Bihar Elections: इस सीट पर NDA में फूट, अंदरखाने LJP प्रत्याशी की मदद कर रहे BJP कार्यकर्ता   

सासाराम विधानसभा क्षेत्र में NDA के विभिन्न दलों के कार्यकर्ताओं में आपसी सामंजस्य का अभाव है.
सासाराम विधानसभा क्षेत्र में NDA के विभिन्न दलों के कार्यकर्ताओं में आपसी सामंजस्य का अभाव है.

Bihar Assembly Election 2020: जदयू ने डॉ. अशोक कुशवाहा (Dr. Ashok Kushwaha) को अपना उम्मीदवार बनाया है. अशोक कुशवाह पिछले तीन दशक से RJD से जुड़े रहे. पिछले दिनों उन्होंने JDU की सदस्यता ली थी.

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सासाराम. भाजपा (BJP) की पारंपरिक विधानसभा सीट सासाराम (Sasaram) में RJD ने इस बार भगवा पार्टी के वोट बैंक में सेंधमारी करने की कोशिश की है. RJD ने सासाराम सीट पर वैश्य समाज से आने वाले राजेश गुप्ता को अपना उम्मीदवार बनाया है. दूसरी ओर इस सीट के JDU कोटे में चले जाने की वजह से बीजेपी कार्यकर्ता पूरी तरह से शिथिल दिख रहे हैं. वहीं, भाजपा के बागी नेता रामेश्वर चौरसिया (Rameshwar Chaurasia) लोजपा (LJP) के टिकट से चुनाव लड़ रहे हैं. ऐसे में कहा जा रहा है कि भाजपा के बहुत से कार्यकर्ता रामेश्वर चौरसिया की मदद कर रहे हैं, जिससे सासाराम विधानसभा क्षेत्र में एनडीए (NDA) के कमजोर पड़ने के आसार हैं.

सासाराम में जदयू ने डॉ. अशोक कुशवाहा को अपना उम्मीदवार बनाया है. अशोक कुशवाह पिछले तीन दशक से आरजेडी से जुड़े रहे. पिछले दिनों उन्होंने जदयू की सदस्यता ली थी. जदयू में आते ही उन्हें सासाराम से उम्मीदवार बना दिया गया. हाल तक राजद के मजबूत स्तंभ कहे जाने वाले डॉ. अशोक कुशवाहा के पाला बदलते ही भाजपा के दावेदार जवाहर प्रसाद हाशिए पर चले गए. सीट बंटवारे में जब सासाराम जदयू के कोटे में गया तो उसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में निराशा छा गई. माना जा रहा है‍ कि वरिष्ठ भाजपा नेता रामेश्वर चौरसिया ने सासाराम से लोजपा प्रत्याशी बनकर भाजपा कार्यकर्ताओं को कुछ संबल दिया है. बहुत से भाजपा कार्यकर्ता चौरसिया के समर्थन में बताए जा रहे हैं. ये लोग अब खुलेआम लोजपा प्रत्याशी के पक्ष में कैंपेन चला रहे हैं.

NDA में बिखराव का राजद को फायदा
सासाराम विधानसभा क्षेत्र में NDA के विभिन्न दलों के कार्यकर्ताओं में आपसी सामंजस्य का अभाव है. आलाकमान के निर्देश के बाद भाजपा के कई कार्यकर्ताओं को NDA के संयुक्त बैठक में देखा गया. लेकिन, पूर्व विधायक जवाहर प्रसाद अभी भी जदयू प्रत्याशी डॉ अशोक कुमार के साथ प्रचार में नहीं दिख रहे हैं.




बागी बिगाड़ रहे NDA का खेल
भाजपा के वरिष्ठ नेता तथा नोखा से चार बार विधायक रह चुके रामेश्वर चौरसिया ने रातों-रात पाला बदलकर लोक जनशक्ति पार्टी का दामन थामा और सासाराम सीट से मैदान में उतर गए. चौरसिया के मैदान में उतरते ही एनडीए की एकजुटता बिखरती दिखी, जिससे कहीं न कहीं राजद प्रत्याशी को मदद मिल रही है. जानकार कहते हैं कि अगर यही हाल रहा तो राजद प्रत्याशी राजेश गुप्ता की जीत की संभावना ज्‍यादा है.

प्रत्याशियों के दावे
वर्तमान विधायक और हाल ही में राजद से पाला बदलकर जदयू में आए डॉ अशोक कुमार कहते हैं कि उन्हें एनडीए के विभिन्न घटक दलों का समर्थन मिल रहा है. वहीं, रामेश्वर चौरसिया कहते हैं कि 2 से 4 दिनों में उनके तमाम पुराने साथी उनके साथ होंगे. NDA के भाजपा-लोजपा की उहापोह की स्थिति के बीच राजद के प्रत्याशी राजेश गुप्ता की बांछें खिली हुई हैं. वे कहते हैं कि राजद का मास वोट तो उनका सुनिश्चित है, लेकिन इस बार पूरा वैश्य समुदाय उनके साथ है. राजेश गुप्ता दावा करते हैं कि समाज के हर वर्ग के सहयोग से उनकी जीत तय है. अंततः यह कहना लाजमी होगा कि एनडीए की आपसी कलह इस बार भारी पड़ सकती है और राजद प्रत्याशी इन दोनों के बीच से अपनी जीत तय मानते हैं.
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