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VIDEO: सिर है या चट्टान, 1 मिनट में लोहे के 24 सरिया मोड़कर गिनीज बुक में दर्ज कराया नाम

अपने सिर से लोहे की सरिया को मोड़ते धर्मेंद्र

अपने सिर से लोहे की सरिया को मोड़ते धर्मेंद्र

यह रिकॉर्ड (Record) पहले अर्मेनिया के अरमेन एडांटर्स के नाम था. उन्होंने 26 अप्रैल 2015 में एक मिनट में 18 सरिया मोड़ने का रिकॉर्ड बनाया था.

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अमरेन्द्र कुमार/प्रमोद कुमार

पटना. अब तक आपने सिर की मदद से टू व्हीलर या फोर व्हीलर खींचने की बात देखी और सुनी होगी. लेकिन, हम आपको आज बता रहे हैं एक ऐसे इंसान की कहानी जिसने अपने अनोखे कारनामे से गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज करा लिया है. हम बात कर रहे हैं बिहार के रहने वाले और हैमर हेड मैन के नाम से मशहूर धर्मेंद्र की, जिन्होंने सिर्फ 1 मिनट में लोहे के 24 सरिया को अपने सिर के बल मोड़ डाला. धर्मेंद्र इससे पहले भी अपनी सिर की मजबूती के लिए पूरे देश में विख्यात हैं और वो कच्चा नारियल और बेल को अपने सिर पर ऐसे तोड़ते हैं जैसे वो टमाटर हो.

बचपन से ही अपने सिर को मजबूत करने वाले और हथौड़े से ठोकने वाले हैमर हेडमैन धर्मेंद्र बिहार के कैमूर जिले के रामगढ़ के रहने वाले हैं. धर्मेन्द्र ने सोमवार को त्रिपुरा में गिनीज बुक के प्रतिनिधि की मौजूदगी में विश्व रिकॉर्ड का ऑनलाइन फाइनल टच देते हुए कीर्तिमान बनाया और 12 एमएम की 24 सरिया को अपने सिर पर रखकर हाथ से मोड़ने का रिकॉर्ड बना डाला वो भी महज एक मिनट में.



एक मिनट में तोड़ डाला पांच साल पुराना रिकॉर्ड
यह रिकॉर्ड पहले अर्मेनिया के अरमेन एडांटर्स के नाम था. उन्होंने 26 अप्रैल 2015 में एक मिनट में 18 सरिया मोड़ने का रिकॉर्ड बनाया था. धर्मेन्द्र कुमार सिंह त्रिपुरा राइफल्स मेंं कार्यरत हैं. उन्होंने न्यूज 18 को बताया कि एक वर्ष से रिकॉर्ड तोड़ने की लगातार प्रैक्टिस कर रहे है. धर्मेन्द्र इंटरनेशनल स्टंट गेम में पहले ही विश्व रिकॉर्ड बना चुके है. इंडियन वर्ल्ड रिकॉर्ड फाउंडेशन (आईडब्लूयूआर) की ओर से 2017 में त्रिपुरा अगरतला में आयोजित प्रतियोगिता में 2.50 मिनट में 51 कच्चे बेल (वुड ऐप्पल) सिर से तोड़ने का रिकॉर्ड बनाया है. इस प्रतियोगिता में 21 देशों के स्टंट मैन शामिल हुए थे.

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एक मिनट में तोड़ते हैं 57 कच्चे नारियल

इसी प्रतियोगिता एक मिनट में 57 कच्चे नारियल सिर से तोड़ने का भी विश्व रिकॉर्ड बनाया है. इस रिकॉर्ड के बाद त्रिपुरा राइफल ने धर्मेन्द्र को हैमर हैडमान की उपाधि के साथ पदोन्नति देकर सिपाही से सब इंस्पेक्टर बना दिया था.

क्या कहती हैं जवान की मां
धर्मेन्द्र की माता कुंती देवी ने बताया कि बचपन मे छिप-छिपकर खेत में सिर से फलों को तोड़ने की प्रैक्टिस करता था. डांट के डर से घर पर कुछ नहीं बोलता था. उन्‍होंने बताया कि एक मां के लिए इससे बढ़कर गर्व की बात क्या हो सकती है कि बेटा सेना में भारत की सुरक्षा करता है और दूसरी तरफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर देश का नाम दुनिया मे रौशन कर रहा है. पिता अपिलेश्वर सिंह ने बताया कि धर्मेन्द्र पढ़ाई में बहुत तेज नहीं था, लेकिन एक बार जब कुछ करने की ठान लेता था तो कर के ही दम लेता था. उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनका बेटा इतना आगे बढ़ जाएगा. गांव वालों के सहयोग से यह सब कुछ सम्भव हुआ है. उन्होंने बताया कि किसी काम का एक बार जब जुनून सवार होता था तो काम कर के ही मानता था. उन्होंने बताया कि 2017 में भी 21 देशों को पीछे छोड़ भाई ने विश्व रिकॉर्ड बनाया था.

क्या कहते है गांव के दोस्त
धर्मेन्द्र के करीबी गांव निवासी अखिलेश श्रीवास्तव ने बताया कि 8वीं क्लास में एक बार धर्मेन्द्र दीवार से टकरा गया था. धर्मेन्द्र का सर तो फूटा लेकिन दीवार का सीमेंट भी हल्का टूट गया था. यहीं से उन्होंने प्रेरणा लेकर तैयारी शुरू किया और आज विश्वभर में देश का नाम रौशन कर रहें है. धर्मेंद्र इससे पहले भी न्यूज 18 के सामने अपन सिर की शक्ति का प्रदर्शन कर चुके हैं.
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