लाइव टीवी

Bihar: कालिदास के बगीचे में योगी और विवेकानंद आम, यहां एक ही पेड़ पर 150 ​किस्में उगाने की है योजना
Katihar News in Hindi

Subrata Guha | News18 Bihar
Updated: May 21, 2020, 10:53 AM IST
Bihar: कालिदास के बगीचे में योगी और विवेकानंद आम, यहां एक ही पेड़ पर 150 ​किस्में उगाने की है योजना
कालिदास बनर्जी के बगीचे में 30 वैरायटी के आम हैं

कटिहार के कालिदास बनर्जी (Kalidas Banerjee) के आम (Mango) के बगीचे में लगे 450 आम के पेड़ फलों से लदे हुए हैं. उन्हें इस साल अच्छे कारोबार की उम्मीद है.

  • Share this:
कटिहार. कोरोना वायरस (Coronavirus) से बचने के लिए लॉक डाउन के दौरान इस बार आम बगीचा मालिकों को कई परेशानी का सामना करना पड़ा है. इन सब के बीच ​कटिहार के कालिदास बनर्जी (Kalidas Banerjee) अपने आम के बगीचों की ओर देखकर सफलता के हाव भाव लिए मुस्कुराते हैं और कहते हैं कि इस बार बागों में बहार ही बहार ही आई हुई है. कालीदास बनर्जी के आम का बगीचा (Mango Orchad) कई एकड़ में फैला हुआ है. इस बगीचे में करीब 450 आम के पेड़ हैं. यहां 30 वैरायटी के आम हैं और इस साल ज्यादातर पेड़ फल से लदे हुए हैं.

विवेकानंद और योगी इस बगीचे के हैं खास आम

कालीदास बनर्जी ने अपने इस बगीचे में आमों के नाम महापुरुषों के नाम से जोड़कर रखे हैं. यहां उदारहण के तौर पर विवेकानंद, चितरंजन बोस के साथ-साथ आधुनिक समय के राजनीतिक प्रभाव वाले योगी आम भी हैं. हालांकि कालीदास योगी आम को राजनीति से जोड़ने की बात को दरकिनार करते हुए कहते हैं कि यह नाम तो महज संयोग है. दरअसल इस आम का रंग भगवा होने के कारण इलाके में इसे खास पहचान वाली योगी आम के रूप में पहचाना जाता है. वैसे रंग-रूप और मिठास के मामले में ये दूसरे आमों से कुछ अलग ही है. कालीदास को इस इलाके के लोग प्यार से काली दा कहकर बुलाते हैं.



'एक ही पेड़ में 150 किस्म के आम उगाने पर चल रहा है काम'



इस बगीचे के विवेकानंद और चितरंजन आम भी खास पहचान देते हैं. कालीदास के बगीचे के आम को ना केवल आम और खास लोग विशेष तवज्जो देते हैं. कटिहार जिले का कृषि विभाग भी इसके लिए ख़ास सम्मान रखता है. काली बनर्जी को भी कृषि विभाग एवं अन्य संस्थाओं की ओर से सम्मान प्राप्त हो चुका है. कालीदास कहते हैं कि मैं एक ही पेड़ में 150 वैरायटी के आम पैदा करने पर काम कर रहा हूं. मुझे उम्मीद है कि इस दिशा में जल्द ही सफलता मिलेगी.

kalidas banerjee
कालीदास कहते हैं कि मैं एक ही पेड़ में 150 वैरायटी के आम पैदा करने पर काम कर रहा हूं.


कई पीढ़ियों से करते हैं आम की खेती

इस इलाके के लोग कालीदास के आम की पैदावर से जुड़े अनुभवों का लाभ जमकर उठाते हैं. कटिहार जिले के एक ग्रामीण मो.मफरुद्दीन ने बताया कि वो इस परिवार को 30 साल से भी अधिक समय से जानते हैं. कालिदास का परिवार आम की खेती में बहुत अनुभवी है और इसका लाभ हमें भी मिलता है. स्थानीय लोगों को काली से आम को बेहतर बनाने की जानकारी के साथ साथ हमेशा कोई भी खेती से जुड़े मामले पर पूर्ण सहयोग मिलता है. कृषि आधारित संस्था आत्मा के सहायक निर्देशक शशि कांत झा कहते है कि वो काली दा के बगीचों में कई बार जा चुके है. सीमांचल के इलाके में आम से जुड़ी जानकारी के मामले में काली बनर्जी अपने आप मे किसी इंस्टीट्यूट से कम नही हैं. आम पर उनका कुछ अलग करने को लेकर शोध लगातार जारी है.

ये भी पढ़ें: BJP ने कोरोना संकट के बीच शुरू की बिहार में विस चुनाव की तैयारी

UP के बाद अब बिहार में भी शुरू हुई कांग्रेस की बसों पर राजनीति

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए कटिहार से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: May 21, 2020, 10:52 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
corona virus btn
corona virus btn
Loading