13 साल बाद जमुई से पकड़ा गया नक्सली एरिया कमांडर मोतीलाल, पुलिस टीम पर हमले को करता था लीड
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13 साल बाद जमुई से पकड़ा गया नक्सली एरिया कमांडर मोतीलाल, पुलिस टीम पर हमले को करता था लीड
(फाइल फोटो)

एरिया कमांडर मोतीलाल सोरेन के गिरफ्तारी के बारे में बताते हुए एएसपी अभियान सुधांशु कुमार ने कहा कि जिला पुलिस बल, एंटी नक्सली सेल, सीआरपीएफ और एसएसबी के द्वारा चलाए गए सर्च अभियान में इसकी गिरफ्तारी हुई है.

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जमुई. भाकपा माओवादी के हार्डकोर नक्सली (Naxal Area Commander) और एरिया कमांडर मोतीलाल सोरेन उर्फ मुक्ति मरांडी को सुरक्षाबलों ने चकाई इलाके से गिरफ्तार (Arrest) कर लिया है. गिरफ्तार किए गए हार्डकोर नक्सली (Hard Core Naxal) जो कि संगठन में एरिया कमांडर का ओहदा रखता है के विरुद्ध जमुई और लखीसराय जिले के अलग-अलग थानों में एक दर्जन से अधिक नक्सली कांड को लेकर मामले दर्ज हैं.

कई टीमें थी ऑपरेशन में शामिल

जमुई जिला पुलिस और सुरक्षाबलों ने सूचना के आधार पर सर्च अभियान चलाकर नक्सली कमांडर को चकाई थाना के राजाडूमर इलाके से गिरफ्तार किया. गिरफ्तार नक्सली 2007 से ही नक्सली संगठन भाकपा माओवादी में शामिल है. चरका पत्थर एरिया कमांडर सुरंग यादव के आत्मसमर्पण करने के बाद इसे वहां का एरिया कमांडर बनाया गया था. खबर के मुताबिक जमुई एसपी के निर्देश पर एएसपी अभियान के नेतृत्व में सुरक्षाबलों की कई टीम ने चकाई - चरकापत्थर थाना क्षेत्र के राजाडूमर, हांसिकोल, गरुड़बाद, खिजरा बंदरमारा के जंगली और पहाड़ी क्षेत्रों में अभियान चलाकर नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के चरका पत्थर एरिया कमेटी के एरिया कमांडर मोतीलाल सोरेन उर्फ मुक्ति उर्फ मोती मरांडी उर्फ मोती को चकाई थाना इलाके के राजा डूमर गांव के जंगल से गिरफ्तार किया.



14 मामलों में थी तलाश



गिरफ्तार किए गए नक्सली मोतीलाल सोरेन पर जमुई जिला के साथ लखीसराय जिले में के अलग-अलग थानों में लगभग एक दर्जन से अधिक कुल 14 मामले दर्ज हैं. सभी कांड नक्सली हमले को लेकर हैं. जिस हार्डकोर नक्सली को गिरफ्तार किया गया पुलिस सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार किया है उसके विरुद्ध जो कांड दर्ज हैं उनमें 2019 में चकाई इलाके गए गरूड़बाद गांव का नक्सली हमला जिसमें दो ग्रामीणों की हत्या की गई थी है. इसके अलावा 2017 में जमुई- नवादा सीमा क्षेत्र के गायघाट जंगल में पुलिस के साथ मुठभेड़ में मुख्य भूमिका गिरफ्तार नक्सली मोतीलाल की थी. 2013 में खैरा थाना इलाके में गिद्धेश्वर जंगल में घात लगाकर पुलिस बल के हमले के बाद मुठभेड़ में भी यह नक्सली शामिल था. इस मुठभेड़ में एसटीएफ के जवान अंशुमान कुमार शहीद हुए थे, जबकि दो अन्य जवान घायल हुए थे. जमुई जिले के चंद्रमण्डीह इलाके के एक जंगल में फेरीवाले की हत्या करने के बाद उसके शव के नीचे आईईडी बम लगाकर पुलिस को टारगेट बनाने में भी मोतीलाल शामिल था जिसमें तत्कालीन चंद्रमण्डीह थाना अध्यक्ष घायल हो गए थे। जानकारी के अनुसार बीते कुछ महीने पहले पुलिसिया दबिश के कारण यह बंगलोर भाग गया था, फिर वो कुछ दिन पहले वापस लौटा था। मोतीलाल गिरफ्तारी के भय से गिरफ्तार नक्सली से पुलिस के अधिकारी पूछताछ कर रहे है।

13 साल से थी तलाश

एरिया कमांडर मोतीलाल सोरेन के गिरफ्तारी के बारे में बताते हुए एएसपी अभियान सुधांशु कुमार ने कहा कि जिला पुलिस बल, एंटी नक्सली सेल, सीआरपीएफ और एसएसबी के द्वारा चलाए गए सर्च अभियान में इसकी गिरफ्तारी हुई है. गिरफ्तार नक्सली 2007 से ही नक्सली संगठन में सक्रिय रहा है जिसके नेतृत्व में जिले में कई नक्सली वारदातों को अंजाम दिया गया है. गिरफ्तार नक्सली जो कि चरका पत्थर इलाके का एरिया कमांडर है उससे पुलिस पूछताछ कर रही है जिसके बाद संगठन के बारे में और भी जानकारी सामने आएगी.

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First published: May 31, 2020, 1:20 PM IST
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