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4 दशक से वृक्षारोपण कर रहे हैं 65 साल के सुनील, अब तक लगा चुके हैं 5 हजार से अधिक पेड़
Jamui News in Hindi

KC Kundan | News18 Bihar
Updated: February 24, 2020, 10:25 AM IST
4 दशक से वृक्षारोपण कर रहे हैं 65 साल के सुनील, अब तक लगा चुके हैं 5 हजार से अधिक पेड़
जमुई में वृक्षारोपण की अलख जगाने वाले 65 साल के सुनील

सुनील कुमार सिन्हा के परिवार के सभी लोग गांव छोड़कर रोजी रोजगार की तलाश में दूसरे शहरों में बस गए हैं लेकिन इस शख्स ने गांव की हरियाली और अपने शौक के लिए कभी भी गांव नहीं छोड़ा.

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  • Last Updated: February 24, 2020, 10:25 AM IST
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जमुई. पर्यावरण अंसुतलन को लेकर विश्व स्तर पर चिंता जताई जा रही है. बिहार सरकार भी जल-जीवन हरियाली योजना (Jal Jivan Hariyali Program) को चलाकर लोगों को जागरुक कर रही है लेकिन इन सब के बीच जमुई (Jamui) जिले के एक गांव में एसा शख्स भी है जिसे पेड़-पौधों से ही प्यार है. ये शख्स बीते चार दशकों से पौधे और पेड़ से प्यार करता है. खेती से लगाव रखने वाले इस शख्स के कारण जहां गांव मे हरियाली है तो वहीं दूसरे लोग भी प्रेरित हो रहे हैं.

खुद ही करते हैं पेड़ों की देखभाल

65 साल के किसान सुनील ने अपने जीवन मे लगभग 5 हजार पेड़ लगाए हैं जिनकी देखभाल वो खुद करते हैं. जमुई जिले के खैरा प्रखंड के अमारी पंचायत के धरमपुर गांव के सुनील कुमार सिन्हा पूरे इलाके में चर्चित हैं और मशहूर हैं. कारण है पौधों से प्यार और पेड़ लगाने की अपनी खुद की धुन. बचपन से ही खेती से लगाव रखने वाले इस बुजुर्ग ने उस आदत को आज भी नहीं बदला. इसका परिणाम है कि वो 5 एकड की जमीन पर लगभग 5 हजार पेड़ लगा चुके हैं.

हरा-भरा दिखता है पूरा इलाका



लगभग 40 साल से पौधारोपण करने की सोच के कारण धरमपुर गांव आज पूरा हरा-भरा दिखता है. गांव के लोग सुबह-शाम हरियाली को देख प्रसन्न हो जाते हैं. पेड़ से प्यार करने वाले इस शख्स ने न सिर्फ अपनी जमीन पर ही पौधारोपण किया है बल्कि गांव आने वाली सड़क पर भी उन्होंने पौधारोपण कर राहगीरों को पेड़ की छांव दी है.

खेती से है विशेष लगाव

सुनील कुमार सिन्हा का कहना है कि उनकी ये आदत शुरु से रही है. यही कारण है कि वो खेती से ही जुड़े रहें जिस कारण पेड़ लगाना और उसे बचाए रखने के लिए खुद से देखभाल करते हैं. जब मोटर पंप नहीं था तब पेड़ में पानी का पटवन के लिए वो कंधे पर दूर से पानी लेकर पेड़ में डाला करते थे. गांव में हरियाली रहे, पर्यावरण शुद्ध रहे इसलिए वो पेड़ लगाते रहे और आज भी लगा रहे हैं.

रोजी-रोटी के लिए भी नहीं छोड़ा गांव

सुनील कुमार सिन्हा के परिवार के सभी लोग गांव छोड़कर रोजी रोजगार की तलाश में दूसरे शहरों में बस गए हैं लेकिन इस शख्स ने कभी भी गांव नहीं छोड़ा. इसका कारण था अपनी मिट्टी से प्यार और साथ ही खेती से लगाव और पेड़ लगाने की जिद. कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने न खेती छोड़ी और ना ही पेड़ लगाना. इसका असर गांव के साथ-साथ आसपास के इलाकों पर भी पड़ा है.

गांव के लोग भी हैं मुरीद

गांव के सदानंद प्रसाद की मानें तो अपने जीवन काल में हजारों पेड़ लगाने वाले इस शख्स के कारण गांव में हरियाली है. पौधारोपण को अब सरकारी तौर पर जरूरी बताकर अभियान चलाया जा रहा है लेकिन गांव के हमारे सुनील ने यह बहुत पहले से कर रखा है. इनको देखकर और लोगों ने भी पेड़ लगाना शुरू कर दिया है. युवक गौरव कुमार का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए पेड़ लगाना बेहद जरूरी है जो गांव के बुजुर्ग चाचा ने कर दिखाया है. वो हमारे जैसे युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं.

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First published: February 24, 2020, 10:20 AM IST
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