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लोकआस्था का महापर्व छठ: कटिहार के किसान 100 एकड़ में करते हैं कद्दू की खेती

लोकआस्था का महापर्व छठ: कटिहार के किसान 100 एकड़ में करते हैं कद्दू की खेती

कटिहार में किसान बड़े पैमाने पर कद्दू की खेती करते हैं.

कटिहार में किसान बड़े पैमाने पर कद्दू की खेती करते हैं.

Chhath Puja: छठ पर्व में नहाय-खाय के दिन कद्दू और दाल-भात का प्रसाद विशेष रूप से बनाया जाता है. इस दिन छठ व्रती स्नान करने के बाद कद्दू की सब्जी, चने का दाल और भात का प्रसाद ग्रहण करते हैं. ऐसे में नहाय-खाय के दिन कद्दू की विशेष डिमांड होती है.

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कटिहार: लोकआस्था के महापर्व चार दिवसीय छठ अनुष्ठान की शुरुआत सोमवार को नहाय-खाय के साथ हो गयी है. छठ पर्व में नहाय-खाय के दिन कद्दू और दाल-भात का प्रसाद विशेष रूप से बनाया जाता है. इस दिन छठ व्रती स्नान करने के बाद कद्दू की सब्जी, चने का दाल और भात का प्रसाद ग्रहण करते हैं. ऐसे में नहाय-खाय के दिन कद्दू की विशेष डिमांड होती है. इसे देखये हुये कटिहार के हसनगंज, कोढ़ा और राजवाड़ा में विशेष रूप से कद्दू की खेती की जाती है. सब्जी हब के रूप में अपनी पहचान बना चुके इस इलाके की बड़ी आबादी सब्जी की खेती से जुड़ी हुई है. ऐसे में लोकआस्था के महापर्व छठ का इन किसानों को बेसब्री से इंतजार रहता हैं. दरअसल इस दौरान कद्दू की अधिक मात्रा में डिमांड को पूरा करने के लिए किसान बहुत पहले से तैयारी करते हैं. बताया जाता है कि यहां के किसान करीब 60 से 70 दिन पहले से ही बड़े पैमाने पर कद्दू की खेती शुरू कर देते हैं.

किसानों के अनुसार छठ माता ही उनकी आर्थिक समृद्धि का द्वार खोलती है. छठ को लेकर करीब 100 एकड़ के क्षेत्र में कद्दू की खेती की जाती है और किसान करीब तीन माह पूर्व से इसके लिए मेहनत करना शुरू कर देते हैं. ताकि नहाय-खाय के दो-तीन दिन पहले ही कद्दू को तैयार कर बाजार भेज सके.

इस बारे में कद्दू उत्पादक किसान पप्पू सिंह ने बताया कि छठ में कद्दू-भात प्रसाद के तौर पर ग्रहण किया जाता है. इसको लेकर बाजारों में कद्दू की काफी डिमांड रहती. इस वजह से अच्छी आमदनी हो जाती है. वहीं मोहन सिंह का कहना है कि महापर्व के बाद ठंडा पड़ने के बाद कद्दू की बिक्री व कीमत कम हो जाने की वजह से इस त्योहार से किसान उम्मीद लगाए रखते हैं. रमेश सिंह का कहना है कि कटिहार के इन इलाकों से सिर्फ अपने शहर में ही नहीं बल्कि पड़ोसी जिले अररिया, पूर्णिया, भागलपुर, बेगूसराय के साथ-साथ झारखंड तक कद्दू भेजा जाता है.

यहां एक और खास बात यह है कि अगर कोई छठ व्रती  ऊंचे दर होने की वजह से कद्दू खरीद नहीं पाते हैं तो उन लोगों को किसान बिना पैसे लिए कद्दू उपलब्ध कराते हैं और पर्व के प्रति अपनी आस्था का भी परिचय देते हैं.

Tags: Bihar Chhath Puja, Bihar News, Chhath Puja, Chhath Puja 2021, Katihar news

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