Video: फिमेल नहीं मेल हैं ये, बिहार के पहले मेल बेली डांसर का नृत्य देख आप भी रह जाएंगे हैरान

बिहार के पहले मेल बेली डांसर मानव झा

बिहार के पहले मेल बेली डांसर मानव झा

Belly Dancer: बिहार के पहले मेल बेली डांसर मानव झा ने दिल्ली के बंजारा स्कूल ऑफ डांस से विशेष प्रशिक्षण लिया है और आलोचना के बावजूद इसे अपना करियर बनाया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 28, 2020, 10:58 AM IST
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कटिहार. कहते हैं आदमी पेट के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार रहता है लेकिन पेट से जुड़ा हुआ नृत्य शैली ही अगर किसी की पहचान बन जाए तो उसे फिर आप क्या कहेंगे. कुछ ऐसी ही कहानी है बिहार के पहले मेल बेली डांसर की. बिहार के पहले मेल "बेली डांसर" मानव झा कटिहार के कुर्सेला प्रखंड कटोरिया गांव के रहने वाले हैं. मात्र दसवीं पास मानव ने इजिप्ट देश के नृत्य से जुड़े विशेष इजिप्शियन डांस शैली में महारत हासिल किया है. दिल्ली बंजारा स्कूल ऑफ डांस से विशेष प्रशिक्षण के बाद मानव अब इस कला को बिहार के साथ-साथ पूरे देश में पॉपुलर करना चाहते हैं.

किसान मनोज झा उर्फ संगम बाबा के पुत्र मानव को शुरुआती दौर से लेकर अब तक पुरुष होने के बावजूद महिलाओं के विशेष दबदबा रखने वाले इस नृत्य शैली में झुकाव के कारण कई तरह का सामाजिक ताना भी सुनना पड़ा है लेकिन इन सब से ऊपर उठ कर मानव ने अपने दृढ़ निश्चय के बल पर इसी बेली डांस को अपना कैरियर बना लिया है. मानव का लुक भी लड़की की तहर ही है, ऐसे में लोग उनके डांस को देखकर महिला-पुरूष में फर्क करने में फंस जाते हैं.

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मानव चाहते हैं कि अगर सरकार उन्हें मदद करें तो वो इसे मुकाम तक पहुंचा सकते हैं. इस नृत्य शैली के बारे में खूबियां बताते हुए मानव कहते हैं भारतीय क्लासिकल नृत्य के तरह इस नृत्य से शरीर के फिटनेस को नियंत्रण रखने में भरपूर मदद मिलता है. उन्होंने कहा कि यह एकमात्र ऐसा नित्य है जो गर्भवती महिला भी गर्भधारण के दौरान 9 माह तक कर सकती है. कुल मिलाकर किसान पिता के पुत्र मानव को अब सरकारी मदद की उम्मीद है जिससे बिहार के इस छोटे से गांव का यह होनहार युवक अपने दम पर इस विशेष नृत्य शैली के माध्यम से कला क्षेत्र में नया मुकाम हासिल कर सके

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