लोकसभा चुनाव 2019: तारिक अनवर के सामने दुलालचंद्र गोस्वामी का चैलेंज
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लोकसभा चुनाव 2019: तारिक अनवर के सामने दुलालचंद्र गोस्वामी का चैलेंज
तारिक अनवर-दुलालचंद गोस्वामी (फाइल फोटो)

कटिहार लोकसभा सीट का महत्व इस बात से भी समझा जा सकता है कि राहुल गांधी ने बीते 10 अप्रैल को यहां तारिक अनवर के लिए सभा भी की.

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कटिहार लोकसभा सीट से इस बार कुल 9 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं. कांग्रेस पार्टी से तारिक अनवर, जेडीयू से दुलालचंद्र गोस्वामी, एनसीपी से मुहम्मद शकूर, बहुजन समाज पार्टी से शिवनंदन मंडल, पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) से अब्दुर रहमान, राष्ट्रीय जनसंभावना पार्टी से गंगा केबट और भारतीय बहुजन कांग्रेस से बसुकीनाथ चुनाव मैदान में हैं. हालांकि मुख्य मुकाबला तारिक अनवर और दुलालचंद्र गोस्वामी में है.

कटिहार सीट का महत्व इस बात से भी समझा जा सकता है कि राहुल गांधी ने बीते 10 अप्रैल को यहां तारिक अनवर के लिए सभा भी की. हालांकि हाल में बलरामपुर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के नवजोत सिंह सिद्धू के बयान ने सांप्रदायिक राजनीति को खुलेआम कर दिया है.

कटिहार के बरारी विधानसभा क्षेत्र में स्थित गुरुद्वारा साहिब




बिहार के सीमांचल क्षेत्र में आने वाला कटिहार जिला पश्चिम बंगाल की सीमा से सटा हुआ है. पहले कटिहार जिला पूर्णिया जिले का एक हिस्सा था, लेकिन 1973 में अलग हो गया था. हालांकि लोकसभा क्षेत्र के रूप में कटिहार का अस्तित्व 1957 से है.
कटिहार लोकसभा सीट से 1957 में कांग्रेस के अवधेश कुमार सिंह पहले सांसद बने थे. 1958 में हुए उपचुनाव में कांग्रेस के भोला नाथ बिश्वास ने इस सीट पर जीत दर्ज की.

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1962 में प्रजा सोशलिस्ट पार्टी की प्रिया गुप्ता इस सीट से सांसद चुनी गईं. 1967 में यहां से सीताराम केसरी ने चुनाव  जीता था. 1977 में जनता पार्टी के युवराज ने यहां से चुनाव जीता. 1980 और 1984 में कांग्रेस के तारिक़ अनवर यहां से दो बार चुनकर लोकसभा पहुंचे.

कटिहार के कुर्सेला स्थित प्रसिद्ध गांधी घर


1989 में जनता दल के युवराज ने फिर जीत हासिल की. 1991 में जनता दल के मोहम्मद युनुस सलीम ने इस सीट को अपने नाम किया. 1996 और 1998 में कांग्रेस के तारिक़ अनवर फिर यहां से दो बार सांसद बने.

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1999 से 2009 तक BJP के निखिल कुमार चौधरी ने इस सीट पर जीत दर्ज की. इसके बाद 2014 में एक बार फिर तारिक अनवर जीते, लेकिन इस बार राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के टिकट पर. दरअसल 25 मई 1999 को सोनिया गांधी के विदेशी मूल का विरोध करते हुए कांग्रेस छोड़ एनसीपी में शामिल हो गए थे.

कटिहार के मनिहारी प्रखंड में स्थित गोगाबिल झील


इस लोकसभा सीट के अंतर्गत कटिहार, बलरामपुर, मनिहारी,कदवा, प्राणपुर और बरारी विधानसभा सीटें आती हैं. साल 2015 के विधानसभा चुनाव में 2 बीजेपी, 2 कांग्रेस, 1 आरजेडी और 1 सीट CPI(ML) (L) ने जीती थी.

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कटिहार संसदीय क्षेत्र में वोटरों की कुल संख्या 16 लाख 53 हजार 353 हैं, जो 9 प्रत्याशी के भाग्य का फैसला करेंगे.

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