ननद ने दिखाई राह और मुद्रा योजना ने दी ताकत तो 'आइकॉन' बन गईं कटिहार की अनीता, पढ़ें पूरी कहानी
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ननद ने दिखाई राह और मुद्रा योजना ने दी ताकत तो 'आइकॉन' बन गईं कटिहार की अनीता, पढ़ें पूरी कहानी
कटिहार की अनीता ने मुद्रा लोन योजना के तहत महज 15 हजार रुपये का कर्ज लेकर अपने कार्य की शुरुआत की थी.

अनीता ने यह कर दिखाया है कि एक बेहतर गृहणी, बेहतर व्यवसायी भी हो सकती हैं. इसके लिए न तो उम्र कोई बाधा होती है और न ही कम शिक्षा ही कोई मुश्किल खड़ी करती है. बस सोच सकारात्मक सोच होनी चाहिए.

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कटिहार. सरकारी योजनाओं पर अक्सर सवाल उठाने वालों को कटिहार (Katihar) की अनीता शयद वह जवाब है जो न सिर्फ मिसाल है बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणादायक भी है जो कुछ बड़ा तो करना चाहता है, लेकिन कम पूंजी और कम शिक्षा जैसी बातों से घबराकर आगे कदम ही नहीं बढ़ा पाता. छोटे बैंक ऋण (Loan) से बड़ा कारोबार खड़ा करने की ओर आगे बढ़ रही दो बच्चे की मां अनीता की कहानी उन महिलाओं के लिए भी प्रेरक है जो शादी के बाद अपने दम पर कुछ भी करने या न करने के उधेड़बुन में फंसी रहती हैं.

अनीता ने यह कर दिखाया है कि एक बेहतर गृहणी, बेहतर व्यवसायी भी हो सकती हैं. इसके लिए न तो उम्र कोई बाधा होती है और न ही कम शिक्षा ही कोई मुश्किल खड़ी करती है. बस सोच सकारात्मक सोच होनी चाहिए. ऐसी ही सोच और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुद्रा योजना के सहारे रेल कर्मी नारायण कामती की पत्नी 44 साल की अनीता सफलता की नई राह पर है.

मुद्रा लोन योजना के तहत अब तक 14 करोड़ लोग से अधिक लोन ले चुके हैं.




छोटी उम्र में रेलकर्मी से शादी होने के बाद अनीता को कभी भी आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ा. मगर अपनी अलग पहचान के लिए अनीता हमेशा कशमकश में रहती थी. इसी दौरान दिल्ली में कपड़ा कारोबार से जुड़ी उनकी ननद ने उन्हें नई राह दिखाई.
महज 15 हजार रुपये से अपने कारोबार की शुरुआत की और आज बैंक के मुद्रा योजना के सहयोग से 5 लाख रुपये की पूंजी तक पहुंच गई हैं. बड़ी बात ये है की इमरजेंसी कॉलोनी के रहने वाली अनीता के इस व्यवसाय से उनके पति का कोई लेना देना नहीं है. ये शुरुआत उन्होंने मुद्रा योजना के तहत अपने नाम से लोन लेकर की.

अनीता की इच्छा है कि वह शहर में कपड़ा का एक बड़ा शो-रूम बनाए और अपने जैसी कई महिलाओं को उसमें काम दे. अनीता के पास आने वाली हर महिला उनके इस जज्बे को सलाम करती हैं. टाली पारा के विनीता कहती हैं कि अनीता घरेलू महिलाओं के लिए प्रेरक हैं कि कैसे छोटी पूंजी से खुद की पहचान बनाई जाती है.

कटिहार की अनीता ने खुद पर भरोसा किया और आज कई महिलाओं के लिए प्रेरण का बन चुकी हैं.


सेंट्रल  बैंक मिरचाई बाड़ी शाखा के मैनेजर प्रवीण कुमार कहते हैं कि वाकई में अनीता सफल मुद्रा योजना की आइकॉन हैं. एक तरफ छोटे ऋण के सहारे 44 साल की अनीता ने खुद की आर्थिक हालत बदलने के साथ -साथ अपने सामाजिक पहचान बना कर अन्य महिलाओं को प्रेरित किया है.

बता दें कि मोदी सरकार ने मुद्रा योजना की जब शुरुआत की थी तो उसके पीछे भी यही सोच थी. जाहिर है अनीता हमारे सामने इस बात की बड़ी उदाहरण बनकर हमारे सामने मौजूद हैं जो  सरकार की योजनाओ पर सवाल खड़ा न कर इन योजनाओ के सहारे खुद के दम पर ही खुद की कामयाबी की कहानी लिख रही हैं.

रिपोर्ट- सुब्रत गुहा

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