Bihar Assembly Election 2020: बरारी सीट पर कभी किसी एक पार्टी का नहीं रहा दबदबा

बरारी सीट का ये रहा है इतिहास
बरारी सीट का ये रहा है इतिहास

Bihar Assembly Election 2020: मतदाताओं की बात करे तो बरारी विधानसभा क्षेत्र में कुल 237054 मतदाता हैं (2015 के वोटर्स लिस्ट के आधार पर). यहां पुरुष मतदाता की संख्या 53.36 प्रतिशत हैं. जबकि, महिला 46.63 प्रतिशत हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 20, 2020, 2:03 PM IST
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कटिहार. कटिहार (Katihar) संसदीय क्षेत्र की बरारी विधानसभा सीट (Barari Assembly Seat) बिहार चुनाव (Bihar Election 2020) के लिए काफी महत्वपूर्ण रही है. साल 2015 के विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की तरफ से राष्ट्रीय जनता दल के नीरज यादव  ने इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी के बिभास चंद्र चौधरी को हराकर कब्ज़ा जमाया था. बरारी सीट पर एनसीपी (NCP) के एमडी शकूर तीसरे स्थान पर रहे थे. साल 2010 और अक्टूबर 2005 के राज्य विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के बिभाष चंद्र चौधरी ने बरारी विधानसभा सीट पर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी एनसीपी के मोहम्मद शकूर को हराकर जीत हासिल की.

अगर मतदाताओं की बात करे तो बरारी विधानसभा क्षेत्र में कुल 237054 मतदाता हैं (2015 के वोटर्स लिस्ट के आधार पर). यहां पुरुष मतदाता की संख्या 53.36 प्रतिशत हैं. जबकि, महिला 46.63 प्रतिशत हैं. वहीं, 2015 विधानसभा चुनाव में 165037 मतदाताओं ने अपने मत का इस्तेमाल किया था.

ये रहा है जीत का इतिहास



2015 में आरजेडी के नीरज यादव जीते. 2010 में बीजेपी के बिभास चौधरी यहां से जीते. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के मोहम्मद शकूर ने फरवरी 2005 में भारतीय जनता पार्टी के बिभाष चंद्र चौधरी को हराया था. अक्टूबर में हुए उपचुनाव में फिर से बीजेपी के विभास चौधरी की जीत हुई, राष्ट्रीय जनता दल यानि आरजेडी के मंसूर आलम ने साल 2000 में राकांपा (एनसीपी) के मोहम्मद शकूर को हराया. वहीं, जनता दल के मंसूर आलम ने साल 1995 में बीजेपी के विभास चंद्र चौधरी को हराया था. साल 1990 में एलडी के मंसूर आलम ने साल 1985 में निर्दलीय प्रेम नाथ जायसवाल को हराया. कांग्रेस के करुणेश्वर सिंह ने 1980 में जनता पार्टी (सेक्युलर - चरण सिंह) की सपना देवी को हराया. जेपी के बासुदेव प्रसाद ने 1977 में निर्दलीय मंसूर आलम को हराया था.
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