसरे प्रदेशों से आने वाले प्रवासी लोगों का भी सैंपल भेजा गया. प्रवासी मजदूरों को अलग-अलग क्वारंटाइन में रखा जा रहा है. हाल के दिनों में पांच से छह दिनों में दूसरे प्रदेशों से लगभग तीन हजार लोग जमुई पहुचें हैं. बाहर से आने वाले प्रवासी मजदूरों से अब जिले में संक्रमण न फैले इसके लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है.



जमुई डीएम धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि संक्रमण न फैले इसके लिए भी जिला प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है जिसके तहत रेड जोन वाले राज्यों से आने वाले प्रवासी लोगों को अलग-अलग क्वारंटाइन में रखा जा रहा है. जमुई जिले में अभी तक एक भी कोरोना मरीज नहीं मिलने के बारे में बताते हुए डीएम ने कहा कि जांच के लिए अभी तक जिले से कुल 435 लोगो का सैंपल भेजा गया है जिसमे 145 लोग वैसे लोग ऐसे हैं जो बाहर से यहां आए हुए हैं. डीएम का कहना है कि लॉकडाउन का सख्ती से पालन और लोगों की जागरुकता का नतीजा है कि अभी तक जमुई सेफ है.

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