कटिहारः कैसे एक फरमान को ट्रैफिक पुलिस ने बना लिया अवैध कमाई का नया जरिया
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आरक्षी अधीक्षक के आदेश के बाद ई-रिक्शा चालकों को एक सुविधा नंबर प्रदान किया है ताकि शहर में ई-रिक्शा का संचालन सुचारू ढंग से हो सके, लेकिन कटिहार पुलिस के उक्त फरमान को ट्रैफिक पुलिस ने वसूली प्लान में बदल दिया है.

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कटिहार जिले में हाल ही में आरक्षी अधीक्षक के आदेश के बाद ई-रिक्शा चालकों को एक सुविधा नंबर प्रदान किया है ताकि शहर में ई-रिक्शा का संचालन सुचारू ढंग से हो सके, लेकिन कटिहार पुलिस के उक्त फरमान को ट्रैफिक पुलिस ने वसूली प्लान में बदल दिया है.

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दरअसल, ई-रिक्शा में नंबर वाले स्टिकर निःशुल्क बांटने का आदेश जारी किया गया था, जिसमें ई-रिक्शा मालिक का नाम, पता और मोबाइल नंबर दर्ज रहता है. सोच यह थी कि इसके जरिए ई-रिक्शा को आसानी से ट्रैक किया जा सके, लेकिन यातायात पुलिस ने इसके जरिए अवैध वसूली शुरू कर दी है.



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रिपोर्ट के मुताबिक शहर में चल रहे कुल 500 ई रिक्शा चालकों और हजारों ऑटो चालकों को परिवहन लाइसेंस के अलावा उक्त नंबर जारी करने का प्रस्ताव है, लेकिन ट्रैफिक पुलिस नंबर वाले स्टिकर के बदले कुछ पैसा लेने की बात स्वीकार कर रही है जबकि ई -रिक्शा चालकों की मानें तो ट्रैफिक पुलिस स्टिकर के बदले उनसे 150 रुपए और उससे अधिक वसूल रही है.

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वहीं, पूरे मामले पर कटिहार पुलिस के आलाधिकारियों ने जारी किए गए नबंर वाले स्टिकरों को ई-रिक्शा चालकों के लिए पूरी तरह निशुल्क बताया है, लेकिन आज भी ट्रैफिक पुलिस स्टिकर वाले KP नंबरों के बदले अवैध वसूली कर लगातार पुलिस विभाग पर बट्टा लगा रहा है.

(रिपोर्ट-सुब्रत, कटिहार)
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