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कृषि मंत्री सुधाकर सिंह का वादा- सूखाग्रस्त घोषित होगा बिहार, किसानों को हर स्तर पर दी जाएगी राहत

कृषि मंत्री सुधाकर सिंह का वादा- सूखाग्रस्त घोषित होगा बिहार, किसानों को हर स्तर पर दी जाएगी राहत

बिहार में महागठबंथन की सरकार बनने के बाद कृषि मंत्री सुधाकर सिंह पहली बार कैमूर पहुंचे.

बिहार में महागठबंथन की सरकार बनने के बाद कृषि मंत्री सुधाकर सिंह पहली बार कैमूर पहुंचे.

Relief Scheme: बिहार सरकार के कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने कहा कि बिहार के किसानों ने खेती में जो पूंजी लगाई है वह कैसे वापस आ जाए, हम उस चुनौती को स्वीकार करते हैं. जहां परती खेत है, पानी के अभाव में खेती नहीं हुई है, वहां आपदा के जरिए किसानों तक राहत का काम करेंगे.

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हाइलाइट्स

कृषि मंत्री ने कहा कि जिनकी फसलें पानी के अभाव में फसलें मर रही हैं, उन्हें क्षतिपूर्ति मुआवजा मिलेगा.
उन्होंने कहा कि जो किसान सूखे की वजह से खेती नहीं कर सके, उन्हें एक मुश्त मुआवजा दिया जाएगा.
सुधाकर सिंह ने कहा कि किसानों को अगली फसल के लिए बीज से लेकर खाद तक हम मुहैया कराएंगे.

कैमूर. बिहार में महागठबंधन की सरकार बनने के बाद पहली बार कैमूर पहुंचे बिहार सरकार के कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने किसानों के लिए बहुत बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि बिहार को सूखाग्रस्त घोषित किया जाएगा. जो किसान सूखे की वजह से खेती नहीं कर सके, उन्हें एक मुश्त मुआवजा दिया जाएगा और जिन्होंने खेती की लेकिन पानी के अभाव में फसलें मर रही हैं, उन्हें क्षतिपूर्ति मुआवजा मिलेगा.

सुधाकर सिंह ने कहा कि मैंने इतिहास के उस दौर में मंत्री पद की शपथ ली है, जब सैकड़ों साल में एक बार अकाल आता है. उस भयानक अकाल के बीच दौर में हमने कार्यभार संभाला है. बिहार के किसानों ने खेती में जो पूंजी लगाई है वह कैसे वापस आ जाए, हम उस चुनौती को स्वीकार करते हैं. जहां परती खेत है, पानी के अभाव में खेती नहीं हुई है, वहां आपदा के जरिए किसानों तक राहत का काम करेंगे. यह संपूर्ण मानवता के लिए संकट है. इनसानों के साथ जीव-जंतु सबके लिए संकट की स्थिति है. पीने के लिए पानी, पशुओं के लिए चारा का घोर अभाव होने जा रहा है. हमें खेती को भी बचाना है. इन सारी स्थिति को फॉलो करते हुए हमें आगे बढ़ना है.

उन्होंने कहा कि यह राज्य सूखाग्रस्त घोषित होगा और हम किसानों को दो स्तरों पर राहत देने जा रहे हैं. जिनकी खेती नहीं हुई है, उनको एक मुश्त हम पैसा देने जा रहे हैं और जो खेती कर लिए हैं और उनका जो नुकसान हुआ है उसकी हम भरपाई करेंगे. दोनों स्तर पर हम काम करेंगे और तीसरा काम होगा कि अगली फसल के लिए बीज से लेकर खाद तक अलग से मुहैया कराएंगे.

अकाल की स्थिति को देखते हुए देश और राज्यस्तर पर हम वैज्ञानिकों को बुलाएंगे कि हमलोगों को सही सलाह दें कि आगे क्या करना चाहिए. सभी वैज्ञानिकों को इसी सप्ताह बुलाया जाएगा. मैं किसान हूं, किसान का बेटा हूं जो इस कुर्सी तक पहुंचा है. स्वभाविक है कि किसानों के पक्ष में फैसला लेंगे. जिस दिन लगेगा कि मैं किसानों के हक में फैसला लेने में असमर्थ हूं उस दिन इस कुर्सी पर नहीं रहूंगा.

Tags: Bihar News, Drought, Farmers

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