पोस्टिंग के एवज में डॉक्टर से रिश्वत ले रहा था सिविल सर्जन का क्लर्क, विजिलेंस ने धर दबोचा
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पोस्टिंग के एवज में डॉक्टर से रिश्वत ले रहा था सिविल सर्जन का क्लर्क, विजिलेंस ने धर दबोचा
बिहार के जहानाबाद में कार्रवाई के दौरान विजिलेंस की टीम

इससे पूर्व सन 2015 में भी जहानाबाद के तत्कालीन सिविल सर्जन आदेश श्रीवास्तव को निगरानी की टीम ने रिश्वत की रकम लेते हुए गिरफ्तार किया था.

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जहानाबाद. बिहार के जहानाबाद से विजिलेंस (Vigilance Raid) की टीम ने एक सरकारी मुलाजिम को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. पटना से आई निगरानी की टीम ने सिविल सर्जन कार्यालय में छापेमारी कर सिविल सर्जन के क्लर्क अनिल सिंह को तीस हजार रुपये रिश्वत (Bribe) की रकम लेते दबोचा. गिरफ्तार किया गया क्लर्क सिकरिया पीएचसी के डॉक्टर इरफान उल जुहा को प्रभारी के रूप में पदस्थापित करने को लेकर चिट्ठी निकालने की एवज में यह रकम ले रहा था.

60 हजार रुपए में तय हुई थी डील

निगरानी के पदाधिकारी ने बताया कि सिकरिया पीएचसी के प्रभारी की चिट्ठी निकालने की एवज में सिवल सर्जन कार्यालय का क्लर्क ने उनसे साठ हजार रुपये की मांग की थी जिसकी शिकायत उन्होंने निगरानी विभाग में की थी. उनकी शिकायत की जांच के बाद विमलेंदु वर्मा के नेतृत्व में निगरानी की टीम ने आज छापेमारी कर क्लर्क अनिल कुमार सिंह को रंगे हाथ धर दबोचा.



जांच के दौरान सही पाये गए थे आरोप
निगरानी की इस कार्रवाई से सिविल सर्जन कार्यालय में हड़कंप मच गया है. अधिकारियों ने बताया कि किसी भी पीएचसी में वहां के वरीय डॉक्टर को प्रभार दिया जाता है परंतु अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा रिश्वत की मांग को लेकर उन्हें प्रभार नही दिया जा रहा था जिसकी शिकायत करने के बाद निगरानी के अधिकारियों ने दो बार जांच करने के उपरांत आज यह कार्रवाई की.

5 साल पहले भी हुई थी कार्रवाई

इस कार्रवाई के बाद निगरानी की टीम गिरफ्तार किए गए क्लर्क को अपने साथ पटना ले कर चली गयी है. गिरफ्तार किए गए क्लर्क के मुताबिक सिविल सर्जन के कहने पर ही उन्होंने डॉक्टर से रिश्वत की मांग की थी. गौरतलब है कि इससे पूर्व सन 2015 में तत्कालीन सिविल सर्जन आदेश श्रीवास्तव को निगरानी की टीम ने रिश्वत की रकम लेते हुए गिरफ्तार किया था.
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