ज़मीनी विवाद: मुर्दे के नाम पर प्रशासन ने कर दी यह भारी चूक!

ज़मीनी विवाद: मरने के चार साल बाद ज़मीन कर दी किसी और के नाम,प्रशासन से हुई चूक

News18Hindi
Updated: March 7, 2018, 12:28 AM IST
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Updated: March 7, 2018, 12:28 AM IST
 

बिहार के कटिहार जिले के अंचल कार्यालय में ज़मीन के म्यूटेशन केस(यानी मालिकाना नाम की अदला बदली) स्थानीय प्रशासन ने भारी चूक कर दी है. पीड़ित पक्ष का कहना है कि प्रशासन ने चूक नहीं की है बल्कि यह सीधे तौर पर रिश्‍वतखोरी का मामला है.

बिहार में ''लॉ एंड ऑर्डर'' के लिए ज़मीनी विवाद एक बड़ी समस्या है ,लेकिन सरकारी बाबुओं के आँख मूंद कर जेब गर्म की नीतियों के आधार पर अगर इस तरह मुर्दे के नाम पर ही म्यूटेशन होने लगे तो ज़मीनी विवाद का मामला सुलझने के बजाय और उलझ सकता है.
क्या है पूरा मामला

दरअसल सुदर्शन सिंह की मौत के चार साल बाद भी अंचल कार्यालय जारी कर दी म्यूटेशन की रसीद ,किसी की ज़मीन किसी के नाम पर ,परेशान परिजन काट रहे हैं दफतर का चक्कर ,अधिकारी ने माना हुई है चूक.
कटिहार अंचल कार्यालय में ज़मीन के म्यूटेशन के नाम पर कैसे आँख मूंदकर बाबुओ के जेब गर्म कर मोटेसन के दस्तावेज में हस्ताक्षर होता है ,इसकी नज़ीर जरा देखिये. कटिहार मुफस्सिल थाना क्षेत्र के डहेरिया भट्टा चौक के रहने वाले सुदर्शन सिंह की मृत्यु 03 . 11 . 2012 को हो गई थी.

मगर लगभग दो बीघा ज़मीन को उनके रिश्तेदारों ने निजी लाभ के लिए 19 /12 /2016 के तिथि में म्यूटेशन करवा लिया है. फिलहाल मामला कटिहार डी सी एल आर कोर्ट में काण्ड संख्या 1039 के रूप में दर्ज है. वहीँ परिजन लगातार इस मामले को लेकर सरकारी बाबुओं के दफ्तर का चक्कर काट कर परेशान हैं. मृतक की बेटी सीमा कुमारी के अनुसार उनके साथ प्रशासन ने अन्याय किया है और उनका हक किसी और के नाम कर दिया. कटिहार अंचल अधिकारी दबी जुबान से मानते हैं कि इस मामले पर प्रशासन से बड़ी चूक हुई है ,वर्तमान में मामला भूमि सुधार उप समाहर्ता के न्यायलय में है. उनके आदेश पर आगे इस पर निर्णय लिया जाएगा.
 
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