बिहार के इस गांव में मुर्दे को मिला PM आवास योजना का लाभ, तीन किस्तों में आई राशि
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बिहार के इस गांव में मुर्दे को मिला PM आवास योजना का लाभ, तीन किस्तों में आई राशि
कैमूर में इंदिरा आवास योजना का लाभ पाने वाला लाभुक

मामला कैमूर (Kaimur) जिला से जुड़ा है जहां के कैथी पंचायत के पंची गांव के निवासी बालेश्वर सिंह यादव का पीएम आवास (PM Awash Yogna) योजना में चयन हुआ था लेकिन इस दौरान उनकी मृत्यु 26 मई 2019 को हो गई.

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कैमूर. बिहार के कैमूर (Kaimur) में एक अजीबोगरीब मामला प्रकाश में आया है. यहां मरे हुए एक व्यक्ति को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया गया. मामला भभुआ (Bhabhua) प्रखण्ड के कैथी पंचायत के पंची गांव का है. दरअसल बालेश्वर सिंह यादव का पीएम आवास योजना में चयन हुआ था लेकिन इस दौरान उनकी मृत्यु 26 मई 2019 को हो गई. उनके दाह-संस्कार के लिए परिवार के लोग बनारस गए थे. कैथी पंचायत के मुखिया ने इसको लेकर अपने लेटर पैड पर बनारस जाने की अनुमति भी दी थी लेकिन उनकी मौत के बाद भी प्रखण्ड कार्यालय ने बिना जांच किए ही बालेश्वर सिंह यादव के खाते में तीन किस्तों में 1.30 लाख रुपया भेज दिया.

BDO पर लगे आरोप

इसको लेकर प्रखण्ड प्रमुख प्रतिनिधि और प्रखण्ड मुखिया संघ के अध्यक्ष ने बीडीओ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया कि मरे हुए व्यक्ति के खाते में बिना जांच किए हुए तीनों किस्तों का पैसा कैसे भेजा गया. प्रमुख और मुखिया ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा कि प्रखण्ड कार्यालय की बड़ी लापरवाही है कि बिना जांच किए हुए आवास का पैसा भेज गया इस पर कार्रवाई की जाए.



क्या कहते हैं भभुआ प्रमुख प्रतिनिधि 



भभुआ प्रखण्ड प्रमुख प्रतिनिधि कमलेश सिंह का कहना है कि यह पहली बार नहीं हुआ है कि प्रखण्ड कार्यालय के कर्मी ने पैसे लेकर हेरफेर ना किया हो. पंची निवासी बालेश्वर सिंह यादव की मृत्यु 26 मई को होती है लेकिन इसके बावजूद भी उनके खाते में 15 जून को पहली किस्त, सितम्बर में दूसरी किस्त, अक्टूबर में तीसरी किस्त की राशि भेजी गई. यह जांच का विषय है जो दोषी हो उन पर कार्रवाई की जाए.

मुखिया संघ के अध्यक्ष बोले

भभुआ प्रखण्ड के मुखिया संघ के अध्यक्ष अजय सिंह पटेल का कहना है कि जब से बीडीओ शशि कांत शर्मा आये है तब से मरे हुए, नौकरी वाले, पक्का मकान वाले लोगों को भी पीएम योजना का आवास दिया जाता है और जो गरीब हैं जिनके पास आवास नहीं है उन्हें नहीं दिया जाता है. एक आवास पर आवास सहायक द्वारा 15 से 20 हजार रुपया लेकर बिना कागजी कार्रवाई पूरा किए ही आवास चयन कर दिया जाता है जिसके कारण जरूरतमंद लाभुकों को आवास नहीं मिल पाता है.

लाभुक के परिजन बोले

मृतक के पुत्र शुभु सिंह यादव ने कहा कि मेरे पिता की मृत्यु 15 जून को हुई थी. आवास के लिए मुखिया पैसे मांग रहे थे लेकिन नहीं दिया तो मृत्यु की तारीख में हेराफेरी कर दी गई जिससे परेशानी बन गई हैं. हमें 1.30 लाख रुपया मिला जिसके बाद हमने भी आवास बना लिया.

बीडीओ ने आवास सहायक से मांगा स्पष्टीकरण

भभुआ प्रखण्ड के बीडीओ शशिकांत शर्मा ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है और जांच कराई जायेगी उसके बाद जो भी दोषी लोग होंगे उन पर कार्रवाई की जाएगी. ये मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है कि मरे हुए व्यक्ति को पीएम आवास योजना का पैसा कैसे मिल गया जबकि सैकड़ों लोग जिनके पास आवास नहीं है वो रोज कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं.

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