कदवा विधानसभा: बाढ़ से जूझ रहे बिहार के इस इलाके में किसकी चुनावी नैया लगेगी पार?

बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं. (प्रतीकात्‍मक फोटो)
बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं. (प्रतीकात्‍मक फोटो)

बिहार (Bihar) में बाढ़ (Flood) की समस्या से कई इलाके प्रभावित रहते हैं. कटिहार (Katihar) जिले का विधानसभा क्षेत्र राज्य के उन इलाकों में शामिल है, जहां बाढ़ से लोगों का जनजीवन हर साल प्रभावित होता है.

  • News18 Bihar
  • Last Updated: September 21, 2020, 12:54 PM IST
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कटिहार. बिहार (Bihar) में बाढ़ (Flood) की समस्या से कई इलाके प्रभावित रहते हैं. कटिहार (Katihar) जिले का विधानसभा क्षेत्र राज्य के उन इलाकों में शामिल है, जहां बाढ़ से लोगों का जनजीवन हर साल प्रभावित होता है. चुनावों में बाढ़ से निपटने के उपाय मुद्दा बनते हैं, लेकिन चुनाव के बाद आज तक स्थिति सुधारने कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. राजनीतिक तौर पर इस इलाके में ज्यादातर कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशियों का ही दबदबा रहा है. हालांकि यहां बीजेपी के प्रत्याशी को भी पहले जीत मिल चुकी है. वर्तमान में इस सीट से कांग्रेस के विधायक हैं. लेकिन बिहार चुनाव 2020 (Bihar Election 2020) में सत्तारूढ़ एनडीए (NDA) भी जीत के लिए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है.

1952 से विधानसभा का अस्तित्व लिए कदवा के पहले विधायक कांग्रेस के जीवत्स हिमांशु शर्मा बने. फिर वर्ष 1962 के बाद इस विधानसभा क्षेत्र का स्वरूप बदल गया. कदवा को जनसंख्या व क्षेत्रफल के आधार पर आजमनगर विधानसभा में शामिल कर लिया गया, लेकिन वर्ष 1977 के चुनाव में यह विधानसभा क्षेत्र दोबारा अस्तित्व में आया. इसके बाद अगले दो चुनाव 1977 और 1980 में यहां से निर्दलीय प्रत्याशी ख्वाजा शाहिद हुसैन व मांगन इंसान को यहां से जीत मिली. इस क्षेत्र में अल्पसंख्यक आबादी बाहुल्य है.

कांग्रेस का दबदबा
कदवा विधानसभा क्षेत्र में सदर विधानसभा क्षेत्र में 28 पंचायतों से युक्त कदवा व डंडखोरा प्रखंड के लोग अपने प्रतिनिधि का चुनाव करते हैं. इस बार के विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस की ओर से सीटिंग विधायक शकील अहमद खान को ही फिर से उम्मीदवार बनाया जाना तय माना जा रहा है. इस सीट पर एनडीए की ओर से जदयू व भाजपा दोनों दलों के संभावित प्रत्याशी जोड़तोड़ में जुटे हैं. यहां प्रत्याशी का चयन सीट शेयरिंग तय होने के बाद ही होगा. इस क्षेत्र में वामदल व आम आदमी पार्टी भी चुनाव की तैयारी कर रही है.
यहां प्रसिद्ध है गोरखनाथ मंदिर


कदवा विधानसभा क्षेत्र में गोरखपुर गांव में गोरखनाथ के नाम से प्रसिद्ध शिव मंदिर का इतिहास बहुत पुराना है. बिना नींव के कटोरी को उल्टा कर बैठा देने जैसी अवस्था में यह मंदिर अद्भुत दिखाई देता है. इस विधानसभा में कुल 2 लाख 70 हजार 345 वोटर्स हैं. इनमें 1 लाख 43 हजार 190 पुरुष व 1 लाख 27 हजार 146 महिला वोटर्स शामिल हैं. इस विधानसभा क्षेत्र में प्रमुख समस्या महानंदा नदी में आने वाली बाढ़ है. टूटे  तटबंधों की मरम्मत नहीं होने से यहां के लोग प्रतिवर्ष बाढ़ की त्रासदी झेलने के लिए विवश हैं.

अब तक के विजेता
1952 -जीवत्स हिमांशु शर्मा- कांग्रेस
1957 -मोहिउद्दीन मुख्तार - कांग्रेस
1962- कमलनाथ झा - कांग्रेस
1977- ख्वाजा शाहिद- निर्दलीय
1980 -मांगन इंसान -निर्दलीय
1985 -उस्मान गनी -कांग्रेस
1990 -अब्दुल जलील -आईएनडी (निर्दलीय)
1995 -भोला राय -बीजेपी
2000 -हिमराज सिंह -निर्दलीय
2005 -अब्दुल जलील -एनसीपी
2010 -भोला राय -बीजेपी
2015 -शकील अहमद खान - कांग्रेस
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